'मुंह दिखाने लायक नहीं रहोगे...': भाई वीरेंद्र और शक्ति यादव के बीच छिड़ी जंग, राजद में घमासान तेज
बांकीपुर उपचुनाव में हार के बाद राजद में घमासान मच गया है। विधायक भाई वीरेंद्र और प्रवक्ता शक्ति यादव आमने-सामने आ गए हैं। भाई वीरेंद्र ने शक्ति यादव को चेतावनी देते हुए उनकी पोल खोलने की बात कही है।
आरजेडी विधायक भाई वीरेंद्र ने अपने ही पार्टी के प्रवक्ता शक्ति यादव पर जमकर हमला बोला है।
- Published: 05 Aug 2026, 02:37 PM IST
- Last Updated: 05 Aug 2026, 02:37 PM IST
Bhai Virendra vs Shakti Yadav: बिहार की हॉट सीट बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में मिली करारी हार के बाद राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के भीतर मंथन की बजाय अब आंतरिक कलह और घमासान खुलकर सामने आ गया है। इस विवाद के केंद्र में पार्टी के दो दिग्गज- तेजस्वी यादव के करीबी विधायक भाई वीरेंद्र और राजद के प्रमुख प्रवक्ता शक्ति यादव आमने-सामने हैं।
उपचुनाव के नतीजों के बाद से ही पार्टी के भीतर एक-दूसरे पर ठीकरा फोड़ने का सिलसिला शुरू हो चुका है, जो अब व्यक्तिगत बयानों और तीखी चेतावनियों तक पहुंच गया है।
भाई वीरेंद्र ने उठाए थे तेजस्वी के करीबियों पर सवाल
विवाद की शुरुआत तब हुई जब मंगलवार को मनेर विधानसभा सीट से विधायक भाई वीरेंद्र ने पार्टी संगठन की कमजोरी पर सवाल उठाए। उन्होंने सीधे तौर पर बयान दिया था कि जिन लोगों पर पार्टी भरोसा करती है, उनका जमीन पर कोई वजूद ही नहीं है।
भाई वीरेंद्र ने आरोप लगाया था कि कई ऐसे चेहरे हैं जो पार्टी नेता के आसपास बैठते हैं और असंसदीय भाषा का इस्तेमाल करते हैं। इसी बयान पर जब प्रवक्ता शक्ति यादव ने पलटवार करते हुए भाई वीरेंद्र से यह पूछ लिया था कि उन्होंने पार्टी के लिए क्या किया है, तो भाई वीरेंद्र बुरी तरह भड़क उठे।
'खामोश रहो, तुम्हारी करतूतें सार्वजनिक कर दूंगा' - भाई वीरेंद्र
शक्ति यादव के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए विधायक भाई वीरेंद्र ने बेहद आक्रामक रुख अपनाया और उन्हें खामोश रहने की कड़ी हिदायत दी।
भाई वीरेंद्र ने तल्ख लहजे में कहा, ‘खामोश! भाई वीरेंद्र लोकदल का आदमी रहा है। जब राजनीति में तुम्हारी कोई पैदाइश नहीं थी, भाई वीरेंद्र उस समय से राजनीति करता है। साल 2010 में भी भाई वीरेंद्र विधायक था, कई लोग बदल गए पर भाई वीरेंद्र नहीं बदला।’
उन्होंने चेतावनी देते हुए आगे कहा कि साल 2026 में पार्टी के पास 25 विधायक हैं, लेकिन यदि उन्होंने शक्ति यादव की करतूतों को सार्वजनिक कर दिया, तो वह किसी को मुंह दिखाने लायक नहीं बचेंगे। इसलिए उन्हें शांत ही रहना चाहिए।
भाई वीरेंद्र बोले- हमारा लक्ष्य तेजस्वी को मुख्यमंत्री बनाना है
भाई वीरेंद्र ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि वह केवल तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री बनाने के लिए राजनीति कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग सिर्फ तेजस्वी का चेहरा आगे रखकर लोगों से वसूली करने का काम करते हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि लालू प्रसाद यादव उनके आदरणीय नेता हैं और उन्होंने ही तेजस्वी यादव को कमान सौंपी है। भाई वीरेंद्र ने कहा कि वह लालू और तेजस्वी के सिपाही हैं, किसी ऐसे व्यक्ति के साथ नहीं जो गलत गतिविधियों में लिप्त रहे हों। उन्होंने शक्ति यादव को चेतावनी दी कि वह अपनी हैसियत और होश-हवास में रहें, क्योंकि उनके पास सबकी जानकारी है।
शक्ति यादव ने क्या कहा था?
इससे पहले, भाई वीरेंद्र के बयानों पर पलटवार करते हुए राजद प्रवक्ता शक्ति यादव ने तीखा रुख अपनाया था। उन्होंने कहा था कि राजद अभी विपक्ष की भूमिका में है और पार्टी अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन कर रही है।
शक्ति यादव ने सवाल उठाया था कि जो विधायक यह सब बोल रहे हैं, असल में उन्होंने पार्टी के लिए क्या किया है? उन्होंने कहा था कि सबको पार्टी हित में काम करना चाहिए और किसी को भी भ्रम में नहीं रहना चाहिए। शक्ति यादव ने यह भी तंज कसा था कि जब जेन जी (Gen Z) के लोग प्रदर्शन कर रहे थे, तब ऐसे नेताओं की कोई भूमिका नहीं थी। अब इस जुबानी जंग ने राजद की अंदरूनी कलह को पूरी तरह से उजागर कर दिया है।