'थोंग हांगो, थोंग हांगो!' मौत से ठीक पहले क्या कह रहे थे मणिपुरी संगीतकार? दिल्ली में चोंगथम विक्रम की लिंचिंग

Time Published: Wednesday, September 9, 2026, 8:28 [IST]

Musician Chongtham Vikram Singh Death: दिल्ली के किलोकरी गांव में रात के शोर को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद एक मशहूर मणिपुरी संगीतकार की मौत का कारण बन गया। 55 साल के चोंगथम विक्रम सिंह 6 सितंबर की रात अपने घर के बाहर गए थे। आरोप है कि सामने मौजूद ढाबे से जुड़े कर्मचारियों और डिलीवरी का काम करने वाले युवकों से उन्होंने सिर्फ शोर कम करने के लिए कहा था। इसके बाद बहस हुई और मामला हाथापाई तक पहुंच गया।

आरोप है कि विक्रम सिंह जब बचने के लिए घर की ओर भागे तो कुछ लोग उनका पीछा करते हुए तीसरी मंजिल तक पहुंच गए। वहां कॉरिडोर में उन्हें घेरकर पीटा गया। गंभीर हालत में परिवार उन्हें अस्पताल ले गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में आठ लोगों को पकड़ा है, जिनमें एक नाबालिग भी है।

Chongtham Vikram Singh

क्या है पूरा मामला?

6 सितंबर की देर रात विक्रम सिंह अपने घर से नीचे कूड़ा फेंकने के लिए निकले थे। इसी दौरान घर के ठीक सामने स्थित ढाबे से जुड़े कुछ कर्मचारी और डिलीवरी करने वाले लड़के वहां मौजूद थे। बताया जा रहा है कि उस वक्त काफी शोर हो रहा था। कुछ लोग शराब पीकर आपस में झगड़ भी रहे थे।

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घर के पास लगातार हो रही तेज आवाज से परेशान विक्रम सिंह ने उन्हें शांत रहने और आवाज कम करने के लिए कहा। बात इतनी सी थी, लेकिन आरोप है कि इसी को लेकर वहां मौजूद लोगों के साथ उनकी बहस शुरू हो गई। मौके पर करीब आठ लोग थे।

विवाद बढ़ा तो घर की ओर भागे

बातचीत जल्द ही धक्का-मुक्की और हाथापाई तक पहुंच गई। इसके बाद विक्रम सिंह वहां से अपने घर की तरफ चले गए। लेकिन आरोप है कि विवाद करने वाले लोग पीछे हटने के बजाय उनके पीछे घर की सीढ़ियों तक पहुंच गए। विक्रम सिंह सीढ़ियां चढ़ते हुए तीसरी मंजिल तक पहुंचे। आरोप है कि वहां कॉरिडोर में उन्हें घेर लिया गया और कई लोगों ने मिलकर उनके साथ मारपीट की। इसी हमले में उन्हें गंभीर चोटें आईं।

रात 12:06 बजे CCTV में दिखे आरोपी

घटना के बाद की गतिविधियां CCTV कैमरे में कैद हुई हैं। फुटेज में रात करीब 12 बजकर 6 मिनट पर कुछ लोग सीढ़ियों से नीचे उतरते दिखाई देते हैं। सबसे पहले बनियान पहना एक व्यक्ति नीचे आता है। उसके पीछे बाकी लोग भी सीढ़ियों से उतरते नजर आते हैं।

दरवाजा पीटकर बेटे को पुकार रहे थे

हमले के कुछ ही मिनट बाद विक्रम सिंह के घरवालों ने दरवाजा पीटने की आवाज सुनी। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, विक्रम सिंह मणिपुरी भाषा में 'थोंग हांगो, थोंग हांगो' कहकर दरवाजा खोलने के लिए पुकार रहे थे। इसका मतलब मणिपूरी भाषा में 'दरवाजा खोलो, दरवाजा खोलो' बताया गया है।

उनके 20 वर्षीय बेटे याईफाबा ने दरवाजा खोला। सामने पिता को इस हालत में देखकर परिवार के लोग घबरा गए। उनकी टी-शर्ट फटी हुई थी और शरीर पर गंभीर चोटों के निशान थे। हालत देखकर तुरंत उन्हें अस्पताल ले जाने की तैयारी शुरू की गई।

12:16 बजे अस्पताल ले जाया गया

परिवार और दोस्तों की मदद से विक्रम सिंह को रात करीब 12 बजकर 16 मिनट पर होली फैमिली अस्पताल ले जाया गया। CCTV में उन्हें सीढ़ियों से नीचे लाते हुए भी देखा गया है। फुटेज में करीब छह लोग दिखाई देते हैं। इनमें एक व्यक्ति विक्रम सिंह को अपने कंधे पर उठाकर नीचे लाता नजर आता है। उनकी हालत उस समय इतनी खराब थी कि उन्हें सामान्य तरीके से नीचे लाना भी संभव नहीं था।

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, अस्पताल पहुंचने तक उनका ब्लड प्रेशर 50 से भी नीचे पहुंच गया था। उनकी हालत बेहद नाजुक थी और डॉक्टर सर्जरी तक नहीं कर सके। इलाज के दौरान ही विक्रम सिंह ने दम तोड़ दिया।

मणिपुर के संगीत जगत में थी पहचान

विक्रम सिंह की पहचान सिर्फ दिल्ली में रहने वाले संगीत शिक्षक के तौर पर नहीं थी। वह मणिपुर के जाने-पहचाने संगीतकार थे और कई लोकप्रिय संगीत बैंड का हिस्सा रह चुके थे। दिल्ली में वह एक संगीत स्कूल भी चलाते थे, जहां संगीत सीखने वाले छात्रों को प्रशिक्षण दिया जाता था।

उनका परिवार भी संगीत और कला से जुड़ा रहा है। उनकी मां चोंगथम ओंगबी कमला देवी मशहूर शास्त्रीय गायिका थीं। विक्रम सिंह लक्ष्मीप्रिया देवी के चचेरे भाई भी थे, जो भारत की पहली बाफ्टा पुरस्कार जीतने वाली फिल्म की निर्देशक हैं।

आठ लोगों पर पुलिस की कार्रवाई

मामले में पुलिस ने आठ लोगों को हिरासत में लिया है। इनमें एक नाबालिग भी शामिल है। पुलिस के मुताबिक, पकड़े गए लोगों में कुछ अलग-अलग खाने की दुकानों में खाना पैक करने या डिलीवरी से जुड़े काम करते थे। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है। धारा 103(2) हत्या से जुड़ी है, जबकि धारा 3(5) साझा इरादे से किए गए अपराध पर लागू होती है।

अब जांच में CCTV फुटेज के साथ मौके पर मौजूद लोगों और दूसरे सबूतों को भी देखा जा रहा है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि शोर को लेकर शुरू हुआ विवाद किस तरह मारपीट में बदला और विक्रम सिंह पर हमला करने में कौन-कौन शामिल था।

घटना के बाद पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने विक्रम सिंह के परिवार और समुदाय के लोगों से मुलाकात की है। अधिकारियों ने परिवार को मामले में जल्द कार्रवाई का भरोसा दिया है।

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