होर्मुज में फिर बढ़ा तनाव, ईरान ने अमेरिकी कर्मियों वाले जहाज पर दागे मिसाइल और ड्रोन; कई क्रू मेंबर घायल
US-Iran War: मिडिल ईस्ट में पिछले साढ़े छह महीने से जंग जारी है. होर्मुज को लेकर अमेरिका और ईरान आमने सामने है. इस बीच खबर आई है कि होर्मुज में ईरान ने अमेरिकी कर्मियों वाले एक जहाज पर मिसाइल और ड्रोन हमला किया है.
US-Iran War: मिडिल ईस्ट में पिछले साढ़े छह महीने से जंग जारी है. होर्मुज को लेकर अमेरिका और ईरान आमने सामने है. इस बीच खबर आई है कि होर्मुज में ईरान ने अमेरिकी कर्मियों वाले एक जहाज पर मिसाइल और ड्रोन हमला किया है.
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होर्मुज में अमेरिकी कर्मियों वाले जहाज पर ईरान हमला Photograph: (AI)
US-Iran War: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम नहीं हो रहा है. दोनों देश होर्मुज में एक दूसरे के जहाजों और नौकाओं पर लगातार हमले कर रहे हैं. इस बीच खबर आई है कि ईरान ने एक बार फिर से होर्मुज के पास अमेरिकी कर्मचारियों वाले एक जहाज पर मिसाइल और ड्रोन से हमला कर दिया. अमेरिकी मीडिया की खबरों के मुताबिक, ये हमले इस हफ्ते की शुरुआत में किए गए. जहां होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरान के ड्रोन और एक मिसाइल ने अमेरिका के साथ अनुबंध वाले एक जहाज को निशाना बनाया.
ईरानी हमले के बाद बढ़ा तनाव
जानकारी के मुताबिक, ईरान के इस मिसाइल और ड्रोन हमले में चालक दल के कुई सदस्य मामूली रूप से घायल हो गए. इस हमले के बाद मिडिल ईस्ट में एक बार फिर से तनाव बढ़ गया. बता दें यह घटना ऐसे समय में हुई है जब क्षेत्र में पिछले छह महीने से ज्यादा लंबे समय से जंग जारी है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का अनुमान है कि यह जंग 3 नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनावों के बाद भी जारी रह सकती है.
ईरानी हमले में कई क्रू मेंबर घायल
मामले की जानकारी रखने वाले दो लोगों का हवाला देते हुए फॉक्स न्यूज ने बताया कि इस हमले में ईरान के चार ड्रोन और कम से कम एक मिसाइल का इस्तेमाल किया गया. खबरों के मुताबिक, एक मिसाइल सीधे उस जहाज से टकराई जिसे अमेरिका ने किराए पर लिया था; बताया जा रहा है कि यह जहाज रणनीतिक रूप से अहम समुद्री रास्ते से गुजर रहा था.
समुद्री हमले की यह खबर वॉशिंगटन और तेहरान के बीच महीनों से चल रहे सैन्य टकराव और तनाव के बीच आई है. बता दें कि अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान पर हमला किया था. उसके बाद से पूरे मिडिल ईस्ट में लगातार झड़पें हो रही हैं. दोनों तरफ से हमलों और जवाबी कार्रवाई के चलते होर्मुज जलडमरूमध्य के पास कमर्शियल शिपिंग रूट बाधित होता रहा है.
अमेरिकी सेना ने ईरान की दो नावों को किया नष्ट
बता दें कि इससे पहले अमेरिकी सेना ने बताया कि उसने ईरान की दो छोटी नावों पर गोलीबारी कर नष्ट कर दिया. आरोप है कि ये नावें ईरान के पास समुद्र में अमेरिकी नौसेना के एक 'अनमैन्ड सरफेस व्हीकल' (बिना चालक वाला समुद्री वाहन) को 'चुराने' की कोशिश कर रही थीं. अमेरिकी नौसेना रणनीतिक रूप से अहम होर्मुज जलडमरूमध्य में गश्त के दौरान इस वाहन का इस्तेमाल कर रही थी.
न्यूज एजेंसी 'एसोसिएटेड प्रेस' ने सेंटकॉम के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स के हवाले से बताया, "हाल ही में ईरान की छोटी नावों ने अमेरिका के एक बिना चालक वाले समुद्री वाहन पर कब्जा करने की कोशिश की, लेकिन सेंटकॉम की कड़ी जवाबी कार्रवाई के बाद वे नाकाम रहीं." हॉकिन्स ने मंगलवार को बताया कि इसमें शामिल ड्रोन एक 'सेलड्रोन' था. यह लगभग 25 फीट (8 मीटर) लंबा एक छोटा बिना चालक वाला यान है जो खुद से चल सकता है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड कई सालों से इस इलाके में समुद्री ट्रैफिक पर नजर रखने के लिए ऐसे ड्रोन्स का इस्तेमाल कर रही हैं.
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उन्होंने आगे कहा कि कमांड द्वारा संचालित सभी सरफेस ड्रोन्स का हिसाब-किताब पूरी तरह से सही है. अमेरिकी सेना लंबे समय से यह कहती रही है कि सेलड्रोन में इस्तेमाल होने वाली टेक्नोलॉजी कमर्शियल तौर पर उपलब्ध है और संवेदनशील नहीं है. बता दें कि शिपिंग का यह अहम रास्ता दुनिया के लिए एक बहुत जरूरी 'चोक पॉइंट' है. यहां से आम तौर पर दुनिया भर के पेट्रोलियम और लिक्विफाइड नेचुरल गैस शिपमेंट का लगभग पांचवां हिस्सा गुजरता है.
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