सत्य निकेतन में ढही इमारत का रेंट एग्रीमेंट देख घूम जाएगा माथा! लिखा-'किराएदार के मौत की जिम्मेदारी मेरी नहीं'

Time Updated: Monday, September 7, 2026, 16:07 [IST]

Satya Niketan Building Collapse Rent Agreement: दिल्ली के सत्य निकेतन में लड़कों के PG के रूप में इस्तेमाल हो रही पांच मंजिला इमारत के ढहने के बाद कई गंभीर सवाल सामने आ रहे हैं। इस दर्दनाक हादसे में अब तक सात लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई घायल अस्पताल में इलाज करा रहे हैं। मलबे में अन्य लोगों के फंसे होने की आशंका के बीच बचाव अभियान लगातार जारी है।

इस बीच सामने आई रेंट एग्रीमेंट की एक कॉपी ने छात्रों की सुरक्षा और PG संचालक की जिम्मेदारी को लेकर नई बहस छेड़ दी है। दस्तावेज में कथित तौर पर ऐसी शर्त दर्ज थी, जिसमें किसी दुर्घटना, जोखिम या जनहानि की स्थिति में PG प्रबंधन ने जिम्मेदारी से इनकार किया था। वहीं, पुलिस ने इमारत के मालिक को राजस्थान के भिवाड़ी से गिरफ्तार कर लिया है।

Satya Niketan Building Collapse Rent Agreement

रेंट एग्रीमेंट की शर्त पर उठे सवाल

हादसे के बाद सामने आए रेंट एग्रीमेंट में एक ऐसी शर्त का जिक्र किया गया है, जिसने छात्रों और उनके परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। बताया जा रहा है कि दस्तावेज में PG परिसर में रहने वाले किरायेदारों के साथ किसी दुर्घटना, खतरे या जान-माल के नुकसान की स्थिति में संचालक की जिम्मेदारी सीमित या समाप्त होने की बात लिखी गई थी। यानी किसी हादसे में छात्र को नुकसान पहुंचने या उसकी मौत होने की स्थिति में PG प्रबंधन खुद को जिम्मेदार नहीं मानने की शर्त रखता था।

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अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इस तरह की शर्त किसी PG संचालक को इमारत की सुरक्षा से जुड़ी जिम्मेदारियों से मुक्त कर सकती है? पांच मंजिला इमारत के ढहने और सात लोगों की मौत के बाद यह मुद्दा और गंभीर हो गया है।

Rent Agreement

'हॉस्टल डेज' के नाम से चल रहा था लड़कों का PG

ढही हुई इमारत का नाम 'हॉस्टल डेज' बताया गया है और यहां लड़कों के लिए PG आवास चलाया जा रहा था। घटना के समय इमारत में कई छात्र मौजूद थे। सत्य निकेतन इलाके में रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे इमारत मरम्मत कार्य के दौरान अचानक ढह गई। देखते ही देखते पूरी इमारत मलबे में बदल गई और वहां मौजूद लोग दब गए। अब तक बचाव दल मलबे से 12 लोगों को बाहर निकाल चुका है, जिनमें से सात लोगों की मौत हो चुकी है।

मालिक हरिराम बंसल भिवाड़ी से गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस ने इमारत के मालिक हरिराम बंसल और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया था। हादसे के बाद मालिक की तलाश की जा रही थी। पुलिस के अनुसार, हरिराम बंसल को राजस्थान के भिवाड़ी से गिरफ्तार कर लिया गया है। घटना के बाद उसका पता नहीं चल रहा था, जिसके बाद पुलिस ने उसके खिलाफ लुक-आउट नोटिस जारी किया और उसे तलाशने के लिए करीब 10 टीमें बनाई गईं।

दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, हरिराम बंसल को पकड़ने के बाद उससे आगे की पूछताछ की जा रही है। डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस, दक्षिण-पश्चिम, अमित गोयल ने भी मामले में FIR दर्ज होने की पुष्टि की है।

MCD के पांच अधिकारियों पर कार्रवाई

इस हादसे के बाद दिल्ली नगर निगम के अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश के बाद MCD के पांच अधिकारियों को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबित किए गए अधिकारियों में शामिल हैं-

  • डिप्टी कमिश्नर राकेश कुमार
  • सुपरिटेंडिंग इंजीनियर रणवीर सिंह
  • एग्जीक्यूटिव इंजीनियर ललित कुमार गोयल
  • असिस्टेंट इंजीनियर सुनील चौहान
  • जूनियर इंजीनियर आशीष कुमार

मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, लापरवाही या चूक के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

मलबे में कितने लोग फंसे हैं, अभी साफ नहीं

NDRF के अनुसार, मलबे के नीचे अभी कितने लोग फंसे हो सकते हैं, इसकी कोई निश्चित संख्या उपलब्ध नहीं है। NDRF के महानिरीक्षक नरेंद्र बुंदेला ने बताया कि बचाव दल मलबे के नीचे किसी व्यक्ति के जिंदा होने के संकेत तलाशने के लिए आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल कर रहा है। रेस्क्यू टीमों के पास, मलबा काटने के लिए कटर, भारी हिस्सों को उठाने के लिए हाइड्रोलिक जैक, लोगों का पता लगाने के लिए प्रशिक्षित श्वान दल जैसे उपकरण मौजूद हैं।

हादसे के तुरंत बाद से NDRF की दो तकनीकी टीमें घटनास्थल पर काम कर रही हैं। दिल्ली पुलिस, NDRF और दिल्ली सरकार की अन्य एजेंसियां मिलकर मलबा हटाने और फंसे हुए लोगों की तलाश कर रही हैं। बचाव अभियान सोमवार को भी पूरे दिन जारी रहा और अधिकारियों के अनुसार यह देर रात तक चलने की संभावना जताई गई।

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