पीएम मोदी के विदेश दौरे पर कितना खर्च होता है? सरकार ने पाई-पाई की रिपोर्ट दी

पीएम मोदी के विदेशी दौरों पर कितने रुपये खर्च हुए

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेश दौरों पर कितना खर्च होता है, यह सवाल अक्सर राजनीतिक बहस का हिस्सा बनता है. अब सरकार ने राज्यसभा में साल 2021 से 2026 (जुलाई तक) के सभी विदेश दौरों का पूरा हिसाब सार्वजनिक किया है. विदेश राज्य मंत्री शाबिस्ता पबित्र मार्घेरिटा ने लिखित जवाब में बताया कि किस साल किन देशों का दौरा हुआ, हर यात्रा पर कितना खर्च आया और उन दौरों के दौरान कितने अहम समझौते हुए.

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 2021 से अब तक पीएम मोदी की विदेश यात्राओं पर करीब 557 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं. हालांकि सरकार ने यह भी साफ किया है कि कुछ यात्राओं के बिलों का भुगतान अभी बाकी है, इसलिए अंतिम रकम में आगे बदलाव हो सकता है.

किस साल कितने रुपये हुए खर्च

  1. 2021- सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, 2021 में प्रधानमंत्री ने बांग्लादेश, अमेरिका, इटली और ब्रिटेन का दौरा किया. इन यात्राओं पर करीब 36.12 करोड़ रुपये खर्च हुए. सबसे ज्यादा खर्च 22-26 सितंबर की अमेरिका यात्रा पर हुआ, जिस पर 19.63 करोड़ रुपये लगे.
  2. 2022- 2022 में पीएम जर्मनी, डेनमार्क, फ्रांस, नेपाल, जापान (दो बार), उज्बेकिस्तान, यूएई और इंडोनेशिया की यात्राओं पर गए. जहां पर कुल 55.83 करोड़ रुपये खर्च हुए. इस साल जर्मनी की जून यात्रा सबसे महंगी रही, जिस पर 14.47 करोड़ रुपये खर्च हुए.
  3. 2023- इस साल पीएम जापान, ऑस्ट्रेलिया, पापुआ न्यू गिनी, अमेरिका, मिस्र, फ्रांस, यूएई, दक्षिण अफ्रीका, ग्रीस और इंडोनेशिया समेत कई देशों के दौरे पर गए. इन पर कुल 93.63 करोड़ रुपये खर्च हुए. सबसे ज्यादा खर्च अमेरिका की जून यात्रा पर हुआ, जो 22.89 करोड़ रुपये रहा.

Har Saal Kitna Kharch Hua

  1. 2024- यूएई, कतर, भूटान, इटली, रूस, ऑस्ट्रिया, पोलैंड, यूक्रेन, ब्रुनेई, सिंगापुर, अमेरिका, लाओस, नाइजीरिया, ब्राजील, गुयाना और कुवैत की पीएम की यात्राओं पर करीब 109.51 करोड़ रुपये खर्च हुए. रूस की दो यात्राओं पर मिलाकर 16 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च आया, जबकि सितंबर की अमेरिका यात्रा पर 15.33 करोड़ रुपये खर्च हुए.
  2. 2025- इस साल पीएम मोदी ने सबसे ज्यादा देशों का दौरा किया. फ्रांस, अमेरिका, मॉरीशस, थाईलैंड, श्रीलंका, सऊदी अरब, कनाडा, ब्राजील, ब्रिटेन, मालदीव, चीन, जापान, दक्षिण अफ्रीका और कई अन्य देशों की यात्राओं पर कुल 187.83 करोड़ रुपये खर्च हुए. यह अब तक का सबसे ज्यादा सालाना खर्च रहा. सबसे महंगी फ्रांस यात्रा रही, जिस पर 25.59 करोड़ रुपये खर्च हुए.
  3. 2026- 2026 में जुलाई तक मलेशिया, इजराइल, यूएई, नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे, इटली, स्लोवाकिया, सेशेल्स, इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की यात्राओं पर अब तक 74.59 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं. सरकार ने कहा कि कुछ यात्राओं के बिल अभी बाकी हैं और फ्रांस की जून 2026 यात्रा का खर्च अभी जोड़ा नहीं गया है.

पुराने दौरों से तुलना

सरकार ने पुराने संसद में रिकॉर्ड भी साझा किए. इनके मुताबिक 2011 में अमेरिका यात्रा पर 10.74 करोड़ रुपये और फ्रांस यात्रा पर 8.33 करोड़ रुपये खर्च हुए थे. वहीं 2013 में रूस यात्रा पर 9.95 करोड़ रुपये और जर्मनी यात्रा पर 6.02 करोड़ रुपये खर्च हुए थे. सरकार का कहना है कि ये वास्तविक खर्च हैं, इनमें महंगाई या डॉलर-रुपये की विनिमय दर का कोई समायोजन नहीं किया गया है.

Benefits From Tour

समझौते और निवेश

सरकार के मुताबिक, प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं का मकसद दूसरे देशों के साथ रिश्ते मजबूत करना और व्यापार, निवेश, रक्षा, तकनीक, ऊर्जा व इनोवेशन जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना है. जुलाई 2021 से अब तक इन दौरों के दौरानसैकड़ों एमओयू (MoU) पर हस्ताक्षर हुए हैं. इनमें फ्रांस, यूएई, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी, जापान, इंडोनेशिया, ब्राजील, नीदरलैंड, इजराइल और सेशेल्स जैसे देशों के साथ अंतरिक्ष, स्वास्थ्य, कृषि, यूपीआई, रक्षा, सेमीकंडक्टर और रिन्यूएबल एनर्जी से जुड़े समझौते शामिल हैं. सरकार ने यह भी बताया किअप्रैल 2021 से दिसंबर 2025 के बीच भारत को 381.8 अरब डॉलर का एफडीआई (FDI) मिला. सरकार के जवाब के मुताबिक, 2021 से 2026 (जुलाई तक) पीएम मोदी की विदेश यात्राओं पर कुल खर्च करीब 557 करोड़ रुपये रहा है. हालांकि कुछ यात्राओं के अंतिम बिल आने के बाद यह आंकड़ा और बढ़ सकता है.

अविनीश कुमार मिश्रा

अविनीश कुमार मिश्रा

भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद वर्ष 2019 से पत्रकारिता के पेशे में सक्रिय. राजनीतिक, सुप्रीम कोर्ट और विदेश मामलों की खबरों को कहानी के रूप में पेश करने में विशेषज्ञता. खबरें कहीं भी हों, उन्हें खोज निकालने में माहिर. टीवी9 भारतवर्ष से पहले एबीपी न्यूज़, दैनिक भास्कर और प्रभात खबर में काम किया. इस दौरान देश के दो आम चुनावों के साथ-साथ बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और झारखंड के विधानसभा चुनाव कवर किए. बिहार के मधुबनी जिले का रहने वाला हूं.

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