इमरान खान के समर्थक विदेशी सांसदों पर 'बॉट अटैक', कौन चला रहा बदनामी का अभियान?

Aug 23, 2026 08:58 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान

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Pakistan News: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की हिरासत और उनके साथ व्यवहार पर चिंता जताने वाले विदेशी सांसदों व सार्वजनिक हस्तियों के खिलाफ सत्ता समर्थक सोशल मीडिया नेटवर्क द्वारा समन्वित बॉट हमला शुरू हो गया है।

Imran Khan

इमरान खान के समर्थकों पर बॉट अटैक

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की हिरासत और उनके साथ व्यवहार को लेकर चिंता जताने वाले विदेशी राजनेताओं के खिलाफ डिजिटल साजिश किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि सत्ता समर्थक सोशल मीडिया नेटवर्क कथित तौर पर उन सांसदों और सार्वजनिक हस्तियों को निशाना बना रहे हैं, जो इमरान खान के समर्थन में बोल रहे हैं।

दरअसल, यह विवाद तब सामने आया जब ब्रिटिश राजनेता जैक गोल्डस्मिथ (जेमिमा गोल्डस्मिथ के पूर्व पति) ने 1 अगस्त को ब्रिटेन के विदेश सचिव को निजी पत्र लिखकर पाकिस्तानी सरकार के साथ खान के मामले को उठाने का आग्रह किया। भ्रष्टाचार से जुड़े कई मामलों में पाकिस्तानी अदालतों द्वारा सुनाई गई सजा काट रहे खान फिलहाल जेल में बंद हैं। गोल्डस्मिथ के इस हस्तक्षेप पर पाकिस्तान में तीखी प्रतिक्रिया हुई। आलोचकों ने विदेशी राजनेताओं पर देश के न्यायिक और राजनीतिक मामलों में हस्तक्षेप का आरोप लगाया।

सरकार ने स्वास्थ्य संबंधी आशंकाएं खारिज कीं

यह विवाद इमरान खान के स्वास्थ्य और चिकित्सा सुविधाओं तक उनकी पहुंच पर नए सिरे से फोकस होने के बीच उभरा है। गोल्डस्मिथ के पत्र से कुछ दिन पहले खान की बहन डॉ उज्मा खान ने समर्थकों को आश्वस्त किया था कि उनके भाई का स्वास्थ्य ठीक है। पाकिस्तान सरकार ने उन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है कि खान को परिवार, वकीलों या डॉक्टरों से मिलने से रोका जा रहा है।

सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने कहा कि 2023 से अब तक खान को परिवार के सदस्यों, वकीलों और डॉक्टरों से 900 से अधिक मुलाकातें मिल चुकी हैं। वे अपनी पत्नी से साप्ताहिक आधार पर मिलते रहते हैं। तरार ने जोर दिया कि खान के स्वास्थ्य को राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने हालिया चिकित्सा जांच के दौरान शिफा अस्पताल के डॉक्टरों और पीटीआई प्रमुख की बहन की उपस्थिति का हवाला दिया।

पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PIMS) के बयान में अलग से पुष्टि की गई कि दो नेत्र विशेषज्ञों ने खान की जांच की। अधिकारियों ने इसे इस बात का प्रमाण बताया कि उनकी चिकित्सा देखभाल निर्धारित प्रक्रिया के तहत हो रही है।

विदेशी सांसद लगातार उठा रहे सवाल

मुद्दा अब इमरान खान की स्वास्थ्य चिंताओं से आगे बढ़ चुका है। न्यूज 18 की रिपोर्ट के अनुसार, सूत्रों का दावा है कि ब्रिटिश सांसदों और अमेरिकी कांग्रेस सदस्यों (जिन्होंने राजनीतिक कैदियों, उचित प्रक्रिया और खान की हिरासत पर आधिकारिक पूछताछ की है) को पाकिस्तान के सत्ता प्रतिष्ठान द्वारा विदेशी प्रभाव अभियान का हिस्सा करार दिया जा रहा है।

सूत्रों के अनुसार, मानवीय सहायता, राजनीतिक कैदियों और निष्पक्ष सुनवाई से जुड़ी राजनयिक अपीलें नीतिगत बदलाव लाने में ज्यादातर विफल रही हैं। मनमानी गिरफ्तारी, उचित कानूनी प्रक्रिया और लंबे या एकांत कारावास पर अंतरराष्ट्रीय निगरानी संस्थाओं तथा संयुक्त राष्ट्र निकायों की सिफारिशों को भी पाकिस्तानी अधिकारियों ने बार-बार खारिज किया है।

विदेशों में दमन के आरोप

यह भी आरोप है कि पाकिस्तान का सुरक्षा प्रतिष्ठान राजनीतिक विरोधियों पर अंतरराष्ट्रीय आलोचना दबाने के लिए राज्य से जुड़े तंत्रों और समन्वित ऑनलाइन नेटवर्क का इस्तेमाल कर रहा है। इन कथित अभियानों में विदेशी सांसदों, पत्रकारों, कार्यकर्ताओं और सार्वजनिक हस्तियों पर हमले शामिल हैं, जो इमरान खान या अन्य राजनीतिक कैदियों को लेकर चिंता व्यक्त करते हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, विदेश में रहने वाले पाकिस्तानी नागरिक जो सार्वजनिक रूप से ऐसे अभियानों का समर्थन करते हैं, उन पर भी दबाव या धमकी दी जा रही है। आलोचक कहते हैं कि यह पैटर्न पाकिस्तान के मानवाधिकार रिकॉर्ड की अंतरराष्ट्रीय जांच को वैध चिंता के बजाय बाहरी राजनीतिक साजिश के रूप में पेश करने की कोशिश है।