राजस्थान के टेक्सटाइल उद्योगों में अब ट्रिटेड पानी (गंदे पानी को साफ करना) का दोबारा इस्तेमाल बढ़ाने और ग्राउंड वाटर का इस्तेमाल कम करने पर फोकस होगा। उद्योगों को जीरो लिक्विड डिस्चार्ज (ZLD) के साथ जीरो ग्राउंड वाटर विथड्रॉल की दिशा में काम करने के
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वर्कशॉप में टेक्सटाइल उद्योगों में पानी के इस्तेमाल, वेस्ट मैनेजमेंट और प्रदूषण कम करने की नई तकनीकों पर चर्चा होगी। इसमें भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC), मुंबई के एक्सपर्ट्स, टेक्सटाइल विशेषज्ञ, शिक्षाविद् और उद्योग प्रतिनिधि शामिल होंगे। उद्योग से जुड़े 200 से ज्यादा लोग इसमें हिस्सा लेंगे।

वर्कशॉप के बारे में जानकारी देते प्रदूषण नियंत्रण मंडल के सदस्य सचिव कपिल चंद्रवाल।
ट्रिटेड पानी को उद्योगों में दोबारा इस्तेमाल करने पर जोर
राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल के सदस्य सचिव कपिल चंद्रवाल ने बताया- टेक्सटाइल उद्योगों में ट्रिटेड पानी (गंदे पानी को साफ करना) का दोबारा इस्तेमाल समय की जरूरत है। उद्योगों को सिर्फ जीरो लिक्विड डिस्चार्ज तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि भूजल का इस्तेमाल भी शून्य करने की दिशा में काम करना चाहिए।
उन्होंने कहा- उद्योग ट्रिटेड सीवेज पानी को अपनी औद्योगिक प्रक्रिया में इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे भूजल पर निर्भरता कम होगी और पानी के संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल हो सकेगा।
BARC एक्सपर्ट बताएंगे पानी और वेस्ट ट्रीटमेंट की नई तकनीक
वर्कशॉप में 6 टेक्निकल सेशन होंगे। इनमें BARC, मुंबई के एक्सपर्ट्स और गुजरात के टेक्सटाइल विशेषज्ञ टेक्सटाइल उद्योग से जुड़ी आधुनिक तकनीकों की जानकारी देंगे।
इन सेशन में रेडिएशन आधारित एफ्लुएंट डी-कलराइजेशन, वेस्ट वाटर ट्रीटमेंट की आधुनिक तकनीक, टेक्सटाइल केमिकल मैनेजमेंट, जीरो लिक्विड डिस्चार्ज तकनीक, SCADA आधारित एफ्लुएंट मॉनिटरिंग और राजस्थान के टेक्सटाइल क्लस्टर के सतत विकास पर चर्चा होगी।
कचरे को भी संसाधन के रूप में इस्तेमाल करने पर जोर
चंद्रवाल ने कहा- राजस्थान का टेक्सटाइल उद्योग प्रदेश की अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा है। अब औद्योगिक विकास को सर्कुलर इकोनॉमी से जोड़ने की जरूरत है। इसमें कचरे को भी संसाधन के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा। पानी, ऊर्जा व कच्चे माल का ज्यादा से ज्यादा दोबारा उपयोग किया जाएगा।
WCEF-2026 से जुड़ेगी वर्कशॉप
यह वर्कशॉप 15 से 18 सितंबर तक गांधीनगर गुजरात में होने वाले 10वें वर्ल्ड सर्कुलर इकोनॉमी फोरम (WCEF-2026) के प्री-इवेंट के तौर पर आयोजित की जाएगी। इसका उद्देश्य राजस्थान के टेक्सटाइल उद्योग को पर्यावरण के अनुकूल तकनीकों और सर्कुलर इकोनॉमी से जोड़ना है।
वर्कशॉप में स्थानीय निकाय, रीको, पर्यावरण विभाग, जयपुर और जोधपुर विकास प्राधिकरण, उद्योग संघ, शोध संस्थान और शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। उद्घाटन अतिरिक्त मुख्य सचिव खान एवं पेट्रोलियम विभाग और राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल की अध्यक्ष अपर्णा अरोड़ा करेंगी।