छठ पर घर जाना होगा आसान, ट्रेन में जनरल और स्लीपर डिब्बे बढ़ाने जा रहा रेलवे
Aug 09, 2026 11:46 am ISTहिन्दुस्तान टीम
Indian Railways: भारतीय रेलवे ने ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों के लिए राहत भरी खबर दी है। रेलवे जल्द ही लगभग 3,200 किमी लंबी दूरी की मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों की संरचना के नए मानक लागू करने जा रहा है। इसके तहत अब सभी ट्रेन में स्लीपर और जनरल डिब्बों की न्यूनतम संख्या अनिवार्य रूप से तय होगी

छठ पूजा पर घर जाना होगा आसान, रेलवे ट्रेन्स में बढ़ा रहा डिब्बे
Indian Railways news Chhat pooja: छठ और अन्य त्योहारों के मौके पर बिहार और देश के अन्य इलाकों में घर जाने वाले लोगों के लिए राहत भरी खबर है। लोगों को भीड़भाड़ से बचाने के लिए भारतीय रेलवे अब ट्रेन के डिब्बे बढ़ाने की योजना पर काम कर रही है। भारतीय रेलवे अब मेल और एक्सप्रेस ट्रेन को एलएचबी प्लेटफॉर्म की मानक क्षमता यानी की 24 कोच तक विस्तारित किया जाएगा। इस फैसले के बाद किसी ट्रेन में कम से कम छह से आठ स्लीपर और चार जनरल डिब्बे अनिवार्य होंगे। हर दिन करोड़ों लोगों के लिए सफर का साथी बनने वाली भारतीय रेल की यह पहल लाभ उन लोगों को होगा, जो जनरल टिकट लेकर यात्रा करते हैं। क्योंकि अभी तक सामान्यतः एक ट्रेन में जनरल के दो डिब्बे होते हैं। लेकिन रेलवे इनकी संख्या बढ़ाकर चार करने वाला है।
हिन्दुस्तान की टीम की रिपोर्ट के मुताबिक, इस बदलाव के लिए रेलवे जल्द ही लगभग 3,200 किमी लंबी दूरी की मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों की संरचना के नए मानक लागू करने जा रहा है। इसके तहत अब सभी ट्रेन में स्लीपर और जनरल डिब्बों की न्यूनतम संख्या अनिवार्य रूप से तय होगी। ट्रेन को 24 डिब्बों के मानक एलएचबी रेक में बदलकर अतिरिक्त कोच जोड़े जाएंगे। इससे देशभर में सालाना 32 से 36 करोड़ अतिरिक्त यात्री आसानी से सफर कर सकेंगे।
देश के व्यस्ततम ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों को होगा फायदा
भारतीय रेलवे के इस फैसले का असर सबसे ज्यादा त्योहारों के समय घरों को लौटने वाले प्रवासियों को होगा। दिल्ली, मुंबई और अन्य शहरों में काम करने वाले लोग हर साल भीड़ भाड़ से परेशान होकर ट्रेन का सफर करते हैं। लंबी दूरी और भीड़भाड़ से लोगों का काफी परेशानी होती है।
रेलवे के मुताबिक इस फैसले का असर देश के सबसे व्यस्ततम ट्रेन्स वैशाली एक्सप्रेस, श्रमजीवी एक्सप्रेस, बिहार संपर्क क्रांति, पुरुषोत्तम एक्सप्रेस, मगध एक्सप्रेस और अवध-असम एक्सप्रेस में तुरंत अतिरिक्त डिब्बे जोड़े जाएंगे। इससे दिल्ली, सूरत, अहमदाबाद, पुणे और चेन्नई से घर लौटने वाले यात्रियों को वेटिंग लिस्ट से बड़ी राहत मिलेगी। अभी तक इन रास्तों पर टिकट मिलना एक टेड़ी खीर साबित होता था।
तेजी के साथ हो रहा नए डिब्बों का निर्माण
रेलवे बोर्ड के एक अधिकारी ने बताया कि वर्तमान में अधिकांश मेल-एक्सप्रेस ट्रेन में 18 से 22 कोच होते हैं, जिनमें स्लीपर के मात्र चार से छह और जनरल के दो से तीन डिब्बे ही लगे होते हैं। इसके लिए नॉन-एसी डिब्बों का निर्माण युद्धस्तर पर चल रहा है। अब ऐसी ट्रेन्स में भीड़ की स्थिति में अतिरिक्त डिब्बे जोड़ने की भी व्यवस्था होगी।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक आने वाले वित्त वर्ष 2025-26 में 9,640 नए नॉन एसी डिब्बों का निर्माण होगा । इसमें डिब्बे 5,455 जनरल और करीब 4,185 स्लीपर डिब्बे तैयार किए जाएंगे। 4,838 कोच (2,817 जनरल 2,021 स्लीपर) का उत्पादन किया जा चुका और शेष डिब्बे बनाए जा रहे हैं।
