गणेश चतुर्थी: कहां लगते हैं देश के सबसे चर्चित गणपति पंडाल? महाराष्ट्र से बंगाल तक देखें खास ठिकाने
Thu, 10 Sep 2026 12:03 PM IST
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवानी अवस्थी Updated Thu, 10 Sep 2026 12:03 PM IST
सार
Ganesh Utsav 2026: भारत के बड़े गणपति पंडाल केवल धार्मिक आयोजन नहीं होते, बल्कि कला, संस्कृति और सामाजिक एकता का भी प्रतीक बन जाते हैं। कई मंडल हर साल नई थीम तैयार करते हैं। कहीं पौराणिक कथाओं को दर्शाया जाता है तो कहीं सामाजिक संदेशों और पर्यावरण संरक्षण को सजावट का हिस्सा बनाया जाता है।
Ganpati Pandal 2026: गणेश चतुर्थी आते ही देशभर में भक्ति और उत्सव का माहौल बन जाता है। घरों में बप्पा की स्थापना से लेकर बड़े-बड़े सार्वजनिक पंडालों तक, हर जगह गणपति बप्पा की जय-जयकार सुनाई देती है। हालांकि गणेशोत्सव की सबसे भव्य पहचान महाराष्ट्र से जुड़ी है, जहां मुंबई और पुणे के प्रसिद्ध सार्वजनिक मंडल हर साल लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करते हैं। लालबागचा राजा, गणेश गल्ली, जीएसबी सेवा मंडल और दगडूशेठ हलवाई गणपति जैसे नाम केवल महाराष्ट्र ही नहीं, बल्कि देशभर में प्रसिद्ध हैं।
लेकिन गणेशोत्सव की रौनक केवल महाराष्ट्र तक सीमित नहीं है। देश के अलग-अलग हिस्सों में भी गणपति पूजा का उत्साह देखने को मिलता है और पश्चिम बंगाल में भी गणेश चतुर्थी के अवसर पर घरों और सार्वजनिक आयोजनों में भगवान गणेश की पूजा की जाती है। 2026 में गणेश चतुर्थी 14 सितंबर को मनाई जाएगी और 10 दिनों तक चलने वाले उत्सव का समापन 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी के दिन होगा।
आइए जानते हैं महाराष्ट्र से लेकर पश्चिम बंगाल तक उन प्रमुख जगहों के बारे में, जहां गणपति उत्सव अपनी भव्यता, आस्था और अनोखी परंपराओं के लिए खास पहचान रखता है।
Ganpati puja - फोटो : instagram
मुंबई का लालबागचा राजा
मुंबई के सबसे चर्चित और प्रतिष्ठित गणपति मंडलों की बात हो तो लालबागचा राजा का नाम सबसे पहले लिया जाता है। इसे मन्नतों का राजा भी कहा जाता है और गणेशोत्सव के दौरान यहां दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
इस सार्वजनिक गणेशोत्सव की शुरुआत 1934 में हुई थी और आज यह मुंबई के गणेशोत्सव की सबसे बड़ी पहचान बन चुका है। इसकी भव्य मूर्ति, आकर्षक सजावट और भक्तों की लंबी कतारें हर साल लोगों का ध्यान खींचती हैं
गणपति पंडाल - फोटो : instagram
गणेश गल्ली का मुंबईचा राजा
मुंबई के प्रसिद्ध गणपति मंडलों में गणेश गल्ली का मुंबईचा राजा भी बेहद खास माना जाता है। यह मंडल अपनी आकर्षक थीम और भव्य सजावट के लिए जाना जाता है।
2026 में गणेश गल्ली सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल ने अपने आयोजन को महाराष्ट्र की संत परंपरा पर आधारित विशेष थीम से सजाने की तैयारी की है। मंडल का यह 99वां वर्ष है और यहां धार्मिक व सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए भक्तों को अलग अनुभव देने की कोशिश की जा रही है।
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गणपति पंडाल - फोटो : instagram
खेतवाड़ी गणराज्य और मुंबई के अन्य प्रसिद्ध पंडाल
मुंबई में गणेशोत्सव के दौरान केवल एक-दो नहीं, बल्कि कई बड़े और प्रसिद्ध पंडाल सजते हैं। इनमें खेतवाड़ी गणराज, अंधेरीचा राजा, चिंचपोकलीचा चिंतामणि, गिरगांवचा राजा और कई अन्य मंडल शामिल हैं।
मुंबई के अलग-अलग इलाकों में सजने वाले ये पंडाल विशाल मूर्तियों, कलात्मक सजावट और अनोखी थीम के कारण गणेश भक्तों और पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनते हैं।
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गणपति पंडाल - फोटो : instagram
पुणे का श्रीमंत दगडूसेठ हलवाई गणपति
महाराष्ट्र में मुंबई के बाद पुणे गणेशोत्सव के सबसे प्रमुख केंद्रों में शामिल है। यहां का श्रीमंत दगडूशेठ हलवाई गणपति देशभर में प्रसिद्ध है। गणेश चतुर्थी के दौरान मंदिर और आसपास का क्षेत्र श्रद्धालुओं से भरा रहता है।
पुणे में दगडूशेठ के अलावा कसबा गणपति, तांबडी जोगेश्वरी, तुलसीबाग और अन्य ऐतिहासिक गणपति मंडल भी उत्सव की खास पहचान हैं। पुणे का गणेशोत्सव परंपरा और सार्वजनिक उत्सव की पुरानी विरासत को आज भी जीवंत रखता है।