टाटा का असली बॉस कौन, किसका है कितना कंट्रोल, समझें मैनेजमेंट का स्ट्रक्चर

Aug 13, 2026 10:47 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान

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मुख्य बातें

  • टाटा संस की करीब 66 फीसदी हिस्सेदारी परोपकारी ट्रस्टों के पास है
  • टाटा संस के सबसे बड़े शेयरधारकों में सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट (SDTT) और सर रतन टाटा ट्रस्ट (SRTT) शामिल हैं
tata group

टाटा में ट्रस्ट्स की है अहम भूमिका

नमक से सॉफ्टवेयर तक बनाने वाले टाटा समूह के मैनेजमेंट में एक बड़ा इस्तीफा हुआ है। दरअसल, टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने अचानक इस्तीफा दे दिया है। इस इस्तीफे के बाद एक बार फिर लोग यह जानना चाह रहे हैं कि आखिर टाटा ग्रुप का असल मालिक कौन है? दिलचस्प बात यह है कि टाटा ग्रुप का मालिकाना हक टाटा परिवार के किसी एक सदस्य के पास नहीं है। आइए डिटेल में जान लेते हैं कि टाटा ग्रुप पर किसका मालिकाना हक है।

टाटा संस की कितनी हिस्सेदारी?

दरअसल, टाटा संस की करीब 66 फीसदी हिस्सेदारी परोपकारी ट्रस्टों के पास है। इन ट्रस्टों के जरिए शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, आजीविका और कला-संस्कृति जैसे क्षेत्रों में सामाजिक कार्यों के लिए फंड उपलब्ध कराया जाता है। टाटा संस के सबसे बड़े शेयरधारकों में सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट (SDTT) और सर रतन टाटा ट्रस्ट (SRTT) शामिल हैं। इन दोनों के पास मिलकर टाटा संस का 51.54% हिस्सा है, जिससे उन्हें स्पष्ट बहुमत मिलता है। एमके टाटा ट्रस्ट के पास भी टाटा संस के 2,421 शेयर हैं। 2024 के इनकम टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल के एक फैसले में इस हिस्सेदारी का उल्लेख किया गया था। ये शेयर 1959 में ट्रस्ट की स्थापना के समय उसके कॉर्पस के रूप में ट्रांसफर किए गए थे।

नोएल टाटा की क्या भूमिका?

टाटा ट्रस्ट के चेयरमैन नोएल टाटा के पास व्यक्तिगत रूप से वे टाटा संस के शेयर नहीं हैं जो चैरिटेबल ट्रस्ट के पास हैं। इन शेयरों का मालिकाना हक संबंधित ट्रस्ट के पास है और फैसले उनके ट्रस्टी बोर्ड के जरिए लिए जाते हैं। टाटा ट्रस्ट वह मुख्य संस्था है जिसके तहत टाटा के प्रमुख चैरिटेबल ट्रस्ट काम करते हैं। वहीं, टाटा संस की बात करें तो टाटा ग्रुप की मुख्य इन्वेस्टमेंट होल्डिंग कंपनी और प्रमोटर के तौर पर केंद्र में है। टाटा की अलग-अलग कंपनियां अपने-अपने बोर्ड के तहत स्वतंत्र रूप से काम करती हैं।

चंद्रशेखरन के उत्तराधिकारी की तलाश शुरू

इस बीच, टाटा ट्रस्ट्स ने टाटा संस का नेतृत्व करने के लिए एन. चंद्रशेखरन के उत्तराधिकारी की तलाश की प्रक्रिया शुरू कर दी है। टाटा संस की करीब दो-तिहाई हिस्सेदारी रखने वाले टाटा ट्रस्ट्स ने बयान में कहा, ''सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट (एसडीटीटी) चंद्रशेखरन के टाटा संस में फिर से नियुक्ति नहीं लेने के फैसले का सम्मान करता है। हम टाटा संस और टाटा समूह के नेतृत्व में पिछले एक दशक के दौरान उनके योगदान और मार्गदर्शन के लिए आभार जताते हैं।''

टाटा ट्रस्ट्स ने बताया कि सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट के न्यासियों ने जल्द से जल्द चयन समिति गठित करने का प्रस्ताव पारित किया है। यह समिति टाटा संस के निदेशक मंडल के नए चेयरमैन की नियुक्ति के लिए उपयुक्त व्यक्ति के नाम की सिफारिश करेगी। टाटा ट्रस्ट्स ने कहा, ''हम टाटा संस और टाटा समूह के मूल्यों तथा हितों को ध्यान में रखते हुए नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया को सुचारू, समयबद्ध और व्यवस्थित तरीके से पूरा करने में पूरा सहयोग देंगे।