उमा भारती से मिलने पहुंचे सीएम डॉ. मोहन यादव:उज्जैन में खड़े हनुमान की प्रतिमा हटाए जाने पर पूर्व मुख्यमंत्री ने जताई थी आपत्ति
57 मिनट पहले
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उज्जैन के प्रसिद्ध खड़े हनुमान मंदिर की प्रतिमा को हटाने के विवाद के बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के निवास पर पहुंचे।
उमा भारती ने कुछ दिन पहले ही मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर प्रतिमा को यथास्थान रखने और विकास कार्य के लिए वैकल्पिक रास्ता निकालने की अपील की थी। हालांकि, आज की मुलाकात में दोनों के बीच हुई बातचीत का विस्तृत ब्यौरा फिलहाल सामने नहीं आया है।
सड़क चौड़ीकरण की जद में आया मंदिर
उज्जैन में कंठाल चौराहे से छत्री चौक तक सड़क चौड़ीकरण का काम सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के तहत किया जा रहा है। इसी मार्ग पर करीब 170 साल पुराना बताया जा रहा खड़े हनुमान मंदिर सड़क की जद में आ रहा है। प्रशासन ने मंदिर को दूसरी जगह शिफ्ट करने की योजना बनाई है।
कार्रवाई के दौरान मंदिर का बाहरी ढांचा तो हटा दिया गया, लेकिन अंदर स्थापित हनुमानजी की प्रतिमा को हटाने के प्रयास सफल नहीं हुए। प्रतिमा को हटाने के लिए भारी मशीनों और हाइड्रोलिक क्रेन का इस्तेमाल किया गया, लेकिन कई प्रयासों के बाद भी प्रतिमा अपनी जगह से नहीं हिली। इस घटनाक्रम के बाद श्रद्धालुओं और संत समाज में विरोध शुरू हो गया।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के निवास पर पहुंचे।
प्रशासन ने फिलहाल रोकी प्रतिमा हटाने की कार्रवाई
विरोध बढ़ने के बाद प्रशासन ने अपना रुख बदला है। प्रशासन के अनुसार विशेषज्ञों की वैज्ञानिक जांच और संत समाज तथा स्थानीय प्रतिनिधियों की सहमति के बाद ही आगे कोई निर्णय लिया जाएगा। बिना सहमति प्रतिमा हटाने की कार्रवाई नहीं करने की बात भी कही गई है।
हालांकि, सोमवार को सामने आई जानकारी के मुताबिक, प्रतिमा की तकनीकी जांच को लेकर भी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। आईआईटी इंदौर ने खड़े हनुमान मंदिर की जांच के लिए अपनी टीम भेजे जाने की खबर का खंडन किया है।
जानिए उमा भारती ने CM को पत्र में क्या लिखा?
पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को लिखे पत्र में कहा था कि वे स्वयं उज्जयिनी के हैं और शहर तथा यहां के धार्मिक स्थलों की गरिमा को बेहतर समझते हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि विकास और आस्था को आमने-सामने खड़ा करने के बजाय ऐसा रास्ता निकाला जाए, जिसमें दोनों का सम्मान हो।
उमा भारती ने अपने पत्र में भोपाल के कमला पार्क/बुर्ज वाली मस्जिद का उदाहरण भी दिया। उन्होंने बताया कि शिवराज सिंह चौहान सरकार के समय सड़क चौड़ीकरण की योजना में धार्मिक स्थल को बचाने के लिए सड़क का रूट और डिजाइन बदल दिया गया था। उनका कहना था कि उज्जैन में भी इसी तरह वैकल्पिक रास्ते या डिजाइन पर विचार किया जा सकता है।
अब CM-उमा मुलाकात से क्या निकलेगा?
खड़े हनुमान मंदिर को लेकर उज्जैन में लगातार धार्मिक आयोजन और विरोध चल रहा है। श्रद्धालु प्रतिमा को उसी स्थान पर रखने की मांग कर रहे हैं। हनुमान चालीसा, सुंदरकांड और हस्ताक्षर अभियान भी चलाए गए हैं।
ऐसे में मुख्यमंत्री मोहन यादव का उमा भारती के घर पहुंचना इस पूरे विवाद के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब नजर इस बात पर है कि क्या सरकार सड़क चौड़ीकरण के लिए वैकल्पिक रास्ता निकालेगी या विशेषज्ञों की रिपोर्ट और संत समाज की सहमति के आधार पर कोई दूसरा समाधान सामने आएगा।
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