यवतमाल जिले में संशोधित प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लागू, डिजिटल क्रॉप सर्वे न होने पर रद्द होगा आवेदन

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    केतकी मोडक

Updated On: Jul 13, 2026 | 01:58 PM IST

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सार

PM Fasal Bima Yojana: यवतमाल के दिग्रस में संशोधित प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लागू हो गई है। 31 जुलाई तक आवेदन कर सकते हैं, लेकिन डिजिटल क्रॉप सर्वे में अंतर मिलने पर फॉर्म निरस्त कर दिया जाएगा।

PM Fasal Bima Yojana Yavatmal

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनाप्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स- सोशल मीडिया)

विस्तार

PM Fasal Bima Yojana Yavatmal: महाराष्ट्र शासन के 3 जुलाई 2026 के निर्णय के अनुसार, वर्ष 2026-27 के खरीफ सीजन के लिए संशोधित प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना दिग्रस तहसील सहित पूरे यवतमाल जिले में लागू कर दी गई है। कृषि विभाग ने पात्र किसानों से समय रहते योजना का लाभ लेने की अपील की है। योजना के तहत, यदि अधिसूचित क्षेत्रों में अधिसूचित फसलों का उत्पादन निर्धारित औसत उत्पादन से कम रहता है, तो किसानों को फसल नुकसान की भरपाई बीमा के माध्यम से दी जाएगी। इस योजना में तुअर, सोयाबीन, कपास, मूंग, उड़द और ज्वार जैसी खरीफ फसलों को शामिल किया गया है। इच्छुक किसान योजना में भाग लेकर प्राकृतिक आपदाओं और प्रतिकूल मौसम से होने वाले आर्थिक नुकसान से सुरक्षा प्राप्त कर सकते हैं।

31 जुलाई तक करें आवेदन

कृषि विभाग के अनुसार, सामान्य फसलों के लिए किसानों को बीमित राशि का केवल 2 प्रतिशत (2%) प्रीमियम देना होगा, जबकि कपास और प्याज जैसी व्यावसायिक फसलों के लिए 5 प्रतिशत (5%) प्रीमियम देना होगा। शेष प्रीमियम राशि सरकार द्वारा वहन की जाएगी। योजना में शामिल होने की अंतिम तिथि 31 जुलाई निर्धारित की गई है। किसान बैंक, कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) अथवा स्वयं ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि डिजिटल क्रॉप सर्वे कराना अनिवार्य है। सर्वे में दर्ज फसल और बीमा आवेदन में दी गई जानकारी में अंतर पाए जाने पर आवेदन निरस्त किया जा सकता है। गलत जानकारी देकर योजना का लाभ लेने वाले किसानों को आगामी 5 वर्षों तक कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं से वंचित किया जा सकता है।

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हेल्पलाइन पर कर सकते हैं संपर्क

  • योजना का लाभ लेने के लिए किसान के पास कम से कम 0.10 हेक्टेयर फसल क्षेत्र होना आवश्यक है।
  • किसानों को किसी भी प्रकार की जानकारी या समस्या होने पर संबंधित बीमा कंपनी, तालुका कृषि अधिकारी कार्यालय अथवा कृषि विभाग के हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करने की सलाह दी गई है।
  • कृषि विभाग ने कहा है कि बदलते मौसम और अनिश्चित वर्षा को देखते हुए फसल बीमा किसानों की आर्थिक सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसलिए, सभी पात्र किसान अंतिम तिथि से पहले योजना में शामिल होकर इसका लाभ अवश्य उठाएं।

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