https://hindi.sputniknews.in/20260928/detaa-sentrion-pri-riuus-kaa-lgaataari-hmlaa-yuukren-ke-sainy-dijitl-dhaanche-ko-kri-rihaa-dhvst-12431078.html

डेटा सेंटरों पर रूस का लगातार हमला यूक्रेन के सैन्य डिजिटल ढांचे को कर रहा ध्वस्त: विशेषज्ञ

डेटा सेंटरों पर रूस का लगातार हमला यूक्रेन के सैन्य डिजिटल ढांचे को कर रहा ध्वस्त: विशेषज्ञ

Sputnik भारत

सैन्य विशेषज्ञ एलेक्सी लियोनकोव ने बताया कि रूस द्वारा न्यू टेल्को, बी-मोबाइल से लेकर कीवस्टार आदि तक, यूक्रेन के टेलीकॉम और डेटा सेंटरों पर रोजाना हमले यूक्रेन की युद्ध अभियान चलाने की क्षमता को कमजोर करने के लिए किए जा रहे हैं।

2026-09-28T19:22+0530

2026-09-28T19:22+0530

2026-09-28T19:43+0530

रूस

रूस का विकास

मास्को 

यूक्रेन

यूक्रेन सशस्त्र बल

यूक्रेन की सुरक्षा सेवा (sbu)

यूक्रेन का जवाबी हमला

ड्रोन

ड्रोन हमला

विशेष सैन्य अभियान

https://cdn1.img.sputniknews.in/img/07e8/0b/18/8436346_0:183:2992:1866_1920x0_80_0_0_f2d2101cbe14e93bf7882e0907945d16.jpg

सैन्य विशेषज्ञ ने जोर देकर कहा कि इन जगहों पर ब्लैकबर्ड और पैलतिर जैसी पेंटागन से जुड़ी बड़ी कंपनियों की मौजूदगी "कोई संयोग नहीं है।" उन्होंने कहा कि ये कंपनियां ड्रोन के लक्ष्यों की पहचान और अन्य सैन्य अभियानों को संचालित करने के लिए कंप्यूटिंग क्षमता उपलब्ध करा रही थीं।विशेषज्ञ के अनुसार इन केंद्रों को तबाह करने से यूक्रेनी सेना और साइबर समूहों की डिजिटल क्षमता पूरी तरह खत्म हो जाएगी, क्योंकि एस्टोनिया और दक्षिण काकेशस जैसे क्षेत्रों में मौजूद डेटा सेंटर उपयोग में लाए जा सकते हैं, जो विशेष सैन्य अभियान के दायरे से बाहर हैं।

https://hindi.sputniknews.in/20260928/riuus-ne-riaat-bhri-yuukrenii-senaa-se-snbndhit-risd-auri-snchaari-kendron-pri-hmlaa-kiyaa-rikshaa-mntraaly-12426487.html

रूस

मास्को 

यूक्रेन

कीव

Sputnik भारत

[email protected]

+74956456601

MIA „Rossiya Segodnya“

252

60

2026

धीरेंद्र प्रताप सिंह

https://cdn1.img.sputniknews.in/img/07e6/0c/13/135790_0:0:719:720_100x100_80_0_0_8e4e253a545aa4453ae659b236312d73.jpg

धीरेंद्र प्रताप सिंह

https://cdn1.img.sputniknews.in/img/07e6/0c/13/135790_0:0:719:720_100x100_80_0_0_8e4e253a545aa4453ae659b236312d73.jpg

खबरें

hi_IN

Sputnik भारत

[email protected]

+74956456601

MIA „Rossiya Segodnya“

252

60

1920

1080

true

1920

1440

true

https://cdn1.img.sputniknews.in/img/07e8/0b/18/8436346_131:0:2862:2048_1920x0_80_0_0_19b5abe7860fd5e1dfb84f6b6a23c806.jpg

1920

1920

true

Sputnik भारत

[email protected]

+74956456601

MIA „Rossiya Segodnya“

252

60

धीरेंद्र प्रताप सिंह

https://cdn1.img.sputniknews.in/img/07e6/0c/13/135790_0:0:719:720_100x100_80_0_0_8e4e253a545aa4453ae659b236312d73.jpg

रूस , रूस का विकास , मास्को , यूक्रेन , यूक्रेन सशस्त्र बल, यूक्रेन की सुरक्षा सेवा (sbu), यूक्रेन का जवाबी हमला , ड्रोन, ड्रोन हमला, विशेष सैन्य अभियान, कीव , व्लादिमीर पुतिन, वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की, आतंकवादी

