मुंबई क्राइम ब्रांच ने फर्जी पुलिस और फर्जी डॉक्टर को किया गिरफ्तार, कई राज्यों में फैला है इनका नेटवर्क?
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Written By:
आलोक उमाकृष्ण
Updated On: Jul 12, 2026 | 10:13 PM IST
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सार
Fake Identity Fraud Case: मुंबई क्राइम ब्रांच ने फर्जी पुलिस अधिकारी और 28 साल से डॉक्टर बनकर ठगी करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। जांच में धोखाधड़ी और कई राज्यों में फैले नेटवर्क का खुलासा हआ।

पुलिस की गिरफ्त में आरोपी (फोटो नवभारत)
विस्तार
Mumbai Fake Identity Fraud Case: मुंबई पुलिस की अपराध शाखा ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग मामलों में जनता को चूना लगाने वाले एक शातिर फर्जी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और डॉक्टर बनकर पिछले लगभग 28 सालों से जालसाजी करनेवाले ठगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए इन आरोपियों के पास से नकली पहचान पत्र, फर्जी दस्तावेज और वाहन बरामद किए हैं।
पहले मामले में अपराध शाखा ने मोहम्मद गौस इब्राहिम खतीब उर्फ डॉ. राज खतीब को गिरफ्तार किया है। आरोपी खुद को एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी बताकर और अपनी कार पर ‘पुलिस’ की पट्टी लगाकर घूमता था।
बैंक लोन दिलाने, बिल्डर से अटके पैसे वापस कराने और पुलिस विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर वह करीब 28 लाख रुपए की ठगी कर चुका है। इस मामले में राजस्थान के जयपुर से उसके एक अन्य साथी राजेश चौधरी को भी पुलिस ने दबोचा है।
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फर्जी डॉक्टर दे रहा था 28 सालों से धोखा
वहीं दूसरे मामले में क्राइम ब्रांच को गुप्त सूचना मिली थी कि एक 50 वर्षीय एक व्यक्ति नकली पहचान पत्र बनाकर खुद को डॉक्टर बताता है, और विभिन्न बैंकों में खाते खोलकर अपने साथियों के साथ पैसों की धोखाधड़ी करता है।
जांच के दौरान उसके फ्लैट से डॉ. धर्मेंद्र कुमार नाम का पहचान पत्र, पैन कार्ड, विजिटिंग कार्ड, विभिन्न संस्थाओं के प्रमाणपत्र तथा चिकित्सा संबंधी सामग्री बरामद की गई। आरोपी पिछले 28 सालों से डॉक्टर होने का ढोंग कर रहा था।
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कई राज्यों तक फैला है ठगों का नेटवर्क
पुलिस को आरोपी के ठिकाने से महाराष्ट्र सहित अन्य राज्यों के लोगों और कंपनियों से जुड़े दस्तावेज तथा प्रोजेक्ट रिपोर्ट भी मिली हैं। इससे प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि ठगी का नेटवर्क एक से अधिक राज्यों तक फैला हुआ है।
जांच में पता चला है कि आरोपी ने फर्जी पहचान पत्रों के जरिए विभिन्न बैंकों में खाते खुलवाए और पिछले तीन सालों में कंपनियों के सीएसआर फंड से लगभग 10 करोड़ रुपए का गबन किया है।
इस संबंध में जुहू पुलिस थाने में मामला दर्ज कर आरोपी को 16 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेजा गया है। मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती और संयुक्त पुलिस आयुक्त अनिल कुंभारे के मार्गदर्शन में क्राइम ब्रांच की टीमों ने इन दोनों सफल कार्रवाइयों को अंजाम दिया है। जबकि दोनों ही मामलों में शामिल अन्य फरार साथियों की तलाश और आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
