पंजाब यूनिवर्सिटी के लॉ ऑडिटोरियम में शुक्रवार को वाइस प्रेसिडेंट व पीयू के चांसलर सीपी राधाकृष्णन के कार्यक्रम में सांसद मनीष तिवारी की एक मांग और उस पर चांसलर का जवाब चर्चा का केंद्र रहा। चांसलर पीयू में एडवांस्ड इंस्ट्रूमेंटेशन फैसिलिटी और टेक इनो
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इस मौके पर तिवारी ने चंडीगढ़ में एआई और क्वांटम कंप्यूटिंग में रिसर्च के लिए एक अलग सेंट्रली फंडेड यूनिवर्सिटी बनाने की मांग रखी। उन्होंने आंध्र प्रदेश को इसी तरह की यूनिवर्सिटी के लिए मिली 730 करोड़ रुपए की मंजूरी का उदाहरण देते हुए कहा कि चंडीगढ़-मोहाली में ऐसे संस्थान की जरूरत है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि देश की पहली सेमीकंडक्टर लैब भी मोहाली में स्थापित हुई थी। इसलिए चंडीगढ़ को एडवांस्ड रिसर्च के एरिया में आगे ले जाने के लिए यहां ऐसी यूनिवर्सिटी बनाई जानी चाहिए।
वाइस प्रेसिडेंट ने कहा कि अपने भाषण से पहले वो अच्छे दोस्त मनीष तिवारी की बात का जवाब देंगे। उन्होंने अनुरोध किया है कि यहां एक और सेंट्रल यूनिवर्सिटी होनी चाहिए। चूंकि वे लोकसभा सदस्य हैं, इसलिए मैं उनकी पॉलिटिकल कम्पल्शन को समझता हूं।
कुछ चीजें आंध्र प्रदेश को दी गई हैं, इसलिए यहां भी दी जानी चाहिए... मेरा एटिट्यूड ऐसा नहीं है। जो मुझे चाहिए, वह मैं हासिल करूंगा। तिवारी की मांग को पूरी तरह खारिज करने के बजाय कहा कि पीयू में आधुनिक साइंटिफिट सब्जेक्ट्स को शामिल करेंगे।
5 साल में पीयू को टॉप यूनिवर्सिटी बनाना है...
राधाकृष्णन ने कहा कि पीयू को पहले ही 80 परसेंट फंडिंग केंद्र और 20 परसेंट स्टेट गवर्नमेंट से मिलती है। ये पहले से ही सेंट्रल फंडेड यूनिवर्सिटी है। सेमीकंडक्टर, रोबोटिक्स, एआई समेत आधुनिक साइंटिफिक एरिया में पीयू के अंदर ही एक्सपर्टीज डेवलप की जाएगी।
सभी फैकल्टी, एलुमनी, स्टूडेंट्स सुझाव भेजें कि पीयू को टॉप कैसे बना सकते हैं। हमें 5 साल में इसे दुनिया की टॉप यूनिवर्सिटी बनाना है। सेमीकंडक्टर, रोबोटिक्स, एआई में पीयू को आगे ले जाने के लिए दुनिया की प्रमुख यूनिवर्सिटीज के साथ एमओयू किए जाएंगे।
वाइस प्रेसिडेंट ने कहा कि अपने भाषण से पहले वो अच्छे दोस्त मनीष तिवारी की बात का जवाब देंगे। उन्होंने अनुरोध किया है कि यहां एक और सेंट्रल यूनिवर्सिटी होनी चाहिए। चूंकि वे लोकसभा सदस्य हैं, इसलिए मैं उनकी पॉलिटिकल कम्पल्शन को समझता हूं। कुछ चीजें आंध्र प्रदेश को दी गई हैं, इसलिए यहां भी दी जानी चाहिए... मेरा एटिट्यूड ऐसा नहीं है। जो मुझे चाहिए, वह मैं हासिल करूंगा। तिवारी की मांग को पूरी तरह खारिज करने के बजाय कहा कि पीयू में आधुनिक साइंटिफिट सब्जेक्ट्स को शामिल करेंगे।
सांसद तिवारी ने चंडीगढ़ के लिए मांगी एआई-क्वांटम सेंट्रल यूनिवर्सिटी
वाइस प्रेसिडेंट ने अपने जवाब के दौरान तिवारी की तारीफ भी की। कहा कि तिवारी का पीयू से गहरा रिश्ता है। करीब 20 साल कैंपस में बिताए हैं। कैम्ब्रिज यूनि. के भी स्टूडेंट रहे हैं। तिवारी ने जीवन में कई उतार-चढ़ाव और मुश्किल परिस्थितियां देखीं, लेकिन वे कभी निराश नहीं हुए और लगातार आगे बढ़ते रहे। अपना भाषण खत्म करने के बाद उपराष्ट्रपति सबसे पहले तिवारी के पास गए, हाथ मिलाया और दोनों मुस्कुराए।