राजस्थान के 309 निकाय के चुनावों में कई नतीजे चौंकाने वाले रहे। पूर्व सीएम वसुंधरा राजे के गढ़ झालावाड़ में कांग्रेस ने जीत हासिल की। वहीं पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट के विधानसभा क्षेत्र टोंक में भी बीजेपी को हार मिली है। इधर, केंद्रीय मंत्री गजेंद्
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आप पार्टी पहली बार किसी नगर परिषद में स्पष्ट बहुमत के साथ चेयरमैन बनाने की स्थिति में आ गई है। बारां में आप बीजेपी और कांग्रेस पर भारी पड़ गई। जयपुर में बीजेपी अपना मेयर बनाने के करीब पहुंच गई है। वहीं, सीएम भजनलाल शर्मा के गृह जिले भरतपुर में निर्दलीय के सहारे ही बीजेपी मेयर बना सकेगी। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ के पाली में बीजेपी को हार और कांग्रेस को जीत मिली है।

विधानसभाध्यक्ष वासुदेव देवनानी और केंद्रीय राज्यमंत्री भागीरथ चौधरी के गढ़ अजमेर में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है।
अजमेर में 36 साल बाद कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी
10 निगमों में से 1 बीकानेर में 80 में से 42 वार्ड जीत कर कांग्रेस को स्पष्ट बहुमत मिल गया है। केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल बीजेपी को जीत नहीं दिला पाए। वहीं अजमेर में 80 वार्ड में कांग्रेस 37, बीजेपी 32 और पाली में 65 वार्ड में से कांग्रेस 29 और बीजेपी 21 वार्ड पर जीतीं। कांग्रेस यहां बड़ी पार्टी बनकर उभरी। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी और केंद्रीय राज्यमंत्री भागीरथ चौधरी के गढ़ अजमेर निगम में 36 साल बाद कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है।

जोधपुर में पूर्व सीएम अशोक गहलोत और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत अपने ही वार्ड में पार्टी को जीत नहीं दिलवा पाए।
सीएम के गृह जिले भरतपुर निगम में भाजपा को बहुमत नहीं सीएम भजनलाल शर्मा के गृह जिले भरतपुर नगर निगम में भाजपा को बहुमत नहीं मिल पाया। 65 वार्डों में से निर्दलीयों ने 36 वार्डों में जीत दर्ज की है। भाजपा 20 सीटों के साथ दूसरे और कांग्रेस 7 सीटों के साथ तीसरे नंबर पर रही। वहीं बसपा और RLP को एक-एक सीट मिली है। भरतपुर में निर्दलीय किंगमेकर बनेंगे।
जोधपुर में निर्दलीय होंगे किंगमेकर
इसी तरह बीजेपी का गढ़ माने जाने वाले केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के क्षेत्र जोधपुर में कांग्रेस ने जबरदस्त टक्कर दी है। दोनों पार्टियों ने 44-44 वार्ड जीते हैं। अब नजरें 11 सीट पर जीत चुके निर्दलीयों पर जा टिकी हैं। वहीं एक वार्ड पर नतीजा आना बाकी है। यहां केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के वार्ड 56 में भाजपा और तीन बार सीएम रहे अशोक गहलोत के वार्ड 88 में कांग्रेस हार गई।
उदयपुर, अलवर, कोटा में बीजेपी मजबूत
उदयपुर निगम में 80 में से 53 और भीलवाड़ा में 70 में से 45 वार्ड जीतकर बीजेपी बोर्ड बनाने की स्थिति में आ गई है। केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के क्षेत्र अलवर और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के क्षेत्र कोटा में भी बीजेपी बहुमत के नजदीक है और निर्दलीयों से सहारे बोर्ड बना सकती है।

पूर्व सीएम वसुंधरा राजे के गढ़ झालावाड़ और सचिन पायलट के विधानसभा क्षेत्र टोंक दोनों जगह बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा।
वसुंधरा में गढ़ में भाजपा को सिर्फ 13 सीटें
नगर परिषद की बात करें तो पूर्व सीएम वसुंधरा राजे के गढ़ झालावाड़ में 45 में से बीजेपी मात्र 13 वार्डों पर सिमट गई और कांग्रेस ने 39 वार्ड जीत लिए।
सचिन पायलट के विधानसभा क्षेत्र टोंक नगर परिषद में कांग्रेस ने 60 में से 32 वार्ड जीत लिए है। बीजेपी 19 और बाकी वार्ड निर्दलीयों ने जीते।
नगर परिषद बारां नगर परिषद में आप पार्टी ने 60 में से 31 वार्डों में जीत हासिल की और बीजेपी 9 और कांग्रेस 17 पर सिमट गए। आप पहली बार राजस्थान में अपना चेयरमैन बनाएगी।
2 केंद्रीय सहित 4 मंत्री और कांग्रेस के बड़े नेता नहीं बचा सके अपना वार्ड
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और केंद्रीय राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी दोनों अपने ही वार्ड में अपनी पार्टी को जीत नहीं दिला पाए। इसी तरह राजस्थान के केबिनेट मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़, मदन दिलावर और जोराराम कुमावत, अलवर में नाराज होकर धरने पर बैठे संजय शर्मा ने भी जिस वार्ड से वोट डाला वहां पार्टी हार गई। कांग्रेस की बात करें तो नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, पूर्व सीएम अशोक गहलोत, पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट सहित कांग्रेस के 4 बड़े नेता भी अपना-अपना वार्ड नहीं बचा पाए।


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