'उसे पैसा, जिस्म सब दिया लेकिन पछतावा है', जिंदा जलाई गई मनजीत का पुराना इंटरव्यू, मौत से पहले कही थी ये बात

Time Published: Monday, August 31, 2026, 19:24 [IST]

चंडीगढ़ की सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर मनजीत कौर की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि उसे पहले अगवा किया गया और फिर पेड़ से बांधकर जिंदा जला दिया गया। 26 अगस्त को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। अब उसकी मौत के बाद एक पुराना इंटरव्यू सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

इसमें मनजीत अपनी निजी जिंदगी, रिश्तों और भरोसा टूटने की बात करती नजर आ रही हैं। इंटरव्यू में मनजीत ने किसी व्यक्ति का नाम नहीं लिया था। लेकिन उन्होंने एक ऐसे रिश्ते का जिक्र किया, जिसे लेकर वह काफी परेशान दिखी थीं। उनकी बातें अब उनकी मौत के बाद फिर चर्चा में हैं।

Manjeet Kaur

'अब किसी पर भरोसा नहीं रहा', रिश्ते को लेकर कही थी ये बात

पुराने इंटरव्यू में मनजीत ने कहा था कि उन्हें अब लोगों पर भरोसा करना मुश्किल लगता है। उन्होंने बताया था कि किसी रिश्ते ने उन्हें अंदर से काफी प्रभावित किया और कई बार अकेले में रोना पड़ता था। जब उनसे पूछा गया कि क्या किसी ने उन्हें समझाया नहीं था कि हर व्यक्ति पर भरोसा नहीं किया जा सकता, तब उन्होंने किसी का नाम लिए बिना कहा था कि उस शख्स को पैसा और जिस्म दोनों चाहिए था और उन्होंने उसे दोनों दिए। लेकिन बाद में उन्हें अपने फैसले पर पछतावा होने लगा।

मनजीत ने यह भी कहा था कि वह चाहती थीं कि वह व्यक्ति उनके साथ बैठकर पुरानी बातें साफ करे और रिश्ते को लेकर स्थिति स्पष्ट करे। मनजीत ने कहा था,

"मैंने उस रिश्ते में बहुत कुछ दिया, लेकिन अब मुझे अपने फैसले का पछतावा होता है। मैं चाहती हूं कि एक बार बैठकर सारी बातें साफ हो जाएं, ताकि मुझे कम से कम सच पता चल सके।"

क्लब और महंगी पार्टियों की जिंदगी से भी हो गई थीं परेशान

इंटरव्यू में मनजीत ने अपनी पुरानी जिंदगी का भी जिक्र किया था। उन्होंने बताया था कि एक वक्त उन्हें क्लब जाना और दोस्तों के साथ पार्टी करना पसंद था। कई बार महंगे बिल आते थे और दोस्त उनके साथ रहते थे। लेकिन समय के साथ उन्हें लगा कि पैसे और दिखावे की वजह से रिश्तों का मतलब भी बदल जाता है।

उन्होंने कहा था कि जब किसी के पास पैसा होता है तो आसपास लोगों की भीड़ बढ़ जाती है। लेकिन वही लोग मुश्किल वक्त में साथ रहें, यह जरूरी नहीं। मनजीत ने कहा था कि अब उन्हें ऐसी जिंदगी नहीं चाहिए। वह बस शांति और सुकून से रहना चाहती थीं। इसी वजह से उन्होंने खुद को काफी हद तक शांत कर लिया था।

Manjeet Kaur Old Interview

3 जुलाई को झुलसी हालत में अस्पताल पहुंची थीं

मनजीत कौर को 3 जुलाई की देर रात झुलसी हालत में अस्पताल लाया गया था। आरोप है कि चंडीगढ़ से करीब 47 किलोमीटर दूर मोरिंडा में उन्हें पेड़ से बांधकर आग लगाई गई थी। इलाज के दौरान उनकी हालत गंभीर बनी रही। आखिरकार 26 अगस्त को उनकी मौत हो गई।

मनजीत के इंस्टाग्राम पर करीब 1 लाख 46 हजार फॉलोअर्स थे। उनकी सोशल मीडिया पहचान के कारण यह मामला सामने आने के बाद तेजी से चर्चा में आया। पुलिस की जांच के साथ अब उनका पुराना इंटरव्यू भी लोगों का ध्यान खींच रहा है।

