Gadchiroli flood: महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में भारी बारिश के बाद कई निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं. भामरागढ़ के बिनागुंडा इलाके से सामने आई तस्वीरें मुश्किल परिस्थितियों के बीच पुलिस जवानों और ग्रामीणों के साहस की कहानी बयां कर रही हैं. दरअसल, यहां उफनती नदी के तेज बहाव में फंसी महिला को पुलिस और ग्रामीणों ने रस्सी के सहारे रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकाला. वहीं, मलेरिया से पीड़ित दूसरी कक्षा की मासूम बच्ची को पुलिस जवानों ने तेज बहाव के बीच कंधे पर बैठाकर सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया.

लगातार हो रही बारिश के कारण बिनागुंडा इलाके की नदी उफान पर आ गई थी. तेज बहाव के बीच एक महिला नदी में फंस गई और बहाव के साथ बहने लगी. महिला को मुश्किल में देखकर आसपास के लोगों ने पुलिस को सूचना दी. जानकारी मिलते ही पुलिस जवान मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों के साथ मिलकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया.

जानलेवा बनी बारिश

नदी का बहाव काफी तेज था और किसी भी तरह की चूक जानलेवा साबित हो सकती थी. इसके बावजूद जवानों और ग्रामीणों ने हिम्मत नहीं छोड़ी. रस्सी की मदद से सुरक्षित रास्ता बनाया गया और महिला को सावधानीपूर्वक नदी के बहाव से बाहर निकाला गया. रेस्क्यू के बाद महिला को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया.

इसी इलाके से सामने आया दूसरा मामला पुलिस जवानों की मानवीय भूमिका को सामने लाता है. विनोबा भावे आश्रम स्कूल में दूसरी कक्षा में पढ़ने वाली एक मासूम बच्ची मलेरिया से पीड़ित थी. उसकी हालत को देखते हुए उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाना जरूरी था, लेकिन भारी बारिश के कारण अस्पताल तक जाने वाला रास्ता भी चुनौती बन गया था.

बाढ़ में फंसी बच्ची का रेस्क्यू

रास्ते में उफनती नदी के तेज बहाव के कारण बच्ची को पैदल ले जाना बेहद जोखिम भरा था. ऐसे समय में पुलिस जवानों ने जिम्मेदारी संभाली. जवानों ने बच्ची को अपने कंधे पर बैठाया और तेज बहाव के बीच सावधानी से आगे बढ़ते हुए उसे सुरक्षित नदी पार कराई. इसके बाद बच्ची को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज शुरू किया गया. भारी बारिश और बाढ़ जैसी परिस्थितियों में पुलिस और ग्रामीणों के इस रेस्क्यू ऑपरेशन ने एक बार फिर दिखाया कि आपदा के समय सामूहिक प्रयास कितनी जिंदगियां बचा सकता है.

एक तरफ जहां महिला को उफनती नदी से सुरक्षित निकाला गया, वहीं दूसरी ओर बीमारी से जूझ रही मासूम बच्ची को समय पर चिकित्सा सुविधा तक पहुंचाया गया. मुश्किल हालात के बीच पुलिस जवानों का यह प्रयास कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी से आगे बढ़कर मानवीय सेवा की तस्वीर पेश करता है. तेज बहाव और जोखिम के बावजूद जवानों ने अपनी सुरक्षा की परवाह किए बिना दोनों लोगों को सुरक्षित निकालने में भूमिका निभाई.

जयप्रकाश सिंह

जयप्रकाश सिंह

जयप्रकाश सिंह का नाम देश के चुनिंदा क्राइम रिपोर्टर में आता है. लंबे समय से टीवी जर्नलिस्ट के तौर पर सेवाएं जारीं. करीब तीन दशकों से सक्रिय पत्रकारिता का हिस्सा. प्रोड्यूसर, एंकर और क्राइम रिपोर्टर की भूमिका. फिलहाल टीवी9 भारतवर्ष में एसोसिएट एडिटर के रूप में मुंबई से कार्यरत. इसके पहले 2012 से 2022 तक मुंबई में इंडिया टीवी के ब्यूरो चीफ रहे. 2005 से 2012 तक नेटवर्क18 ग्रुप के आईबीएन7 चैनल में डिप्टी ब्यूरो चीफ की जिम्मेदारी संभाली. 2004 से 2005 तक सहारा समय मुंबई में बतौर सीनियर स्पेशल कॉरस्पॉन्डेंट काम किया. 2002 से 2004 तक मुंबई ब्यूरो में बीएजी फिल्म्स के चीफ रहे. नवभारत टाइम्स मुंबई में 1997 में जॉइन किया और यहां 2 साल काम किया. इससे पहले भी चार संस्थानों में काम किया.

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