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क्या जेट ईंधन में भी मिलाया जा रहा है एथेनॉल? तमाम दावों के बीच सरकार का आया बयान
- Edited by: नितिन अरोड़ा
- Updated Aug 6, 2026, 03:37 PM IST
Ethanol Blending in Aviation Turbine Fuel False Claim: नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने ATF में एथेनॉल मिलाने की खबरों को झूठा और गैर-जिम्मेदाराना बताया। कहा- SAF और एथेनॉल पूरी तरह अलग हैं, यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि।
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क्या जेट ईंधन में भी मिलाया जा रहा है एथेनॉल? तमाम दावों के बीच सरकार का आया बयान
Ram Mohan Naidu Statement: केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापू ने जेट ईंधन यानी एविऐशन टरबाइन फ्यूल (ATF) में एथेनॉल मिलाने की सरकार की योजनाओं से जुड़ी खबरों और दावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया है कि सरकार के पास ऐसा कोई प्रस्ताव विचारधीन नहीं है और इस तरह की भ्रामक खबरें फैलाना पूरी तरह से गैर-जिम्मेदाराना है। उन्होंने हवाई यात्रियों को आश्वस्त किया कि यात्रियों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
एथेनॉल और SAF में जमीन-आसमान का अंतर
नागरिक उड्डयन मंत्री ने आम जनता और मीडिया से अपील की है कि एथेनॉल और सस्टेनेबल एविऐशन फ्यूल (SAF) को एक समझने की भूल न करें। मुख्य अंतर और स्पष्टीकरण:
दोनों पूरी तरह अलग: केंद्रीय मंत्री ने जोर देकर कहा कि एथेनॉल और सस्टेनेबल एविऐशन फ्यूल (SAF) दो बिल्कुल अलग चीजें हैं और इन्हें आपस में मिलाकर भ्रम पैदा नहीं किया जाना चाहिए।
अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरा: SAF एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रमाणित विमानन ईंधन है, जिसे अंतर्राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) द्वारा मान्यता प्राप्त है और वैश्विक स्तर पर अपनाया गया है।
कड़े सुरक्षा परीक्षण: विमानन क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाला SAF बेहद कड़े सुरक्षा और गुणवत्ता परीक्षणों से गुजरता है और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों को पूरा करता है।
'अनर्गल अफवाहों से यात्रियों में बेवजह न फैलाएं डर'
विमानन सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर चल रही भ्रामक चर्चाओं पर विराम लगाते हुए केंद्रीय मंत्री ने कड़ा रुख अपनाया। राम मोहन नायडू ने कहा कि एविऐशन सेफ्टी को लेकर गलत जानकारी फैलाने से केवल हवाई यात्रियों के मन में अनावश्यक चिंता और डर पैदा होता है। उन्होंने दोहराया कि सरकार के लिए विमानन क्षेत्र की सुरक्षा और यात्रियों की जान-माल की रक्षा से बढ़कर कोई दूसरी प्राथमिकता नहीं है।
बता दें कि विमानन जैसे संवेदनशील क्षेत्र में वैज्ञानिक तथ्यों और आधिकारिक बयानों के बिना फैलाई जाने वाली खबरें यात्रियों में असुरक्षा की भावना पैदा करती हैं। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि विमानन सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
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नितिन अरोड़ाauthor
नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।
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