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सीख—गृहलक्ष्मी की कहानियां
Short Story in Hindi: मानव एक सरल स्वभाव का कर्मठ व्यक्ति था. बहुत मेहनत करके रुपए कमाता और परिवार में सब पर खूब रूपए लूटाता....
31 Jul 2026 21:00 IST
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Short Story in Hindi: मानव एक सरल स्वभाव का कर्मठ व्यक्ति था. बहुत मेहनत करके रुपए कमाता और परिवार में सब पर खूब रूपए लूटाता. भाई के बच्चों को भी अपने बच्चों की तरह प्यार करता. सबकी ख्वाहिशें पूरी करता. बच्चे भी उसपर खूब प्यार लूटाते.
मानव की पत्नी उसे भविष्य के लिए कुछ पैसे जमा करने को कहती तो वह कहता-"मेरे भाई हैं न. वे हमेशा मेरे साथ रहेंगे. जब भी मुझे पैसों की जरूरत पड़ेगी मैं उनसे मांग लूंगा. वे मुझे पैसे देने से कभी मना नहीं करेंगे."
पत्नी भी चुप हो जाती.
एकबार मानव को बेटे के स्कूल में फीस के अलावे कुछ अतिरिक्त पैसे जमा करने थे. स्कूल वाले बच्चों को समर कैंप में ले जा रहे थे. मानव के पास पैसे नहीं थे. वह भाई से पैसे मांगने गया तो भाई ने कई मजबूरियां गिना कर पैसे देने से मना कर दिया. मानव बहुत आहत हुआ.
पत्नी ने सहेली से पैसे लेकर मानव को दिया तो बच्चे की स्कूल में वह समय पर पैसा जमा करवा सका.
दो दिनों बाद भाभी ने सोने का चेन मानव की पत्नी को दिखाते हुए कहा कि ये मेरे बर्थडे का गिफ्ट पति ने दिया है. मानव की पत्नी ने मुस्कुरा दिया और मानव की आँखों में आँसू भर आए. बहुत चतुराई से उसने अपने दुख छिपा लिए और जबरदस्ती मुस्कुराने की कोशिश करने लगा.
बहुत दिनों तक मानव भाई के व्यवहार से परेशान रहा. वह अक्सर सोचता, "जिस बड़े भाई पर वह इतना विश्वास किया कि दुख सुख में वे हमेशा साथ रहेंगे. आज एक छोटी सी परेशानी आने पर उन्होंने उसका साथ नहीं दिया."
अब उसे पत्नी की बात समझ में आने लगी. उसे भी फिजूलखर्ची बंद करके कुछ पैसे भविष्य के लिए जमा करने चाहिए ताकि समय आने पर किसी के आगे हाथ न फैलाना पड़े.
एक छोटी सी घटना ने मानव को सिखाया कि रिश्तों को प्यार से सींचो पर अपना भविष्य दांव पर लगाकर नहीं.
"परिवार में तो ये सब चलता रहता है." ये सब सोचकर मन की कलुषता को मिटाने की कोशिश करने लगा. पर भविष्य के लिए पैसे जोड़ने की भी सीख उसे मिल गई.
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