एक किताब में ऑडियो, ब्रेल और सांकेतिक भाषा, NCERT ने तैयार की किताब एक, पढ़े अनेक  टेक्स्टबुक

किताब एक, पढ़े अनेक पहल की शिक्षा मंत्रालय ने की सराहना

विशेष जरूरत वाले बच्चों के लिए पढ़ाई को आसान और सुलभ बनाने की दिशा में शिक्षा मंत्रालय ने किताब एक, पढ़े अनेक पहल की सराहना की है. NCERT और केंद्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी संस्थान (CIET) की यह पहल एक ही पाठ्यपुस्तक में पढ़ने और सीखने के कई माध्यम उपलब्ध कराती है. इसमें सामान्य प्रिंट के साथ ऑडियो, ब्रेल, स्पर्श आधारित सामग्री, भारतीय सांकेतिक भाषा और दृश्य संकेत शामिल किए गए हैं. इसका उद्देश्य यह है कि अलग-अलग क्षमताओं वाले बच्चे अपने साथियों के साथ एक ही किताब का इस्तेमाल करते हुए अपनी सुविधा के अनुसार पढ़ सकें. इससे समावेशी शिक्षा को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.

एक किताब में सीखने के कई विकल्प

किताब एक, पढ़े अनेक कार्यक्रम को सार्वभौमिक अधिगम डिजाइन यानी UDL के सिद्धांत पर तैयार किया गया है. इसके तहत ऐसी पाठ्यपुस्तकें विकसित की जा रही हैं, जिनसे अलग-अलग जरूरत वाले बच्चों को सीखने में आसानी हो. किताब में प्रिंट के साथ ब्रेल, स्पर्शनीय सामग्री, ऑडियो और भारतीय सांकेतिक भाषा जैसी सुविधाएं जोड़ी गई हैं. इससे दृष्टि, सुनने, सीखने, शारीरिक या ध्यान से जुड़ी चुनौतियों वाले बच्चों को अपनी जरूरत के मुताबिक पढ़ने का विकल्प मिलता है.

बोलने वाला पेन बताएगा किताब की जानकारी

इस पहल में प्रिंटेड और डिजिटल दोनों तरह का स्टडी मैटेरियल उपलब्ध कराया जाता है. किताब में कुछ विशेष टच-सेंसिटिव पॉइंट दिए जाते हैं. जब इन्हें टच-इनेबल्ड स्पीकिंग पेन या संबंधित डिवाइस से छुआ जाता है तो यह लिखे हुए कंटेंट को आवाज में पढ़कर सुनाता है. इसके साथ चित्रों, गतिविधियों और अन्य सीखने वाली सामग्री का ऑडियो जानकारी भी मिल सकता है.

Kitab Ek, Padhe Anek (KEPA) provides a window of learning opportunities for Children with Special Needs….

Aligned with #NEP2020, it uses audio, print, tactile, Braille, Indian Sign Language and visual cues together in one textbook.#Education4All #InclusiveEducation #NCERT pic.twitter.com/mndwJLzUKJ

— Ministry of Education (@EduMinOfIndia) August 22, 2026

समावेशी कक्षाओं को मिलेगा बढ़ावा

CIET के अनुसार, इस पहल का लाभ विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के साथ सामाजिक और आर्थिक रूप से वंचित पृष्ठभूमि के विद्यार्थियों को भी मिल सकता है. मंत्रालय के मुताबिक, यह कार्यक्रम बच्चों को अपनी गति और सुविधा के अनुसार सीखने में मदद करता है. साथ ही शिक्षकों को भी अधिक सुलभ और उपयोग में आसान शिक्षण सामग्री मिलती है. इस तरह किताब एक, पढ़े अनेक का उद्देश्य ऐसी कक्षाएं तैयार करना है, जहां अलग-अलग जरूरतों वाले बच्चे एक साथ सीख सकें.

सपना यादव

सपना यादव

दिल्ली में जन्मीं सपना यादव TV9 भारतवर्ष डिजिटल में बतौर असिस्‍टेंट प्रड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता जगत में 4 वर्षों से ज्‍यादा के अनुभव के साथ काम जारी है. ह्यूमन इंटरेस्ट, राजनीति, वर्ल्ड, एजुकेशन, नॉलेज, करंट अफेयर्स से जुड़ी खबरों में खास दिलचस्पी रखती हैं. दिल्ली यूनिवर्सिटी से BA Hons. हिस्ट्री की पढ़ाई करने के बाद उन्‍होंने पत्रकारिता को लक्ष्‍य बनाया, फिर जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी से पीजी डिप्लोमा इन टीवी जर्नलिज्म किया, जामिया से ही हिस्ट्री में मास्टर्स भी किया और फिर इसके बाद गुरु जम्बेश्वर साइंस एंड टेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया. मास कम्‍यूनिकेशन में पत्रकारिता की डिग्री लेने के बाद जमीनी स्तर पर खबरों के महत्व को समझा. इसके बाद उन्‍होंने बतौर ट्रेनी TV9 भारतवर्ष डिजिटल में एक साल तक काम किया. ट्रेनी के दौरान अलग-अलग तरह की खबरों का अनुभव लेने के बाद TV9 भारतवर्ष डिजिटल में असिस्‍टेंट प्रड्यूसर के पद पर काम शुरू किया. यहां पर एंकरिंग, वॉइस ओवर, वीडियो प्रोडक्शन, न्यूज राइटिंग जैसे काम किए. इस समय वह एजुकेशन डेस्क पर कार्यरत हैं और स्टूडेंट्स के लिए करियर से जुड़े विकल्पों, बोर्ड परीक्षाओं, नौकरियों और प्रतियोगी परीक्षाओं और यूनिवर्सिटीज की महत्वपूर्ण जानकारियों को कवर कर रही हैं. सपना यादव को ट्रेवल करना, लिखना- पढ़ना पसंद है और वो प्रकृति को करीब से महसूस करना ज्यादा पसंद करती हैं. पत्रकारिता में सफर अभी जारी है.

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