जदयू का नाम बदलकर 'जनता दल नीतीश' करने की मांग तेज, प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने संजय झा के प्रस्ताव का किया समर्थन

जदयू का नाम बदलकर 'जनता दल नीतीश' करने का प्रस्ताव तेजी पकड़ रहा है। प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने संजय झा के बयान का समर्थन करते हुए बड़ा बयान दिया है।

JDU name change Nitish Kumar

जदयू का नाम बदलने के प्रस्ताव पर तेज हुई सियासत

  • Published: 13 Sep 2026, 02:08 PM IST
  • Last Updated: 13 Sep 2026, 02:08 PM IST

JDU name change: जनता दल (यूनाइटेड) का नाम बदलकर 'जनता दल नीतीश' करने की मांग को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा द्वारा रखे गए इस प्रस्ताव पर अब बिहार प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने भी अपनी खुली मुहर लगा दी है। कुशवाहा का कहना है कि इस विषय पर किसी भी तरह का किंतु-परंतु नहीं होना चाहिए। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर खुलकर इस बदलाव का समर्थन किया है और इसे पार्टी के हर एक कार्यकर्ता की सच्ची भावना करार दिया है।

'जेडीयू मतलब नीतीश कुमार' - उमेश कुशवाहा
अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर अपनी बात रखते हुए उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा कि खगड़िया में आयोजित 'फरक्का जल संधि पर नीतीश संवाद' कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने पार्टी के नाम को राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार से जोड़ने की जो बात कही थी, वह हर कार्यकर्ता के दिल की आवाज है। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को विकास पुरुष और पार्टी की सबसे बड़ी पूंजी बताते हुए कहा कि यह संगठन उन्हीं के अथक संघर्ष, समर्पण और खून-पसीने से सींचकर तैयार किया गया है।

वरिष्ठ नेताओं और मंत्रियों का मिल रहा है भरपूर समर्थन
इससे पहले संजय झा का एक वीडियो सामने आया था जिसमें उन्होंने पार्टी की पहचान नीतीश कुमार के विचारों और उनके राजनीतिक दर्शन से जुड़ी होने की बात कही थी। इस विचार का समर्थन करते हुए उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव और मंत्री श्रवण कुमार जैसे दिग्गज नेताओं ने भी इसे बेहतरीन प्रस्ताव बताया था और जल्द ही औपचारिक प्रस्ताव लाकर इसे सर्वसम्मति से पारित करने की मांग की थी। ये सभी नेता पार्टी के पुराने और करीबी चेहरों में शामिल हैं, जो नीतीश कुमार के नेतृत्व पर पूरा भरोसा जता रहे हैं।

साल 2003 में हुआ था जदयू का गठन
गौरलतब है कि जनता दल (यूनाइटेड) की नींव साल 2003 में शरद यादव के नेतृत्व वाले जनता दल यूनाइटेड और समता पार्टी के विलय के बाद पड़ी थी। शुरुआती दौर में शरद यादव लंबे समय तक राष्ट्रीय अध्यक्ष की भूमिका में रहे, लेकिन पार्टी की असली धुरी हमेशा से नीतीश कुमार ही रहे हैं। साल 2016 में कमान आधिकारिक तौर पर नीतीश कुमार के हाथों में आई और समय-समय पर नेतृत्व में बदलाव के बाद वर्तमान में पार्टी की राजनीतिक दिशा और दशा पूरी तरह से उनके नाम व काम के इर्द-गिर्द ही केंद्रित नजर आती है।