'बुर्के वाली बेटी ने ऐसा नहीं किया', कंगना रनौत ने क्यों कहा ऐसा? हिंदू लड़कियों पर भी दे डाला बड़ा बयान
Published: Saturday, August 1, 2026, 20:49 [IST]
जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन के बाद शुरू हुआ विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करने वाली 15 साल की लड़की के माफी मांगने के बाद बीजेपी सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत का बयान सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में है।
कंगना ने इस पूरे मामले को सिर्फ एक लड़की की गलती नहीं, बल्कि बच्चों की राजनीतिक सोच और समाज की जिम्मेदारी से जोड़कर देखा। उनके बयान में 'बुर्का' और 'हिंदू लड़कियों' का जिक्र भी था, जिसके बाद इस पर नई बहस शुरू हो गई।
कंगना ने आखिर क्या कहा?
कंगना रनौत ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर उस लड़की के माफी वाले वीडियो का स्क्रीनशॉट शेयर किया। उन्होंने लिखा कि लड़की खुद बता रही है कि उसने पहले कभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कोई पोस्ट नहीं किया था, लेकिन उस दिन दोस्तों के साथ प्रदर्शन स्थल पहुंची और वहां मौजूद लोगों के कहने पर बहक गई।
कंगना ने लिखा,
''ये मुश्किल से 15 साल की है, ये खुद बोल रही है कि उसने अपनी पूरी जिंदगी में मोदी जी के खिलाफ कभी कुछ पोस्ट नहीं किया, लेकिन उस दिन उसके दोस्त उसे वहां ले गए और लोगों ने उसे गाली देने के लिए उकसाया। बच्चों को ऐसी विचारधाराओं से बचाने की जरूरत है जो उन्हें नफरत और उकसावे की तरफ ले जाती हैं। माता-पिता को अपने बच्चों पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए, ताकि वे गलत दिशा में न जाएं। आप सबको अपने बच्चों को बुरी फेमिनैजी (evil feminazi) और राक्षसी लेफ्टिस्ट (demonic leftists) से बचाना होगा।''

'बुर्के वाली बेटी' वाली टिप्पणी पर क्यों मचा बवाल?
कंगना ने इसी स्टोरी में आगे जो लिखा, सबसे ज्यादा चर्चा उस टिप्पणी को लेकर हो रही है। कंगना ने लिखा कि स्कार्फ या बुर्का पहनने वाली किसी लड़की ने ऐसा व्यवहार नहीं किया।
कंगना ने लिखा,
"आप लोग खुद गौर कीजिए स्कार्फ/बुर्का पहनने वाली एक भी बेटी ने भौंडा प्रदर्शन नहीं किया लेकिन हमारी बेटियों को आसानी से बहकाया जा सकता है, आखिर ऐसा क्यों है? एक समुदाय के तौर पर हम कहीं न कहीं नाकाम हो रहे हैं, हमें आत्म-मंथन करना होगा, हमें अपनी बेटियों की रक्षा करनी होगी।''
हालांकि कंगना ने बाद में स्टोरी से स्कार्फ या बुर्का वाला हिस्सा हटा दिया है। लेकिन कंगना की स्टोरी का स्क्रीनशॉट पहले ही वायरल हो गया। यही टिप्पणी सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा वायरल हो रही है। कई लोग इसे समर्थन दे रहे हैं, जबकि कई यूजर्स इसकी आलोचना भी कर रहे हैं।
माफी वाले वीडियो में लड़की ने क्या कहा?
पूरा विवाद उस वीडियो के बाद और बढ़ गया, जिसमें संबंधित लड़की ने नोएडा में FIR दर्ज होने के बाद हाथ जोड़कर माफी मांगी। वीडियो में उसने दावा किया कि वह सिर्फ 15 साल की है। उसने कहा कि वह दोस्तों के साथ कनॉट प्लेस घूमने गई थी। उसी दौरान जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन में पहुंच गई और वहां मौजूद लोगों के उकसावे में आकर आपत्तिजनक नारे लगा दिए।
लड़की ने कहा, "जो कुछ मैंने कहा, वह मेरी अपनी सोच नहीं थी। भीड़ के माहौल में मुझसे बड़ी गलती हो गई। मुझे अपने शब्दों पर अफसोस है और मैं इसके लिए माफी मांगती हूं।" हालांकि इस मामले में दर्ज एफआईआर में लड़की की उम्र 25 वर्ष बताई गई है, जबकि वायरल माफी वाले वीडियो में वह खुद को 15 साल की बता रही है। यही अंतर भी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
FIR पर अभिजीत दीपके ने क्या कहा?
मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके ने सरकार को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अगर प्रदर्शन में शामिल छात्रों के खिलाफ दर्ज मामले वापस नहीं लिए गए, तो आंदोलन दोबारा शुरू किया जाएगा। उनका दावा था कि अगला चरण पहले से बड़ा और ज्यादा व्यापक होगा। उन्होंने कहा, "छात्रों पर दर्ज केस वापस होने चाहिए। अगर ऐसा नहीं हुआ तो आंदोलन फिर शुरू होगा और इस बार विरोध पहले से ज्यादा बड़ा होगा।"
पीएम नरेंद्र मोदी जंतर-मंतर ऐसी अभ्रद टिप्पणी करने वालों क्या कहा?
इस पूरे विवाद के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इंस्टाग्राम पर एक वीडियो संदेश जारी किया। उन्होंने प्रदर्शन के दौरान इस्तेमाल हुई भाषा पर दुख जताया, लेकिन साथ ही लोगों से अपील की कि गुस्से में आकर युवाओं को सिर्फ सजा देने की बात न करें।
पीएम मोदी ने कहा, "बच्चों से गलती हो सकती है। उन्हें हमेशा दंड देने के बजाय सही रास्ता दिखाना ज्यादा जरूरी है। मेरे मन में किसी के लिए बदले की भावना नहीं है, बल्कि सुधार की सोच है।" पीएम मोदी ने यह भी कहा कि विरोध के दौरान उनकी दिवंगत मां के लिए भी अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया, जिससे उन्हें दुख पहुंचा। फिर भी उन्होंने कहा कि समाज को गुमराह हुए युवाओं को अपनाना चाहिए।
अपने संदेश में पीएम मोदी ने एक उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा कि कई बार दांत से जीभ कट जाती है और खून भी निकल आता है, लेकिन कोई अपने दांत नहीं तोड़ता। क्योंकि दोनों अपने ही शरीर का हिस्सा हैं। उसी तरह युवा भी समाज का हिस्सा हैं और उन्हें सही दिशा दिखाना सबकी जिम्मेदारी है। उन्होंने बोला, "गुस्से से ज्यादा असर समझाने और मार्गदर्शन का होता है। हमारे युवा हमारे अपने हैं, इसलिए उन्हें छोड़ना नहीं, संभालना चाहिए।"