Jul 30, 2026 11:03 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान
पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में हिंसा का सिलसिला अब भी जारी है। कोटली में एक बार फिर गोलीबारी की खबर आई है, जबकि जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी ने दावा किया है कि क्षेत्रीय चुनावों के साथ शुरू हुए आंदोलन के 53 दिनों में अब तक 109 प्रदर्शनकारी मारे जा चुके हैं।

पीओके में तैनात पाकिस्तानी सेना
पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoK) में पिछले कई हफ्तों से जारी तनाव अब और बढ़ता जा रहा है। पाकिस्तानी सुरक्षा बलों और प्रतिबंधित जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के सदस्यों-कार्यकर्ताओं के बीच झड़पें फिर से तेज हो गई हैं। क्षेत्रीय चुनावों के साथ शुरू हुई यह अशांति अब 53वें दिन में पहुंच चुकी है और हिंसा का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। जेएएसी के अनुसार, आंदोलन शुरू होने के बाद से अब तक कुल 109 प्रदर्शनकारी मारे जा चुके हैं। संगठन का कहना है कि इनमें हाल के दिनों की हिंसा में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। वहीं पाकिस्तानी सरकार इन आंकड़ों को पूरी तरह खारिज कर रही है। इस्लामाबाद का दावा है कि कोई आम नागरिक नहीं मारा गया है।
दावे-प्रतिदावे के बीच ताजा मामला कोटली से सामने आया है। जेएएसी के नेता उमर नजीर कश्मीरी ने दावा किया है कि पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों पर कथित तौर पर गोलीबारी की, जिसमें एक प्रदर्शनकारी की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि फायरिंग के दौरान महिलाओं को भी निशाना बनाया गया। हालांकि यह दावा आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हो सका है।
दो महीने से विरोध प्रदर्शन
बता दें कि जेएएसी विभिन्न एक्टिविस्ट ग्रुप्स का गठबंधन है, जो पीओके विधानसभा की 12 विवादित सीटों को लेकर करीब दो महीने से विरोध-प्रदर्शन कर रहा है। संगठन का आरोप है कि पाकिस्तान सरकार इन आरक्षित सीटों में हेरफेर करके अपनी पसंद का प्रधानमंत्री बनवाती है। इन सीटों पर विवाद लंबे समय से चला आ रहा है और जेएएसी इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर हमला बता रही है। सोमवार से सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें और बढ़ गई हैं। सबसे ज्यादा हिंसा रावलकोट और मीरपुर क्षेत्रों में हुई है, जहां स्थिति सबसे अधिक तनावपूर्ण बताई जा रही है।
इससे पहले जेएएसी ने दावा किया था कि हाल के दिनों में हुई हिंसा में महिलाओं और बच्चों समेत कम से कम 37 लोग मारे गए हैं। घायलों की सही संख्या अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई है। संगठन ने एक बयान जारी कर कहा कि भारी गोलीबारी के बीच हमारे लोग शांतिपूर्वक और बिना किसी हथियार के खड़े रहे हैं। खुदा चाहेंगे तो जुल्म और अन्याय के खिलाफ हमारी शांतिपूर्ण लड़ाई जारी रहेगी। जेएएसी अपने आंदोलन को पूरी तरह अहिंसक बता रही है और सुरक्षा बलों पर अत्यधिक बल प्रयोग का आरोप लगा रही है।
क्या कह रही पाकिस्तान सरकार?
पाकिस्तान सरकार ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। आधिकारिक बयान में कहा गया है कि कोई भी आम नागरिक नहीं मारा गया है। सरकार का दावा है कि प्रतिबंधित तेहरिक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के आतंकवादी प्रदर्शनकारियों के बीच घुसपैठ कर चुके हैं। इस्लामाबाद ने साफ कहा है कि वह अपनी कार्रवाई जारी रखेगा। पाकिस्तान के गृह राज्य मंत्री तलाल चौधरी ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि हम प्रदर्शनकारियों से कोई बात नहीं करेंगे। कानून अपना काम करेगा।
