सीकर जिले के‌ राजपूत समाज ने BJP से नाराजगी जताई है। राजपूत सभा की जिला इकाई की मंगलवार को हुई बैठक में समाज के लोगों ने सीकर भाजपा जिलाध्यक्ष पर राजपूत समाज के वरिष्ठ नेताओं की उपेक्षा का आरोप लगाया। राजपूत सभा की बैठक में अध्यक्ष रामसिंह पिपराली ने

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राजपूत समाज के जिला महामंत्री गजेंद्र सिंह राजावास ने कहा- सीकर जिले में हमेशा से BJP संगठन में राजपूत समाज को उचित पद मिलता रहा है। पहले जिला कार्यकारिणी में राजपूत समाज से कम से कम एक महामंत्री बनाया जाता था। वर्तमान जिलाध्यक्ष ने पदभार संभालने के बाद और मंडल अध्यक्षों की घोषणा के बाद कार्यकारिणी विस्तार में पहली बार समाज से किसी को महामंत्री नहीं बनाया।

पद खाली होने के बाद भी किया ट्रांसफर

राजपूत सभा की महिला विंग अध्यक्ष बीनू शेखावत ने कहा- लक्ष्मणगढ़ तहसील के बाटड़ानाऊ गांव का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि लक्ष्मणगढ़ में पद खाली होने के बावजूद तहसील के एकमात्र राजपूत पटवारी का द्वेषतापूर्ण रवैये से नीमकाथाना ट्रांसफर कर दिया गया।

समाज के सज्जन सिंह चिड़ासरा ने‌ कहा- नाराजगी का सबसे बड़ा कारण हाल ही गठित जन अभाव अभियोग निराकरण समितियां हैं। जिला स्तरीय 10 सदस्यीय समिति में समाज का एक भी प्रतिनिधि शामिल नहीं किया गया। यही स्थिति उपखंड स्तरीय समितियों की है, जहां कुल 49 सदस्यों में से राजपूत समाज के एक भी कार्यकर्ता को स्थान नहीं मिला।

सूची बनाने से पहले नहीं ली राय

अमर सिंह दीनवा ने कहा- सोशल मीडिया पर शेयर हो रही लक्ष्मणगढ़, रींगस और रामगढ़ शेखावाटी की सूचियों को लेकर जब राजपूत सभा के प्रतिनिधियों ने पूर्व विधायकों, पूर्व लोकसभा प्रत्याशियों और क्षेत्रीय महामंत्री से बात की तो सामने आया कि इन सूचियों को बनाने में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और जनप्रतिनिधियों से राय तक नहीं ली गई।

जिलाध्यक्ष को हटाने की मांग

राजपूत सभा ने कहा- यदि जिलाध्यक्ष को पदमुक्त नहीं किया गया। विवादित सूचियों को रद्द नहीं किया गया और आगामी सूचियों पर रोक नहीं लगाई गई तो राजपूत समाज BJP के खिलाफ कड़ा रुख अपनाएगा। समाज के नेताओं को संगठन में उचित प्रतिनिधित्व न मिलने पर आने वाले नगर निकाय और पंचायत चुनाव में भाजपा को इसके गंभीर राजनीतिक परिणाम भुगतने पड़ेंगे। इस मौके पर हेम सिंह धमोरा, तेज सिंह बगड़ी, भवानी सिंह सामी, बाल सिंह मुड़वारा, गिरधारी सिंह हीरना, भवानी सिंह, विश्वदीप सिंह नरुका और जैनेंद्र सिंह ठिमोली समेत राजपूत समाज के लोग मौजूद थे।