हालांकि, पुराने इंटरव्यू में कही गई बातों को मौजूदा हत्या के मामले से सीधे जोड़ना अभी सही नहीं होगा। पुलिस जांच में ही यह साफ होगा कि उस पुराने रिश्ते का इस घटना से कोई संबंध था या नहीं।

परिवार का दर्द, मां ने कहा- 'मेरा सबकुछ लुट गया'

नजीत की मौत के बाद परिवार का बुरा हाल है। उनकी मां ने बातचीत के दौरान अपना दर्द जाहिर करते हुए कहा था,

"मेरी बेटी के जाने के बाद ऐसा लग रहा है जैसे मेरा सब कुछ खत्म हो गया। अब मैं किससे बात करूं और क्या बात करूं।" परिवार की तरफ से लगाए गए आरोपों और पुलिस की जांच के बीच अब यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि मनजीत को आखिरी बार कहां से और किसके साथ ले जाया गया था।

चंडीगढ़ सेक्टर-34 थाने के प्रभारी इंस्पेक्टर शादी लाल ने बताया कि मनजीत की मौत के बाद उनकी मां पुलिस के पास शिकायत लेकर पहुंची थीं। मां ने बताया था कि होश में आने के बाद मनजीत ने घटना के बारे में जानकारी दी थी।

पुलिस के मुताबिक, मनजीत ने अपनी मां को बताया था कि उसे सेक्टर-34 आने के लिए फोन किया गया था। वहां से उसे लेने के लिए गाड़ी भेजे जाने की बात कही गई थी। इसके बाद शुभी और पिंदा नाम के लोग गाड़ी लेकर पहुंचे और मनजीत उनके साथ चली गई। अब पुलिस इसी कड़ी को जोड़ने में लगी है कि वहां से निकलने के बाद आखिर क्या हुआ।

Manjeet Kaur Old Interview

शराब की दुकान के आसपास के कैमरे खंगाल रही पुलिस

पुलिस को जानकारी मिली है कि मनजीत को सेक्टर-34 की एक शराब की दुकान के आसपास से ले जाया गया हो सकता है। इसके बाद वहां लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली जा रही है। इंस्पेक्टर शादी लाल के मुताबिक, आम तौर पर कैमरों में करीब 15 दिन तक की रिकॉर्डिंग रहती है।

इसलिए मौजूद फुटेज को जांचा जा रहा है। मनजीत को जब इलाज के लिए पीजीआई लाया गया था, तब पुलिस को भी इसकी जानकारी दी गई थी। पुलिसकर्मी अस्पताल पहुंचे और मनजीत तथा उसके परिवार से बात की थी। घटना और परिवार के पते की जानकारी भी पुलिस को दी गई थी।

मोरिंडा और खरड़ पुलिस को सूचना देने का दावा

इंस्पेक्टर के मुताबिक, पीजीआई से जानकारी मिलने के बाद चंडीगढ़ पुलिस ने खरड़ सदर थाने के एएसआई कुलविंदर से भी संपर्क किया था। उन्हें घटना की जानकारी दी गई थी और बयान दर्ज करने के लिए मौके पर जाने की बात कही गई थी।

पुलिस का कहना है कि उस समय संबंधित इलाके की पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। मामले को लेकर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से भी चर्चा हुई। महिला से जुड़ा मामला होने और आरोपों की गंभीरता को देखते हुए शिकायत मिलने के बाद केस दर्ज कर जांच शुरू की गई।

FIR में जिनके नाम, उनसे होगी पूछताछ

पुलिस के मुताबिक, एफआईआर में जिन लोगों के नाम सामने आए हैं, उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। जांच के दौरान अगर किसी और व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उससे भी सवाल किए जाएंगे। इंस्पेक्टर शादी लाल ने कहा कि किसी व्यक्ति के खिलाफ आरोप से जुड़े ठोस सबूत मिलते हैं तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस का कहना है कि मामले के हर पहलू की जांच की जा रही है। मनजीत के पुराने इंटरव्यू ने उनकी निजी जिंदगी से जुड़े सवाल जरूर फिर खड़े कर दिए हैं। लेकिन उनके पुराने रिश्ते, वायरल दावों और हत्या की घटना के बीच कोई सीधा संबंध है या नहीं, इसका जवाब अभी जांच से ही मिलेगा।