रानी कमलापति स्टेशन पर नाबालिग सुरक्षित, रेलवे कर्मचारियों की सतर्कता से परिजन तक पहुंचा

रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर 16 वर्षीय नाबालिग बालक बिना टिकट मिला। रेलवे कर्मचारियों ने सतर्कता दिखाते हुए उसे सुरक्षित रोका, पिता से संपर्क किया और पहचान सत्यापन के बाद उनके परिचित के साथ घर भेजने की व्यवस्था की।

Railway Safety, Rani Kamlapati Station

रानी कमलापति स्टेशन पर अमरकंटक एक्सप्रेस के समय बिना टिकट मिला 16 वर्षीय नाबालिग सुरक्षित मिला।

  • Published: 11 Sep 2026, 03:22 PM IST
  • Last Updated: 11 Sep 2026, 03:22 PM IST

भोपाल। रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर रेलवे कर्मचारियों की सतर्कता और संवेदनशीलता से घर से बिना बताए निकला 16 वर्षीय नाबालिग बालक सुरक्षित मिल गया। कर्मचारियों ने समय रहते बालक को रोककर उसके परिजनों से संपर्क किया और पहचान व जरूरी जानकारी का सत्यापन करने के बाद उसे उसके पिता के परिचित के सुपुर्द कर दिया।

अमरकंटक एक्सप्रेस के समय मिला बालक

11 सितंबर को सुबह 6 बजे से दोपहर 2 बजे की शिफ्ट में रेलवे कर्मचारी ड्यूटी पर तैनात थे। इसी दौरान गाड़ी संख्या 12853 अमरकंटक एक्सप्रेस के समय रानी कमलापति स्टेशन पर एक नाबालिग बालक बिना टिकट मिला। ऑन ड्यूटी कर्मचारी रोहित रैकवाल ने बालक को रोककर उससे पूछताछ की।

पूछताछ के दौरान बालक की स्थिति को देखते हुए कर्मचारियों को संदेह हुआ। इसके बाद उसे हेड टीसी कार्यालय लाया गया, जहां उससे उसके घर और परिजनों के संबंध में जानकारी ली गई।

पिता से फोन पर हुआ संपर्क

भोपाल रेल मंडल के सीनियर डीसीएम सौरभ कटारिया के अनुसार हेड टीसी कार्यालय में ऑन ड्यूटी हेड टीसी मंजू पटेल और साथी कर्मचारी मनीषा मालवीय ने बालक से बातचीत कर उसके परिजनों की जानकारी हासिल की। बालक द्वारा दिए गए संपर्क नंबर पर उसके पिता से फोन पर बात की गई।

बातचीत में पिता ने बताया कि माता-पिता की डांट से नाराज होकर बालक बिना बताए घर से निकल आया था। इसके बाद पिता ने अपने परिचित मोहम्मद सरफुद्दीन को रानी कमलापति स्टेशन स्थित हेड टीसी कार्यालय भेजा।

पहचान सत्यापित कर परिचित को सौंपा

रेलवे कर्मचारियों ने बालक के पिता के अनुरोध पर उसके परिचित मोहम्मद सरफुद्दीन की पहचान और संपर्क संबंधी जरूरी जानकारी का सत्यापन किया। प्रक्रिया पूरी होने के बाद बालक को सुरक्षित रूप से उनके सुपुर्द कर दिया गया।

भोपाल मंडल रेल प्रशासन ने रेलवे कर्मचारियों की सतर्कता, तत्परता और संवेदनशीलता की सराहना की। कर्मचारियों की सजगता से नाबालिग को सुरक्षित तरीके से उसके परिजनों तक पहुंचाने में मदद मिली।