Dhanbad News :  झरिया के लोदना क्षेत्र स्थित बीसीसीएल के बरारी छह नंबर बस्ती में आज गुरुवार को जोरदार धमाके के साथ अचानक जमीन धंसने से अफरा-तफरी मच गई. जमीन में बनी दरारों से आग की लपटें निकलने के साथ जहरीला धुआं उठने लगा. घटना के बाद आसपास रहने वाले लोगों में दहशत का माहौल है. स्थानीय लोगों को आशंका है कि जमीन के अंदर आग और गैस का खतरा बढ़ सकता है.

जानकारी के अनुसार आज सुबह अचानक तेज आवाज के साथ बस्ती के एक हिस्से की जमीन धंस गई. देखते ही देखते वहां गहरी दरारें बन गईं और दरारों से धुआं निकलने लगा. कुछ देर बाद आग की लपटें भी दिखाई देने लगीं. घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर जुट गए.

Lagatar Expose: अभय तिवारी का कारेबारी नेटवर्क, SP के बॉडीगार्ड के भाई का रौब, शराब दुकान व जमीन का कनेक्शन
504 करोड़ के घोटाले में छह IAS अफसरों सहित 19 के खिलाफ आरोप पत्र दायर

धंसान वाली जगह से लक्ष्मी कॉलोनी को जोड़ने वाली मुख्य सड़क कुछ ही दूरी पर स्थित है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जमीन धंसने का दायरा बढ़ा तो सड़क भी इसकी चपेट में आ सकती है. ऐसी स्थिति में इलाके में आवागमन पूरी तरह बाधित होने के साथ बड़ा हादसा हो सकता है. लोगों ने प्रशासन और बीसीसीएल प्रबंधन से तत्काल सुरक्षा व्यवस्था करने की मांग की है.

अवैध सुरंगों के कारण जमीन खोखली होने का आरोप

Uploaded Image

बरारी बस्ती में जमीन धंसी, निकलने लगा धुआं

स्थानीय नेता सबूर गोराई ने जमीन धंसने के पीछे अवैध कोयला खनन और कोयला चोरी के लिए बनाए गए कथित अवैध सिरमुहानों (सुरंगों) को जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने आरोप लगाया कि जमीन के नीचे लंबे समय से अवैध तरीके से कोयला निकाला जाता रहा है. इसके कारण भूमिगत हिस्से में खोखलापन पैदा हो गया और जमीन का एक हिस्सा अचानक धंस गया. उन्होंने बीसीसीएल प्रबंधन पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है. उन्होंने  कहा कि समय रहते भूमिगत स्थिति की जांच नहीं की गयी तो भविष्य में धंसान का दायरा और बढ़ सकता है।

मौके पर पहुंची बीसीसीएल की टीम

घटना की सूचना मिलने के बाद बीसीसीएल अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची और धंसान वाले क्षेत्र का निरीक्षण किया. अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लेते हुए स्थानीय लोगों को आवश्यक सुरक्षा उपाय किए जाने का भरोसा दिया.साथ ही प्रभावित हिस्से में भराई का काम शुरू कराने का आश्वासन दिया गया है.

स्थानीय लोगों ने कहा कि केवल भराई कर देने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा. पहले यह पता लगाया जाना जरूरी है कि जमीन के नीचे किन कारणों से खोखलापन और आग की स्थिति बनी है.

ग्रामीणों का कहना है कि किसी बड़े हादसे के बाद कार्रवाई करने के बजाय प्रशासन और बीसीसीएल को अभी से एहतियाती कदम उठाने चाहिए और यदि अवैध खनन के कारण घटना हुई है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए.

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.