विशाखापत्तनम के करीब गुड़िलोवा में हो रही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की समन्वय बैठक जिसमें संघ के सभी छह सह सरकार्यवाह सहित संघ के अखिल भारतीय पदाधिकारी और संघ की प्रेरणा से कार्य करने वाले भाजपा, विहिप, बीएमएस, अभाविप, भारतीय किसान संघ, राष्ट्र सेविका समिति सहित 32 संगठनों के राष्ट्रीय अध्यक्ष, महामंत्री और संगठन मंत्री सहित कुल 327 प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, संगठन महामंत्री बीएल संतोष विहिप के राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार भी वहीं हैं। बैठक में संघ के ‘पंच परिवर्तन’ अभियान के पांच आयामों सामाजिक समरसता, पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली, पारिवारिक मूल्यों को मजबूत करना, स्वबोध या स्वदेशी चेतना और नागरिक कर्तव्यों के पालन पर भी चर्चा जारी है। इसके अलावा आर्थिक विकास के साथ समाज के सभी क्षेत्रों में संतुलित और समग्र प्रगति सुनिश्चित करने के लिए ‘भारतीय विकास माडल’ तैयार करने पर भी विचार किया जाएगा। संघ का मानना है कि विकास को केवल आर्थिक आंकड़ों तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि समाज के सभी क्षेत्रों की व्यापक प्रगति को इसका हिस्सा बनाया जाना चाहिए। समाज के सभी वर्गों का विकास होना चाहिए। पिछले वर्ष विजयादशमी उत्सव में भी सरसंघचालक मोहन भागवत ने इस बात का उल्लेख किया था। अगले वर्ष से संघ को संगठनात्मक कार्यप्रणाली में बड़ा बदलाव हो जाएगा। देश के अलग-अलग भागों में हो रहे जनसांख्यिकी परिवर्तन एवं उसके दुष्परिणामों को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) काफी चिंतित है। संघ का मानना है कि यह समस्या केवल भारत की ही नहीं रह गई है, इससे विश्व के कई देश प्रभावित हैं। इस कारण से विश्व की कई जातियां समाप्त हो गईं या समाप्ति की कगार पर है। भारत में भी जिस इलाके में एक वर्ग विशेष की जनसंख्या काफी बढ़ जा रही है और हिंदुओं की संख्या कम हो जा रही है। इस कारण से उन इलाकों में सामाजिक विद्वेष पैदा हो रहा है। लव जिहाद, लैंड जिहाद सहित कई ऐसे असामाजिक मामले बढ़ते जा रहे हैं जिससे स्थानीय लोग परेशान हैं।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की समन्वय बैठक में हिन्दू समाज व देश सम्मुख आने वाली चुनौतियों को लेकर चिंतन करने के साथ-साथ संघ ने देश के विभिन्न क्षेत्रों में जनसांख्यिकी परिवर्तन को लेकर जो चिंता प्रकट की है उसे सामाजिक स्तर के साथ-साथ सरकारी स्तर पर भी गंभीरता से लेने की आवश्यकता है। अगर धर्मांतरण पर नियंत्रण न किया गया तो आने वाले एक-दो दशकों में देश के विशेषतया हिन्दू समाज के सामने एक नहीं अनेक समस्याएं एक बड़ी चुनौती के रूप में सामने आएंगी। उपरोक्त स्थिति को भांपते हुए ही संघ लैंड जिहाद और लव जिहाद जैसे मुद्दों पर समाज और सरकार को जगाने का प्रयास कर रहा है। संघ के प्रयास को सराहा भी जाना चाहिए और संघ को समर्थन भी दिया जाना चाहिए, तभी भारतीय इतिहास व संस्कृति सुरक्षित रह सकेगी।

Daily Uttam Hindu - Our editor in chief Sh.Irwin Khanna | Facebook

-इरविन खन्ना, मुख्य संपादक, दैनिक उत्तम हिन्दू।