रूस , रूस का विकास , मास्को , यूक्रेन , यूक्रेन सशस्त्र बल, यूक्रेन की सुरक्षा सेवा (sbu), यूक्रेन का जवाबी हमला , ड्रोन, ड्रोन हमला, विशेष सैन्य अभियान, कीव , व्लादिमीर पुतिन, वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की, आतंकवादी

डेटा सेंटरों पर रूस का लगातार हमला यूक्रेन के सैन्य डिजिटल ढांचे को कर रहा ध्वस्त: विशेषज्ञ

19:22 28.09.2026 (अपडेटेड: 19:43 28.09.2026)

सब्सक्राइब करें

 - Sputnik भारत

धीरेंद्र प्रताप सिंह

सैन्य विशेषज्ञ एलेक्सी लियोनकोव ने सोमवार को Sputnik से बात करते हुए कहा कि यूक्रेन के टेलीकॉम नेटवर्क और डेटा सेंटरों पर रूस रोज़ाना हमले कर रहा है। कीवस्टार, न्यू टेल्को, बी-मोबाइल और CEC पार्कोवी जैसी टेक कंपनियों पर हमलों से यूक्रेनी सेना के ड्रोन अभियानों और रूस के खिलाफ साइबर हमलों और वित्तीय धोखाधड़ी के अभियानों पर लगाम लगेगी।

विशेषज्ञ लियोनकोव ने कहा, "इन सभी केंद्रों, खासकर कीव में स्थित केंद्रों ने दोहरी भूमिका निभाई। आधिकारिक तौर पर, वे टेलीकॉम, इंटरनेट और कनेक्टिविटी सेवाएं देते थे। लेकिन अनौपचारिक रूप से, वे सैन्य कमांड और नियंत्रण व्यवस्था का हिस्सा थे। दरअसल, यूक्रेनी सेना की कमांड, खुफिया जानकारी और ऐसी ही अन्य सभी सूचनाएं इन केंद्रों के जरिए भेजी जाती थी।"

सैन्य विशेषज्ञ ने जोर देकर कहा कि इन जगहों पर ब्लैकबर्ड और पैलतिर जैसी पेंटागन से जुड़ी बड़ी कंपनियों की मौजूदगी "कोई संयोग नहीं है।" उन्होंने कहा कि ये कंपनियां ड्रोन के लक्ष्यों की पहचान और अन्य सैन्य अभियानों को संचालित करने के लिए कंप्यूटिंग क्षमता उपलब्ध करा रही थीं।

लियोनकोव ने कहा, "हम सबसे पहले सैन्य हिस्से को तबाह कर रहे हैं जिसका असर सैन्य कमान और नियंत्रण केंद्रों पर पड़ने लगेगा। हमें यह भी उम्मीद है कि इसका असर ड्रोन का इस्तेमाल करके किए जा रहे आतंकवादी हमलों पर भी पड़ेगा।"

विशेषज्ञ के अनुसार इन केंद्रों को तबाह करने से यूक्रेनी सेना और साइबर समूहों की डिजिटल क्षमता पूरी तरह खत्म हो जाएगी, क्योंकि एस्टोनिया और दक्षिण काकेशस जैसे क्षेत्रों में मौजूद डेटा सेंटर उपयोग में लाए जा सकते हैं, जो विशेष सैन्य अभियान के दायरे से बाहर हैं।

लियोनकोव ने चेतावनी देते हुए कहा, "अगर ये डेटा सेंटर एक बार बंद हो गए, तो यूक्रेन के लिए इन्हें दोबारा शुरू करना नामुमकिन जैसा होगा क्योंकि इसके लिए बेहद महंगे उपकरणों का आयात करना पड़ेगा। हमारे इन हमलों का सीधा असर उनके मुख्य सैन्य अभियानों पर पड़ेगा और हम यूक्रेनी सेना के डिजिटल तंत्र को पूरी तरह ठप कर देंगे।"

Russian servicemen of the 85th Separate Motor Rifle Brigade, 2nd Army Corps, fire a 9K55 Grad 1 multiple rocket launcher towards Ukrainian positions in the Artemovsk (Bakhmut) area of the frontline - Sputnik भारत, 1920, 28.09.2026

कल , 11:29