जम्मू-कश्मीर: मेडिकल इंटर्न की अनिश्चितकालीन हड़ताल, स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग
जम्मू-कश्मीर: मेडिकल इंटर्न की अनिश्चितकालीन हड़ताल, स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग
जम्मू-कश्मीर: मेडिकल इंटर्न की अनिश्चितकालीन हड़ताल, स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग
IANS
31 Aug 2026
23:10 IST
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(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)
श्रीनगर, 31 अगस्त (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर में एमबीबीएस और बीडीएस कोर्स के मेडिकल इंटर्न ने सोमवार को मासिक वजीफे (स्टाइपेंड) में बढ़ोतरी की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी।
अधिकारियों ने बताया कि जीएमसी श्रीनगर और उससे जुड़े अस्पतालों में इंटर्न ने क्लिनिकल सेवाएं पूरी तरह से रोक दी हैं। इंटर्न अपने स्टाइपेंड को मौजूदा 12,300 से बढ़ाकर 30,000 रुपए करने की मांग कर रहे हैं। उनका तर्क है कि महंगाई और काम के भारी बोझ के बावजूद यह राशि लगभग छह साल से नहीं बढ़ाई गई है।
विरोध कर रहे इंटर्न का कहना है कि दूसरे राज्यों की तुलना में जम्मू-कश्मीर में स्टाइपेंड सबसे कम है। यह हड़ताल पूरे केंद्र शासित प्रदेश में हो रही है, जिसमें एसकेआईएमएस बेमिना, जीएमसी जम्मू, जीएमसी अनंतनाग और जीएमसी बारामूला के इंटर्न भी शामिल हुए हैं, जिससे सेवाएं प्रभावित हुई हैं।
इंटर्न अस्पताल के 24 घंटे चलने वाले कामकाज की रीढ़ होते हैं, इसलिए अचानक सेवाएं बंद होने से इमरजेंसी रूम, वार्ड और आउटपेशेंट डिपार्टमेंट (ओपीडी) पर काफी असर पड़ा है।
एक बयान में जम्मू-कश्मीर की स्वास्थ्य मंत्री सकीना इत्तू ने कहा कि मेडिकल इंटर्न की स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग जायज है।
जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन (जेकेएसए) ने भी अपना समर्थन दिया है। जेकेएसए के नेशनल कन्वीनर नासिर खेउहामी ने कहा, इंटर्न की मांग सच्ची, उचित और पूरी तरह से जायज है। मेडिकल इंटर्न हेल्थकेयर सिस्टम का एक अहम हिस्सा हैं। अपनी अनिवार्य ड्यूटी के दौरान वे वार्ड, ओपीडी, इमरजेंसी डिपार्टमेंट, आईसीयू, ऑपरेशन थिएटर और क्लिनिकल सेवाओं में काम करते हैं।
खेउहामी ने आगे कहा कि इंटर्न अक्सर बहुत लंबे समय तक काम करते हैं। कभी-कभी यह समय 24 से 36 घंटे तक भी खींच जाता है। उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई को देखते हुए मौजूदा स्टाइपेंड बहुत कम है और मेहनताना बढ़ाने की तुरंत जरूरत है।
–आईएएनएस
एससीएच/डीकेपी
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