पलभर में धाराशायी हुई बहुमंजिला इमारत, नेपाल-चीन सीमा पर दर्जनों जिंदगियां तबाह
Aug 26, 2026 07:03 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान

Nepal Floods: नेपाल और चीन बॉर्डर पर बाढ़ की वजह से भारी तबाही हुई है। इस घटना में कई दर्जन लोगों के मारे जाने की आशंका है। चीन से सामने आए एक वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे नेपाल-तिब्बत सीमा पर मौजूद ग्यिरोंग लैंड पोर्ट की इमारत एक झटके में बर्बाद हो जाती है।
Nepal Floods: नेपाल-चीन बॉर्डर पर बाढ़ से भारी तबाही हुई है। इस घटना के एक से बढ़कर एक परेशान करने वाले वीडियो सामने आ रहे हैं। ऐसा ही एक वीडियो चीन (तिब्बत)-नेपाल सीमा पर स्थित ग्यिरोंग पोर्ट के कस्टम ऑफिस की पूरी इमारत कुछ ही पल के भीतर पानी और मलबे की एक मोटी परत के नीचे समा गई। पानी की आवक देखकर वहां मौजूद भागते हुए नजर आए, लेकिन बाढ़ का बहाव इतना तेज था कि उनका बचना नामुमकिन नजर आता है। बता दें, मानसरोवर की यात्रा पर जाने वाले लोग इसी पोर्ट का इस्तेमाल करके चीन में प्रवेश करते हैं।
चीन मीडिया ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो साझा किया है, जो अपने आप में एक प्रलय का अनुभव देता है। वायरल वीडियो में पानी और मलबे से भरी हुई एक प्रचंड धारा रफ्तार के साथ इमारत के करीब आती हुई दिखाई देती है। इसके बाद वहां मौजूद लोग भागने लगते हैं। लेकिन कुछ ही पलों के अंदर सब कुछ खत्म हो जाता है और बहुमंजिला इमारत ताश के पत्तों की तरह बिखर जाती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक पानी की बहाव इतना तेज था कि इससे आगे के इलाके की करीब 40 किलोमीटर लंबी सड़क का नामोनिशान मिट गया। वह पूरी तरह से बह गई। रास्ते में आने वाले 19 पुलों को भी बाढ़ अपने साथ बहाकर ले गई।
चीनी राष्ट्रपति ने दिए राहत एवं बचाव कार्य तेजी से करने के निर्देश
चीनी मीडिया संस्थान शिन्हुआ ने इस घटनाक्रम के बारे में एक रिपोर्ट की है। इसमें बाढ़ के चश्मदीद गवाहों के आधार पर बताया है कि यह घटना काफी विनाशकारी है। ग्यिरोंग पोर्ट पर हुई तबाही में कई दर्जन जानें जाने की संभावना है। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने का आदेश दे दिया है।
आपको बता दें, नेपाल और चीन के बीच में बड़े स्तर पर व्यापार इसी रास्ते से होता है। ग्यिरोंग जमीनी बंदरगाह दोनों देशों को जोड़ने वाला एक प्रमुख जमीनी मार्ग है। यहीं से भारत से मानसरोवर की यात्रा पर जाने वाले लोग चीन में प्रवेश करते हैं। अभी भी इस बाढ़ की चपेट में कई भारतीय आए हैं, जिनके लिए राहत एवं बचाव अभियान चलाया जा रहा है। बता दें, चीनी इलाके में तबाही मचाने के बाद यह पानी यहां से नेपाल की ओर बढ़ा, जिससे रसुवा के तिमुरे और स्याब्रूबेसी जैसे इलाकों में भारी-जान और माल की हानि हुई है।
नेपाल में बाढ़ से भारी नुकसान
नेपाल में इस बाढ़ से भारी नुकसान हुआ है। अभी तक सामने आईं रिपोर्ट्स के मुताबिक करीब 400 लोग लापता है। इनमें 105 भारतीय भी शामिल है। पीएम मोदी ने नेपाली समकक्ष बालेंद्र शाह को फोन करके सहानुभूति जताई है। इसके साथ ही उन्होंने हर तरीके की मदद का भी भरोसा जताया है। हालांकि, नेपाल के बाद यह बाढ़ का पानी आगे उत्तर प्रदेश और बिहार में प्रवेश करेगा। ऐसे में इस क्षेत्र के प्रशासन को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है।
अधिकारियों के मुताबिक यह पूरा घटनाक्रम सुबह कर करीब 9 बजे हुआ था। इस दौरान तिब्बत की ओर से आने वाली भोते काशी नदी में पानी तेजी के साथ बढ़ा। इसके बाद तिब्बत से सटे रसुवा और धाड़िंग इलाके में जबरदस्त जान और माल का नुकसान हुआ। नेपाल पर्यटन बोर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक इस बाढ़ में अभी तक कुल 384 यात्री लापता हुआ हैं। इनमें करीब 291 विदेशी और 93 नेपाली नागरिक शामिल हैं।
नेपाली मीडिया में आशंका जताई जा रही है कि यह घटनाक्रम ऊंचे पहाड़ों से बर्फ और मिट्टी का एक बड़ा हिस्से के नदी में गिरने की वजह से हुआ है। हालांकि, नेपाल में कुछ लोग इसके लिए चीन को भी जिम्मेदार मान रहे हैं। इन लोगों का कहना है कि अगर चीन समय रहते बाढ़ की जानकारी दे देता या फिर अलर्ट जारी कर देता, तो नेपाल में कई दर्जन लोगों की जान बचाई जा सकती थी।