अमेरिकी सेना ने एक साल में ड्रोन युद्ध की दिशा में कई बड़ी उपलब्धियां हासिल कीं. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने बताया कि अमेरिकी सेना अब अत्याधुनिक तकनीक के जरिए युद्ध क्षमता को बढ़ाने पर काम कर रही है. एडमिरल ब्रैड कूपर के मुताबिक, एक साल पहले CENTCOM ने रैपिड एम्प्लॉयमेंट जॉइंट टास्क फोर्स (REJTF) का गठन किया था. इसका मकसद अमेरिकी सैनिकों को अत्याधुनिक तकनीक से लैस करना था.
टास्क फोर्स ने गठन के तुरंत बाद मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सेना का पहला वन-वे अटैक ड्रोन स्क्वॉड्रन बनाया. इसके साथ ही अमेरिकी नौसेना के युद्धपोत से पहली बार हवाई हमला करने वाला ड्रोन भी लॉन्च किया गया.
युद्ध में ड्रोन के इस्तेमाल की नई मिसाल
CENTCOM कमांडर ने बताया कि जून में इस टास्क फोर्स ने एक और अहम उपलब्धि हासिल की. क्षेत्रीय समुद्री इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हेलीकॉप्टर के चालक दल को बचाने के अभियान में एक मानवरहित सतही पोत (Unmanned Surface Vessel) ने मदद की.
इसके बाद जुलाई में CENTCOM ने पहली बार युद्ध के दौरान वन-वे अटैक करने वाले मानवरहित सतही पोत का इस्तेमाल किया. वन-वे अटैक ड्रोन या पोत ऐसे मानवरहित हथियार होते हैं, जिन्हें लक्ष्य पर हमला करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है और आमतौर पर हमला करने के बाद इन्हें वापस नहीं लाया जाता.
अब दुनिया की पहली बहुराष्ट्रीय अटैक ड्रोन यूनिट बनाने की तैयारी
एडमिरल ब्रैड कूपर ने कहा कि REJTF की टीम अब दुनिया की पहली बहुराष्ट्रीय अटैक ड्रोन यूनिट विकसित कर रही है. इसका उद्देश्य अलग-अलग देशों की सेनाओं को एक साथ ड्रोन ऑपरेशन करने की क्षमता से जोड़ना है. CENTCOM कमांडर ने पिछले 52 हफ्तों में हासिल की गई उपलब्धियों के लिए टास्क फोर्स के तकनीकी विशेषज्ञों और तैनात सैनिकों की सराहना भी की.
अमेरिकी सेना का यह कदम मिडिल ईस्ट में मानवरहित हवाई और समुद्री हथियारों के बढ़ते इस्तेमाल को दिखाता है. बहुराष्ट्रीय ड्रोन यूनिट की योजना से क्षेत्र में सहयोगी देशों के बीच ड्रोन ऑपरेशन में तालमेल बढ़ाने की अमेरिकी कोशिश का संकेत मिलता है.

अंजू निर्वाण
अंजू निर्वाण भारत की लीडिंग डिफेंस पत्रकारों में से एक हैं, जो राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक मामलों पर अपनी सटीक रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण के लिए जानी जाती हैं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में दो दशकों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्होंने इंडिया टीवी, न्यूज़ 24, ज़ी न्यूज़, इंडिया न्यूज़, ईटीवी और रिपब्लिक भारत जैसे प्रमुख समाचार चैनलों में रिपोर्टर, एंकर, प्रोड्यूसर और खोजी पत्रकार के रूप में काम किया है. सितंबर 2022 से अंजू निर्वाण टीवी9 भारतवर्ष में एसोसिएट एडिटर के रूप में कार्यरत हैं, जहां वह रक्षा मामलों की कवरेज का नेतृत्व करती हैं, भारत के सैन्य आधुनिकीकरण, नौसेना की प्रगति, मिसाइल प्रणालियों और भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर कवरेज करती हैं. अंजू निर्वाण ने युद्ध क्षेत्रों से रिपोर्टिंग की है, अग्रिम पंक्ति के सैन्य अभ्यासों को कवर किया है और शीर्ष रक्षा अधिकारियों के इंटरव्यू किए हैं.
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