पश्चिम बंगाल उपचुनाव: ममता बनर्जी को बड़ा झटका, रेजीनगर से उम्मीदवार रबी उल आलम चौधरी ने लिया नाम वापस
पश्चिम बंगाल उपचुनाव में ममता बनर्जी को झटका लगा है। रेजीनगर से टीएमसी उम्मीदवार रबी उल आलम चौधरी ने उम्मीदवारी वापस ले ली है।
। रेजीनगर से टीएमसी उम्मीदवार रबी उल आलम चौधरी ने उम्मीदवारी वापस ले ली है।
- Published: 19 Sep 2026, 12:38 PM IST
- Last Updated: 19 Sep 2026, 12:38 PM IST
Rejinagar bypoll: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खेमे को एक और करारा झटका लगा है। रेजीनगर विधानसभा उपचुनाव के लिए उनके आधिकारिक उम्मीदवार रबी उल आलम चौधरी ने अपना नामांकन वापस लेने का फैसला कर लिया है।
आज उपचुनाव से नाम वापस लेने की अंतिम तिथि है। यह घटनाक्रम ममता बनर्जी की एक अन्य उम्मीदवार संचिता प्रधान देय द्वारा नंदीग्राम में 6 अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव से हटने के ठीक एक दिन बाद सामने आया है, जिन्होंने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी से मुलाकात के बाद अपना नाम वापस ले लिया था। इसके बाद, पूर्व सीएम ने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान का समर्थन किया था, लेकिन बाद में पुलिस ने उन्हें दो दशक पुराने एक मामले में गिरफ्तार कर लिया।
रबील आलम चौधरी ने बताई नाम वापस लेने की वजह
नामांकन वापस लेने के अपने इस फैसले पर सफाई देते हुए रबी उल आलम चौधरी ने कहा कि वह प्रशासन के भारी दबाव के कारण पीछे हट रहे हैं।
Rabiul Alam Chowdhury, Trinamool Congress candidate for the Rejinagar Assembly by-election, has announced his decision to withdraw his candidature. He cited the primary reason as the failure to secure the Trinamool Congress party symbol—the 'Twin Flowers'.
— ANI (@ANI) September 19, 2026
रबी उल ने बयान दिया, "पार्टी का नया चुनाव चिन्ह है। हमारे कार्यकर्ता मैदान में नहीं उतारे जा रहे हैं। प्रशासन की तरफ से लगातार दबाव बनाया जा रहा है। यहां तक कि कई लोगों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है। ऐसे माहौल में हम चुनाव कैसे लड़ पाएंगे? यही मुख्य वजह है जिसके चलते मैंने अपना नाम वापस लेने का निर्णय लिया है।" इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने इस मामले को लेकर ममता बनर्जी से बातचीत भी की है।
कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की गिरफ्तारी
इस बीच, पश्चिम बंगाल उपचुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी को भी तगड़ा झटका लगा है। नंदीग्राम से कांग्रेस के उम्मीदवार मिलन प्रधान को शुक्रवार को एक पुराने हत्या के मामले में गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस आज उन्हें पूर्वी मेदिनीपुर जिले की हल्दिया अदालत में पेश करेगी। उनके खिलाफ कुल चार वारंट पेंडिंग थे। उन्हें 2007 में ममता बनर्जी के नेतृत्व में हुए नंदीग्राम भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन से जुड़े एक हत्या मामले के सिलसिले में पकड़ा गया है।
नंदीग्राम भूमि आंदोलन से जुड़े 12 से अधिक मामलों में नामजद रहे प्रधान को पूर्वी मेदिनीपुर जिले के चांदीपुर के एक होटल से हिरासत में लिया गया, जिसकी पुष्टि एक कांग्रेस नेता ने की है। आपको बता दें कि नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव के लिए नाम वापस लेने की अंतिम तारीख शनिवार है।
नंदीग्राम का इलाका ममता बनर्जी और उनके पूर्व विश्वासी सिपहसालार सुवेंदु अधिकारी दोनों के लिए विशेष राजनीतिक महत्व रखता है। साल 2007 का वह भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन उनके राजनीतिक उभार का एक निर्णायक अध्याय साबित हुआ था, जिसने टीएमसी को वह अभियान खड़ा करने में मदद दी थी जिसके दम पर 2011 में 34 साल के वाम मोर्चे (Left Front) के शासन का अंत हुआ था।
कांग्रेस ने लगाया राजनीतिक बदले की भावना का आरोप
पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने इस कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरी कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य चुनावी मैदान से विपक्ष का सफाया करना है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर राज्य में एक-दलीय राजनीतिक व्यवस्था स्थापित करने का प्रयास करने का भी गंभीर आरोप लगाया।
दूसरी ओर, भाजपा ने इन तमाम आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। भगवा दल का कहना है कि पुलिस केवल अपने कानूनी कर्तव्यों का पालन कर रही है और इस गिरफ्तारी का राजनीति से दूर-दूर तक कोई संबंध नहीं है।