थलपति विजय ने कैंसल कर दिया स्टालिन सरकार का बड़ा प्रोजेक्ट, क्यों नहीं बनेगा परंदूर एयरपोर्ट

Aug 24, 2026 11:05 am ISTलाइव हिन्दुस्तान

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मुख्यमंत्री विजय थलपति ने परंदूर एयरपोर्ट की योजना रद्द कर दी है। डीएमके ने 5000 एकड़ में चेन्नई में दूसरा एयरपोर्ट बनाने का फैसला किया था। सीएम विजय ने कहा कि एयरपोर्ट के लिए दूसरी जगह की तलाश की जाएगी।

C Joseph Vijay

सी जोसेफ विजय ने रद्द कर दिया चेन्नई में दूसरे एयरपोर्ट का प्लान

थलपति विजय ने चेन्नई के दूसरे एयरपोर्ट प्रोजेक्ट को लेकर बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने इस प्रोजेक्ट को टाल दिया है। उन्होंने कहा कि इस एयरपोर्ट के लिए अब दूसरी जगह की तलाश की जाएगी। उन्होंने कहा अब एयरपोर्ट के लिए ऐसी जगह का चुनाव किया जाएगा जहां लोग विरोधना करें। जगह तय करने से पहले जगह के बारे में पूरा अध्ययन किया जाएगा। बता दें इस इलाके में कृषि भूमि ज्यादा थी। इसके अलावा एयरपोर्ट बनने से बड़ी संख्या में लोगों को हटाना पड़ता।

सरकार बनने से पहले से ही विरोध

पूर्ववर्ती डीएमके सरकार ने 5000 एकड़ में 20 हजार करोड़ रुपये की लागत से एयरपोर्ट बनाने का फासला किया था। मुख्यमंत्री विजय ने राजनीति की शुरुआत ही इस प्रोजेक्ट के विरोध से की थी। उनका कहना था कि इससे सैकड़ों किसान प्रभावित होने वाले हैं। उन्होंने कहा था कि सरकार बनने के बाद वह इस प्रोजेक्ट को रद्द कर देंगे।

दूसरा एयरपोर्ट बनेगा

सीएम विजय ने कहा कि वह एयरपोर्ट के विरोध में नहीं हैं। हालांकि एयरपो्ट के लिए उपजाऊ भूमि को तबाह कर देना अच्छा नहीं है। पहले विशेषज्ञों से राय ली जाएगी और फिर इस प्रोजेक्ट के लिए वैकल्पिक जगह प र काम शुरू होगा। बता दें कि डीएमके सरकार में 50 फीसदी भूमि का अधिग्रहण भी कर लिया गया था। कई किसानों को मुआवजा भी मिल गया था।

कई मुफ्त वाली योजनाओं की घोषणा

मुख्यमंत्री विजय ने कई फ्री वाली योजनाओं की घोषणी की है। इसमें सरकारी बसों में महिलाओं का निशुल्क सफर शामिल है। इसके लिए ना तो कोई यात्राओं की संख्या होगी और ना ही आय की सीमा। यह योजना सभी महिलाओं के लिए है। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने साल में तीन मुफ्त रसोई गैस के सिलेंडर देने का वादा किया है। इसका लिे राशि सीधे बैंक खाते में जमा की जाएगी।

विधायकों को कार और रखरखाव का खर्च

मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने विधानसभा में घोषणा की थी कि प्रत्येक विधायक को सरकारी कार दी जाएगी। इसके अलावा ईंधन और रखरखाव के लिए हर महीने 75,000 रुपये तथा सहायक के खर्च के लिए 25,000 रुपये का भत्ता दिया जाएगा। ऊर्जा संसाधन एवं कानून मंत्री कुमार ने दावा किया, "जो लोग विधायक बनने के लिए 30 या 40 करोड़ रुपये खर्च कर चुके हैं, उनके लिए एक कार कोई बड़ी बात नहीं है। उनके लिए यह छोटा लक्ष्य है।"