'कॉकरोच जितना असरदार नहीं रहा कांग्रेस का प्रदर्शन' शशि थरूर ने फिर उठाए अपनी पार्टी पर सवाल

Aug 08, 2026 09:41 am ISTलाइव हिन्दुस्तान

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मुंबई में 'इंडियाज इंटरनेशनल मूवमेंट टू यूनाइट नेशंस' (IIMUN) की 15वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित एक संवाद कार्यक्रम में थरूर ने पार्टी के लिए आत्ममंथन की जरूरत पर जोर दिया।

Shashi Tharoor Rahul gandhi Congress Chhatron ki Goonj was not effective as CJP Protest

शशि थरूर ने फिर उठाए कांग्रेस पार्टी पर सवाल

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद शशि थरूर ने शुक्रवार को स्वीकार किया कि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की तरफ से हाल ही में हुए छात्र प्रदर्शनों में उठाए गए मुद्दे कांग्रेस के छात्र आउटरीच कार्यक्रम 'छात्रों की गूंज' का ही हिस्सा थे। हालांकि, उन्होंने बेबाकी से माना कि कांग्रेस का अभियान युवाओं और Gen Z के बीच वैसी गूंज या प्रतिक्रिया हासिल करने में नाकाम रहा, जैसी CJP के प्रदर्शन को मिली।

मुंबई में 'इंडियाज इंटरनेशनल मूवमेंट टू यूनाइट नेशंस' (IIMUN) की 15वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित एक संवाद कार्यक्रम में थरूर ने पार्टी के लिए आत्ममंथन की जरूरत पर जोर दिया।

क्या हम Gen-Z की नब्ज पकड़ने में चूक गए?

जंतर-मंतर पर हुए CJP के प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा, "CJP ने जंतर-मंतर पर जिन मुद्दों को उठाया, उन्हें हम बहुत पहले ही उठा चुके थे। हमारा 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम चल रहा था, जिसके तहत राहुल गांधी खुद पेपर लीक के मुद्दों पर छात्रों को संबोधित कर रहे थे। लेकिन हमें खुद से यह सवाल पूछना होगा- हमसे कहां चूक हुई? क्या हम छात्रों को ठीक से सुन नहीं पाए? क्या Gen Z की नब्ज पर हमारी पकड़ ढीली रह गई थी?"

नीट-यूजी 2026 विवाद और 'Gen Z' आंदोलन

नीट-यूजी 2026 परीक्षा में हुई कथित धांधली और पेपर लीक के बाद CJP ने 20 जून से जंतर-मंतर पर बड़ा आंदोलन शुरू किया था। छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और जवाबदेही की मांग की थी।

यह आंदोलन तब और बड़ा हो गया जब जलवायु कार्यकर्ता और शिक्षाविद् सोनम वांगचुक छात्रों के समर्थन में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए।

CJP ने 20 जुलाई को 'संसद मार्च' का आह्वान किया था।

मार्च से कुछ दिन पहले सोनम वांगचुक को धरना स्थल से हटा दिया गया। 20 जुलाई को प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस बल प्रयोग किया गया, जिसे लेकर विपक्ष ने संसद तक में सरकार का घेराव किया।

कांग्रेस का 'छात्रों की गूंज' अभियान

पेपर लीक के मुद्दे पर सबसे पहले आवाज उठाने वालों में कांग्रेस का छात्र संगठन एनएसयूआई (NSUI) शामिल था। मई 2026 में परीक्षा रद्द होने के बाद एनएसयूआई ने दिल्ली में बड़ा विरोध प्रदर्शन किया था।

इसके बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने 17 जून को राजस्थान के कोटा से 'छात्रों की गूंज' अभियान की शुरुआत की थी।

  • कोटा: राहुल गांधी ने कोचिंग हब कोटा में छात्रों के सपनों के शोषण को उजागर किया।
  • देहरादून: उत्तराखंड में धांधली और पेपर लीक के तंत्र पर सवाल उठाए।
  • प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में युवाओं के सामने खड़े बेरोजगारी के संकट को रेखांकित किया।

राहुल गांधी ने कहा था कि देश का युवा इस व्यवस्था के खिलाफ खड़ा हो चुका है और कांग्रेस उनकी आवाज को देश के कोने-कोने तक पहुंचाएगी। इसके बावजूद शशि थरूर के इस बयान ने यह बहस छेड़ दी है कि मुख्य विपक्षी दल युवाओं और नए दौर के प्रदर्शनकारियों से सीधे जुड़ने के रणनीतिक तरीके खोज रहा है।