तारीख-3 मई 2026, दिन-रविवार। संडे को आमतौर पर लोग रिलैक्स मूड में रहते हैं, लेकिन उस दिन नहीं। पुलिस मुख्यालय सरदार पटेल भवन से महज 1.5 km दूर ललित भवन के पीछे 16-17 साल की लड़की की लाश मिलने से पटना में सनसनी फैली थी।
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लड़की के हाथों पर मेहंदी लगी हुई थी। गले पर चोट के निशान थे। उसकी पहचान नहीं हुई। कहीं और हत्या कर लाश ललित भवन के पीछे फेंका गया था। इस मामले में पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी और एक ब्लाइंड केस बन गया।
इस केस ने सीनियर IPS अधिकारी के सुहिता अनुपम की सोच को नई दिशा दी। वह लॉ एंड ऑर्डर के साथ ही CID में वीकर सेक्शन की ADG हैं। इनके दिमाग की उपज है "ऑपरेशन विधि पालक युवक"।
इसे बिहार के सभी जिलों में लगातार 21 दिनों तक चलाया गया। करीब 2 लाख 80 हजार छात्रों से पुलिस ने संवाद किया। इसमें 70 प्रतिशत यानि 2 लाख के करीब लड़के थे।
क्या है बिहार पुलिस का ऑपरेशन विधि पालक युवक? स्कूल-कॉलेज के लड़कों के बीच क्यों गई पुलिस? क्या इससे समाज में लोगों की सोच बदलेगी? संडे बिग स्टोरी में जानिए बिहार में पहली बार किए गए अनोखे पहल की कहानी।
सबसे पहले तीन घटना क्रम को जानिए
केस 1- खगड़िया में 5 साल की बच्ची की लाश मिली
खगड़िया जिले में 6 जनवरी 2026 को 4 साल की बच्ची लापता हो गई थी। पुलिस ने तलाश की, ड्रोन से खोजबीन की। घर से करीब 500 मीटर दूर सरसों के खेत में बच्ची का क्षत-विक्षत शव मिला। उसके प्राइवेट पार्ट्स पर गंभीर जख्म के निशान मिले। लाश देखकर साफ पता चल रहा था कि उसके साथ भीषण बर्बरता की गई है।
परिजनों के अनुसार रेप के बाद बच्ची को मार डाला गया। इस मामले में पुलिस ने 18 साल के रंजीत कुमार को गिरफ्तार किया। गुस्साए ग्रामीणों ने डीएम ऑफिस का घेराव किया। कुछ लोग डीएम के चैंबर और सभागार में घुस गए, तोड़फोड़ की। इस मामले में 82 लोगों पर FIR दर्ज की गई। 14 लोगों को गिरफ्तार किया गया। 8 पुलिसकर्मी सस्पेंड हुए।

खगड़िया में 4 साल की बच्ची की हत्या के बाद उग्र ग्रामीणों ने डीएम के ऑफिस में तोड़फोड़ की थी।
केस 2- सीवान में नाबालिग से गैंगरेप
सीवान जिले में 28 जून को एक नाबालिग अपने घर से शौच के लिए खेत की ओर जा रही थी तभी तीनों आरोपियों ने उसे पकड़ लिया। तीनों लड़की को जबरन उठाकर सुनसान स्थान पर ले गए और गैंगरेप किया।
मोबाइल से रेप का वीडियो बनाया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपलोड कर वायरल कर दिया। वीडियो वायरल होने के बाद पीड़ित पक्ष ने महिला थाना में शिकायत दर्ज कराई।
SP ने SIT बनाई। पुलिस ने तीनों आरोपियों संदीप कुमार, अभिमन्यु कुमार उर्फ राय जी और टुनटुन कुमार को गिरफ्तार किया। इनके पास से उस मोबाइल को बरामद किया, जिससे रेप का वीडियो बनाकर वायरल किया था।
केस 3- बगहा में नाबालिग लड़की के साथ छेड़खानी
पश्चिम चंपारण जिले के बगहा के धनहा थाना क्षेत्र की एक नाबालिग लड़की की मां ने 12 अगस्त को गांव के ही 18 साल के युवक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। आरोप लगाया कि युवक पिछले लगभग एक साल से नाबालिग के साथ शारीरिक संबंध बना रहा था।
11 अगस्त को लड़की ने विरोध किया तो आरोपी ने उसके साथ छेड़छाड़ करते हुए जबरन संबंध बनाने का प्रयास किया। घटना के बाद लड़की ने परिजनों को जानकारी दी। FIR दर्ज करने के बाद पुलिस टीम ने आरोपी को गिरफ्तार किया। उसके खिलाफ पॉक्सो एक्ट की धाराएं लगी हैं।
इन तीनों मामलों को देखें तो कम उम्र की बच्चियों के साथ यौन हिंसा की गई। ज्यादातर आरोपी कम उम्र के युवक थे। ऐसे सिर्फ तीन मामले नहीं हैं। बिहार महिलाओं के खिलाफ हिंसा के मामले में टॉप के राज्यों में गिना जाता है।

