'सच्चा हिंदू ऊंच-नीच नहीं देखता, न धर्म का दिखावा करता है', अन्नामलाई का बड़ा बयान, चुनाव पर भी कही ये बात
Updated: Sunday, July 12, 2026, 22:13 [IST]
K Annamalai: तमिलनाडु की राजनीति में अपनी बेबाकी के लिए मशहूर पूर्व बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष के.अन्नामलाई ने एक बार फिर अपने बयानों से सियासी गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। कोयंबटूर के पास पोलैची में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने 'सच्चा हिंदू' होने का एक ऐसा फॉर्मूला दिया, जिसने पारंपरिक राजनीति करने वालों को सोचने पर मजबूर कर दिया है।
अन्नामलाई ने कहा कि हर जगह धर्म का ढिंढोरा पीटने या उसका दिखावा करने की कोई जरूरत नहीं है। अन्नामलाई ने कहा कि एक सच्चा हिंदू कभी धर्म का प्रदर्शन नहीं करता, बल्कि हर इंसान को बराबरी से देखता है। उन्होंने यह भी साफ किया कि जब वह घर से बाहर निकलते हैं तो अपनी जाति और धर्म को घर के अंदर ही छोड़ देते हैं। बीजेपी का दामन छोड़ने के बाद उनके इस बदले हुए सुर को राज्य की भविष्य की राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
अन्नामलाई बोले- घर के अंदर बंद रखता हूं जाति और धर्म
अन्नामलाई पोलैची में अपनी संस्था 'वी द लीडर्स' (We The Leaders) के बैनर तले आयोजित पहले नशामुक्त सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। 'ड्रग-फ्री तमिलनाडु' कैंपेन के तहत हुए इस कार्यक्रम में उन्होंने अपने दिल की बात खुलकर सामने रखी। उन्होंने कहा कि वह एक गर्व करने वाले राष्ट्रवादी, भारतीय और हिंदू हैं, लेकिन जब भी वह अपने घर से बाहर कदम रखते हैं, तो अपनी जाति और अपने धर्म को घर के भीतर ही ताले में बंद करके निकलते हैं।
अन्नामलाई ने कहा,
''मुझे गर्व है कि मैं एक नेशनलिस्ट और भारतीय हूं। जब भी मैं अपने घर से बाहर निकलता हूं,..अपनी जाति और धर्म को अपने घर के अंदर ही छोड़ देता हूं। हर बार धर्म को हाईलाइट करने और दिखाने की जरूरत नहीं है''
BJP छोड़ने के बाद क्या है अन्नामलाई का अगला प्लना?
अन्नामलाई ने पिछले महीने ही बीजेपी से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने उसी वक्त ऐलान कर दिया था कि वह एक नया राजनीतिक आंदोलन शुरू करने जा रहे हैं, जो आगे चलकर एक नई पार्टी का रूप लेगा। पोलैची का यह सम्मेलन उनके इसी नए सफर की पहली बड़ी जनसभा थी।
उन्होंने मंच से दोबारा इस बात को दोहराया कि 'वी द लीडर्स' संगठन आने वाले समय में एक राजनीतिक दल में तब्दील होने के लिए पूरी तरह तैयार है। हालांकि, यह बदलाव कब होगा, इसके लिए उन्होंने कहा कि वह सही समय आने पर ही अंतिम फैसला लेंगे। खास बात यह रही कि इस आंदोलन में शामिल होने के लिए उन्होंने किसी को अलग से न्योता नहीं दिया, बल्कि लोग खुद-ब-खुद इससे जुड़ते जा रहे हैं।
मिशन 2031 और युवाओं के दम पर सत्ता पलटने का दावा
अन्नामलाई ने अपने भाषण में तमिलनाडु के राजनीतिक भविष्य को लेकर एक बड़ी भविष्यवाणी भी की। उन्होंने याद दिलाया कि साल 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में 39 साल से कम उम्र के युवाओं ने बहुत बड़ी भूमिका निभाई है, जिसकी वजह से अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी टीवीके (TVK) ने अपनी पहली ऐतिहासिक जीत दर्ज की।
अब अन्नामलाई की नजरें साल 2031 के चुनावों पर टिकी हैं। उनका दावा है कि 2031 के विधानसभा चुनावों में देश की नई पीढ़ी एक बार फिर राज्य में बहुत बड़ा तख्तापलट करने वाली है।
उन्होंने अपने संगठन का डेटा शेयर करते हुए बताया कि उनके इस आंदोलन में 17 फीसदी महिलाएं शामिल हैं, जिनमें से 14 फीसदी की उम्र 18 से 25 साल के बीच है। यही नहीं संगठन के 54 फीसदी सदस्य 35 साल से कम उम्र के हैं। राजनीति के साथ-साथ उन्होंने सामाजिक काम का लक्ष्य भी रखा है, जिसके तहत अगले छह महीनों में 50 लाख पेड़ लगाने का प्लान तैयार किया गया है।