शनिवार, 22 अगस्त (IST): मौसम विभाग (IMD) ने आज उत्तराखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसके चलते श्रद्धालुओं की आवाजाही सुस्त पड़ सकती है और दर्शन के लिए कतारें लंबी हो सकती हैं। दिनभर लगातार बारिश के बजाय बीच-बीच में तेज बौछारें पड़ने के आसार हैं। पहाड़ी रास्तों पर लैंडस्लाइड से सड़कें बंद होने और आकाशीय बिजली चमकने पर मंदिरों में दर्शन कुछ देर के लिए रुकने की संभावना है। अगर आप आज केदारनाथ-बद्रीनाथ या अयोध्या की यात्रा पर निकल रहे हैं, तो हाथ में एक्स्ट्रा टाइम (बफर टाइम) लेकर चलें।
पहाड़ों पर सफर और दर्शन के लिहाज से सुबह का समय सबसे सुरक्षित माना जा रहा है। दरअसल, दोपहर से रात के बीच हिमालयी इलाकों में बारिश का दौर अक्सर तेज हो जाता है। IMD के तीन-तीन घंटे वाले 'नाउकास्ट' (Nowcast) से इस तरह के बदलावों का रियल-टाइम अपडेट मिलता रहता है। इसलिए यात्रा शुरू करने से पहले चार धाम नाउकास्ट डैशबोर्ड जरूर चेक कर लें। जब भी काले बादल घिरते दिखें, खुले पहाड़ी रास्तों या नदियों के मोड़ों के पास रुकने से बचें।
IMD बारिश अलर्ट: जानें चार धाम और पूर्वी UP रूट का ताजा हाल
जमीनी हालात पर नजर डालें तो सोनप्रयाग-गौरीकुंड पैदल मार्ग जुलाई में हुए भूस्खलन की सफाई के बाद खोल तो दिया गया है, लेकिन बारिश होते ही यहां फिर रुकावट आ सकती है। इससे पहले 10 अगस्त को गंगोत्री हाईवे दोपहर बाद बंद हो गया था, जिसे शाम तक खोला जा सका। वहीं 7 अगस्त को जोशीमठ-बद्रीनाथ मार्ग पर घंटों लंबा जाम लगा था। इन घटनाओं से सीख लेते हुए सुबह जल्दी निकलें, पानी साथ रखें और अपनी यात्रा में कम से कम दो घंटे का अतिरिक्त समय जोड़कर चलें।
दर्शन के लिए सबसे सही समय और हेलीकॉप्टर-सड़क मार्ग की एडवाइजरी
केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री में सुबह 6:00 से 10:00 बजे के बीच दर्शन के लिए स्थिति ज्यादा बेहतर रहती है। वहीं अगर बारिश थमती है, तो शाम 4:00 से 6:00 बजे के बीच भी थोड़ी राहत मिल सकती है। सहस्रधारा और सीतापुर से उड़ान भरने वाली हेलीकॉप्टर सेवाओं पर मानसून का सख्त पहरा है, और अगस्त के मौसम में उड़ानें अक्सर रद्द या सीमित कर दी जाती हैं। इसलिए हेलीकॉप्टर बुकिंग को उड़ान वाले दिन की मंजूरी मिलने तक अनिश्चित ही मानें।
अयोध्या दर्शन पास, आरती का समय और बारिश से बचने के टिप्स
अयोध्या के राम जन्मभूमि मंदिर में मंगला, श्रृंगार, भोग और शयन आरती का शेड्यूल ऑनलाइन उपलब्ध है। दोपहर के समय आम दर्शन कुछ देर के लिए रोक दिए जाते हैं। उसी दिन के तत्काल आरती पास सुबह 9:00 बजे से बिड़ला धर्मशाला के पास स्थित काउंटर से मिलते हैं, जिनकी संख्या सीमित होती है। वहीं मंगला और श्रृंगार आरती के तत्काल पास एक दिन पहले दिए जाते हैं। बारिश से बचाव के लिए फुटवियर कवर, हल्का पोंचो (रेनकोट) और आईडी कार्ड सुरक्षित रखने के लिए जिप-लॉक पाउच जरूर साथ रखें।
यात्रा पर निकलने से पहले 'टूरिस्ट केयर उत्तराखंड' पोर्टल या ऐप पर रजिस्ट्रेशन जरूर करा लें। आपात स्थिति के लिए हेल्पलाइन नंबर 1364 और 0135-3520100 सेव रखें, साथ ही धाम से जुड़ी जानकारी के लिए BKTC की मंदिर हेल्पलाइन का इस्तेमाल करें। बुजुर्ग, हृदय या सांस के मरीज राज्य की स्वास्थ्य एडवाइजरी का पालन करें, चढ़ाई के दौरान आराम-आराम से बढ़ें और पानी पीते रहें। पूर्वी यूपी में आकाशीय बिजली की चेतावनी के दौरान नदी घाटों से दूर रहें और वापसी के लिए फ्लेक्सिबल प्लान रखें।