ऑपरेशन विधि पालक युवक के दौरान पुलिस अधिकारियों ने स्कूल-कॉलेज के छात्रों को महिलाओं के खिलाफ अपराध नहीं करने की शपथ दिलाई।
अब जानिए क्यों पड़ी "ऑपरेशन विधि पालक युवक" की जरूरत
गांव हो या शहर, आए दिन राज्य के अलग-अलग हिस्सों में 18 से कम और इससे अधिक उम्र की लड़कियों के साथ छेड़खानी, रेप, हत्या और फोटो-वीडियो को अश्लील तरीके से बनाकर वायरल करने के मामले आते रहते हैं।
परिवार और समाज हमेशा लड़कियों को ही समझाता और बताता है कि उसे खुद को कैसे सुरक्षित रखना है। रात में बाहर नहीं निकलना है। अकेले कहीं नहीं जाना है। एक लड़की का परिवार अक्सर उसकी सुरक्षा को लेकर डरा-सहमा रहता है।
ऐसे में सवाल है कि लड़कियों के साथ अपराध कैसे कम होगा? बेटियों को सुरक्षित माहौल कैसे मिलेगा? लड़कियों के प्रति लोगों की सोच कैसे बदलेगी? ऑपरेशन विधि पालक युवक इन्हीं सवालों का बड़ा जवाब है।
ADG सुहिता ने स्कूल-कॉलेज में पढ़ रहे लड़कों को समाज में बदलाव लाने के लिए चुना है। उनकी कोशिश है कि लोगों की सोच बदले। लड़कियों को सुरक्षित माहौल मिले।

दो-दो महिला अफसरों की बनाई टीम
ऑपरेशन विधि पालक युवक के पूरे प्लान को CID की वीकर सेक्शन ने तैयार किया। इसे जमीन पर लाने के लिए रेलवे सहित बिहार के सभी 44 जिलों की पुलिस को जोड़ा।
थाना स्तर पर हॉट स्पॉट की पहचान करवाई। सरकारी-प्राइवेट स्कूलों और कॉलेजों की लिस्ट तैयार की। इसके बाद लड़कों को समझाने की जिम्मेदारी हर जिले में थाना स्तर पर बनाई गई अभया ब्रिगेड (पुलिस दीदी) की टीम को दी गई।
हर टीम में दो महिला पुलिस अफसरों को शामिल किया गया। यही टीम स्कूल-कॉलेजों के साथ सिनेमा हॉल, मॉल और भीड़भाड़ वाले जगहों पर गई। जिलों में SP और मुख्यालय में खुद ADG इस पूरे ऑपरेशन की हर दिन मॉनिटरिंग कर रहीं थीं।
2694 जगहों पर चला ऑपरेशन
21 जुलाई को पूरे बिहार में ऑपरेशन विधि पालक युवक की शुरुआत हुई। यह अभियान 10 अगस्त तक चला। पुलिस की 2355 टीम ने 21 दिनों में 2694 जगहों पर ऑपरेशन चलाया। इसमें 2113 स्कूल, 67 कॉलेज और 514 हाट, बाजार, मॉल व युवाओं के भीड़भाड़ वाले जगह शामिल हैं।
कुल मिलाकर 2 लाख 79 हजार 941 स्टूडेंट्स के बीच अभया ब्रिगेड की टीम गई। क्लास 5 से 12 तक के छात्रों को समझाने की कोशिश की गई। एक घंटे के सेशन में उन्हें बताया गया कि 18 साल से कम और इससे अधिक उम्र की लड़कियों के साथ क्राइम करने पर किस कानून के तहत कौन सी सजा मिल सकती है?
लड़कियों के साथ लड़कों को किस तरह का व्यवहार करना चाहिए? लड़के खुद भी किसी तरह की परेशानी में लड़की की मदद किस तरह से कर सकते हैं?
अब जानिए लड़कों को क्या बताया गया
लड़कों को 4 तरह के कानून और उनकी धाराओं के तहत सजा के प्रावधानों की जानकारी दी गई। ये हैं…




पोक्सो एक्ट के केस में अधिकांश युवा लड़के आरोपी
नाबालिग लड़कियों के साथ छेड़खानी और रेप के केस बढ़े हैं। उन्हें बदनाम करने के लिए सोशल मीडिया का गलत इस्तेमाल हो रहा है। यही कारण है कि पोक्सो एक्ट के केस में अधिकांश युवा लड़के आरोपी हैं। जिन्हें इस सख्त कानून के तहत 20 साल जेल या मौत की सजा भी मिल सकती है।