प्राइवेट पार्ट कटने के बाद न चीखा, न रोया! प्रेमानंद के शिष्य की खौफनाक मौत पर पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने चौंकाया

Time Updated: Sunday, September 27, 2026, 10:34 [IST]

मथुरा के वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य की संदिग्ध हालात में हुई मौत से सनसनी फैल गई है। केली कुंज आश्रम के पास स्थित 'गुरु कृपा कुंज' भवन में रहने वाले रसिक दुलारी शरण (दीपक पटेल) की चौथी मंजिल से गिरकर जान चली गई। जबलपुर के रहने वाले रसिक दुलारी शरण की मौत महज एक हादसा या खुदकुशी नहीं लग रही, बल्कि इसके पीछे की वजहों ने पुलिस और डॉक्टरों को भी सोच में डाल दिया है।

सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि छत से छलांग लगाने से ठीक पहले उन्होंने इलेक्ट्रिक ग्राइंडर से अपना ही प्राइवेट पार्ट काट लिया था। इतनी भयावह पीड़ा के बाद भी न वो चीखा और न रोया। आसपास के लोगों के रोने और चीखने-चिल्लाने की कोई आवाज नहीं सुनी। अब उसका पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आ गया है।

Premanand Maharaj disciple death

CCTV फुटेज ने उड़ाए होश, बिना तड़पे छत की ओर बढ़ा शिष्य

पुलिस को आश्रम से जो सीसीटीवी फुटेज मिले हैं, वे किसी का भी दिमाग सुन्न कर सकते हैं। फुटेज में दिख रहा है कि रसिक दुलारी शरण अपने कमरा नंबर 21 से बाहर निकलते हैं। उस समय वह एक खून से सनी धोती लपेटे हुए थे और दूसरी धोती से शरीर का अगला हिस्सा ढका हुआ था। वह पैर चौड़ाकर सीढ़ियों की तरफ बढ़ते हैं और छत पर पहुंच जाते हैं।

छत पर लगे सीसीटीवी कैमरे में दर्ज दृश्यों के मुताबिक, वह बाउंड्री पर बैठते हैं और फिर लेट जाते हैं। सबसे अजीब बात यह थी कि प्राइवेट पार्ट कटने जैसे भयंकर दर्द के बाद भी उनके चेहरे पर तड़प या छटपटाहट का कोई भाव नहीं था। इसके बाद वह अचानक तेजी से उठते हैं और बाउंड्री पर चढ़कर नीचे छलांग लगा देते हैं। जिस वक्त वह नीचे गिरे, वहां से एक साइकिल सवार गुजर रहा था, जो बाल-बाल बचा।

डॉक्टर भी हैरान, दर्द से चीखा क्यों नहीं प्रेमानंद का शिष्य?

इलेक्ट्रिक ग्राइंडर से शरीर का इतना संवेदनशील अंग कटने के बाद कोई इंसान शांत कैसे रह सकता है? इस सवाल ने डॉक्टरों को भी अचंभे में डाल दिया है।

मथुरा के उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. भूदेव ने इस पर आश्चर्य जताते हुए कहा,

"यह बात समझ से परे है कि कोई व्यक्ति अपने ही हाथों इलेक्ट्रिक ग्राइंडर से अपना प्राइवेट पार्ट कैसे काट सकता है। ऐसी दर्दनाक स्थिति में कोई चीखे-चिल्लाए नहीं, तड़पे नहीं और बिना छटपटाहट के चलता रहे, यह मेडिकल साइंस के हिसाब से लगभग असंभव सा लगता है।"

इसी वजह से पुलिस को शक है कि कहीं रसिक घटना के वक्त किसी भारी नशे या ड्रग्स के असर में तो नहीं थे? इसकी पुष्टि के लिए उनके ब्लड सैंपल जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजे गए हैं। साथ ही सीसीटीवी कैमरों से कोई छेड़छाड़ तो नहीं हुई, इसकी भी फोरेंसिक पड़ताल कराई जा रही है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा, मौत की असल वजह आई सामने

रसिक दुलारी शरण के शव के पोस्टमार्टम में गंभीर चोटों की पुष्टि हुई है। रिपोर्ट में कुल सात चोटों का जिक्र किया गया है:

  • सिर और चेहरे पर चोट: चौथी मंजिल से नीचे गिरने के कारण सिर और चेहरे पर गहरी चोटें आईं।
  • हाथ-पांव और एड़ी पर जख्म: जमीन पर तेज प्रभाव से हाथ, पैर और एड़ी की हड्डियां प्रभावित हुईं।
  • प्राइवेट पार्ट पर ग्राइंडर के निशान: प्राइवेट पार्ट कटने से अत्यधिक खून बह गया।
  • मौत का मुख्य कारण: डॉक्टरों के अनुसार शरीर से बहुत ज्यादा मात्रा में खून बह जाना (Excessive Blood Loss) ही मौत की असली वजह बना।

जांच अधिकारी और चश्मदीदों ने क्या बताया?

वृंदावन पुलिस इस बात की तहकीकात कर रही है कि जिस वक्त कमरा नंबर 21 में यह वाकया हुआ, उस समय उनका रूममेट जुगल शरण कहां था और ग्राइंडर कमरे में कब और कैसे लाया गया।

मामले की जांच कर रहे सीओ संदीप कुमार सिंह ने बताया,

"हमें मथुरा के सर्वोदय अस्पताल से सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति को गंभीर हालत में लाया गया है। पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची तो पता चला कि जबलपुर निवासी रसिक दुलारी शरण की चौथी मंजिल से गिरने से मौत हुई है। वह आश्रम के पास गुरु कृपा कुंज में रहते थे। पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है।"

सामने की इमारत में रहने वाले एक पड़ोसी ने बताया कि हादसा सुबह करीब 10:30 बजे हुआ था। आश्रम के लोग ही घायल को अस्पताल ले गए थे, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।

पुलिस जांच के दायरे में उठे 5 बड़े अनसुलझे सवाल

  • कोई सामान्य इंसान अपने होश में इलेक्ट्रिक ग्राइंडर से खुद को इतनी बड़ी चोट कैसे पहुंचा सकता है?
  • प्राइवेट पार्ट कटने के बाद इतनी असहनीय पीड़ा में भी कोई इंसान बिना चीखे सीढ़ियां चढ़कर छत तक कैसे पहुंच गया?
  • चलने का तरीका असामान्य होने के अलावा उसके चेहरे पर दर्द के कोई एक्सप्रेशन क्यों नहीं दिख रहे थे?
  • गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद वह अचानक इतनी फुर्ती से उठकर बाउंड्री पर कैसे चढ़ गया?
  • रसिक दुलारी शरण ने इतना आत्मघाती और खौफनाक कदम उठाने का फैसला आखिर क्यों लिया?

फिलहाल वृंदावन पुलिस इन सभी सवालों के जवाब तलाशने के लिए आश्रम के अन्य शिष्यों से पूछताछ कर रही है ताकि मौत के इस रहस्य से पर्दा उठ सके।

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