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चास में ब्रेन मलेरिया का एक मामला सामने आने के बाद अब डेंगू ने भी दस्तक दे दी है। बोकारो जनरल अस्पताल (बीजीएच) में डेंगू के आठ मरीजों की पुष्टि हुई है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि स्वास्थ्य विभाग के आधिकारिक रिकॉर्ड में अब तक डेंगू का एक भी मामला दर्ज नहीं है। इससे निगरानी व्यवस्था और आंकड़ों के समन्वय पर सवाल उठने लगे हैं।जानकारी के अनुसार, बीजीएच में पिछले 12 दिनों के दौरान डेंगू की आशंका वाले 119 मरीजों के रक्त नमूने जांच के लिए भेजे गए थे। इनमें से आठ मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। अस्पताल में पुष्टि होने के बाद मरीजों का इलाज शुरू कर दिया गया है और उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। दो मरीजों की विशेष निगरानी में इलाज चल रहा है। दूसरी ओर, जिला स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि उसके पास अब तक डेंगू के किसी भी मरीज की आधिकारिक सूचना नहीं पहुंची है। ऐसे में विभागीय रिकॉर्ड में डेंगू के मामलों की संख्या शून्य बनी हुई है। अस्पताल और स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में इस अंतर ने सूचना व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है।
चास नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग सुस्त
चिंता की बात यह है कि पैर पसारती बीमारियों के बावजूद स्वास्थ्य विभाग और चास नगर निगम ने अब तक धरातल पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। जिले में न तो एंटी-लार्वा दवाओं का छिड़काव शुरू हुआ है और न ही फॉगिंग या डोर-टू-डोर सर्वे। इन इलाकों में कई लोग मौसमी बीमारियों की चपेट में हैं, लेकिन सर्वे नहीं होने के कारण स्वास्थ्य विभाग के पास इसका कोई सटीक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है।
फैल रही बीमारियां, पर दवा छिड़काव शुरू नहीं
जल्द से जल्द सर्वे का काम शुरू कराया जाएगा : सिविल सर्जन
सर्वे का काम पूरा हो चुका है
बारिश की गंदगी से फैल रही बीमारियां, लेकिन दवा छिड़काव अभी शुरू भी नहीं ::
बोकारो शहर के सेक्टर-9 बड़ा खटाल, बसंती मोड़, सेक्टर-8 कोयला डिपो, सेक्टर-12 झोपड़पट्टी, दुंदीबाद और झोपड़ी कॉलोनी, चास नगर निगम क्षेत्र के कृष्णापुरी, बांधधार तालाब के आसपास का इलाका, रामनगर कॉलोनी, राणा प्रताप खटाल व अन्य इलाके हैं जहां पर फैली गंदगी से बीमारी तेजी से फैल रहा है। लगातार हो रही बारिश के कारण लोगों के घरों के आसपास, बंद पड़ी नालियों, कचरा के कारण मच्छर तेजी से पनप रहे हैं। लेकिन स्वास्थ्य विभाग इस दिशा में अभी तक दवा छिड़काव शुरू भी नहीं किया है। जबकि मानसून आने के साथ ही बीमारियों व मच्छरों से बचने के लिए ब्लिचिंग पाउडर आदि का छिड़काव जरूरी होता है।
सेक्टर-2ए के पास हाइवे के समीप जमा कचरा।