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डेटा सेंटरों पर रूस का लगातार हमला यूक्रेन के सैन्य डिजिटल ढांचे को कर रहा ध्वस्त: विशेषज्ञ
डेटा सेंटरों पर रूस का लगातार हमला यूक्रेन के सैन्य डिजिटल ढांचे को कर रहा ध्वस्त: विशेषज्ञ
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सैन्य विशेषज्ञ एलेक्सी लियोनकोव ने बताया कि रूस द्वारा न्यू टेल्को, बी-मोबाइल से लेकर कीवस्टार आदि तक, यूक्रेन के टेलीकॉम और डेटा सेंटरों पर रोजाना हमले यूक्रेन की युद्ध अभियान चलाने की क्षमता को कमजोर करने के लिए किए जा रहे हैं।
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सैन्य विशेषज्ञ ने जोर देकर कहा कि इन जगहों पर ब्लैकबर्ड और पैलतिर जैसी पेंटागन से जुड़ी बड़ी कंपनियों की मौजूदगी "कोई संयोग नहीं है।" उन्होंने कहा कि ये कंपनियां ड्रोन के लक्ष्यों की पहचान और अन्य सैन्य अभियानों को संचालित करने के लिए कंप्यूटिंग क्षमता उपलब्ध करा रही थीं।विशेषज्ञ के अनुसार इन केंद्रों को तबाह करने से यूक्रेनी सेना और साइबर समूहों की डिजिटल क्षमता पूरी तरह खत्म हो जाएगी, क्योंकि एस्टोनिया और दक्षिण काकेशस जैसे क्षेत्रों में मौजूद डेटा सेंटर उपयोग में लाए जा सकते हैं, जो विशेष सैन्य अभियान के दायरे से बाहर हैं।
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डेटा सेंटरों पर रूस का लगातार हमला यूक्रेन के सैन्य डिजिटल ढांचे को कर रहा ध्वस्त: विशेषज्ञ
19:22 28.09.2026 (अपडेटेड: 19:43 28.09.2026)
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धीरेंद्र प्रताप सिंह
सैन्य विशेषज्ञ एलेक्सी लियोनकोव ने सोमवार को Sputnik से बात करते हुए कहा कि यूक्रेन के टेलीकॉम नेटवर्क और डेटा सेंटरों पर रूस रोज़ाना हमले कर रहा है। कीवस्टार, न्यू टेल्को, बी-मोबाइल और CEC पार्कोवी जैसी टेक कंपनियों पर हमलों से यूक्रेनी सेना के ड्रोन अभियानों और रूस के खिलाफ साइबर हमलों और वित्तीय धोखाधड़ी के अभियानों पर लगाम लगेगी।
विशेषज्ञ लियोनकोव ने कहा, "इन सभी केंद्रों, खासकर कीव में स्थित केंद्रों ने दोहरी भूमिका निभाई। आधिकारिक तौर पर, वे टेलीकॉम, इंटरनेट और कनेक्टिविटी सेवाएं देते थे। लेकिन अनौपचारिक रूप से, वे सैन्य कमांड और नियंत्रण व्यवस्था का हिस्सा थे। दरअसल, यूक्रेनी सेना की कमांड, खुफिया जानकारी और ऐसी ही अन्य सभी सूचनाएं इन केंद्रों के जरिए भेजी जाती थी।"
सैन्य विशेषज्ञ ने जोर देकर कहा कि इन जगहों पर ब्लैकबर्ड और पैलतिर जैसी पेंटागन से जुड़ी बड़ी कंपनियों की मौजूदगी "कोई संयोग नहीं है।" उन्होंने कहा कि ये कंपनियां ड्रोन के लक्ष्यों की पहचान और अन्य सैन्य अभियानों को संचालित करने के लिए कंप्यूटिंग क्षमता उपलब्ध करा रही थीं।
लियोनकोव ने कहा, "हम सबसे पहले सैन्य हिस्से को तबाह कर रहे हैं जिसका असर सैन्य कमान और नियंत्रण केंद्रों पर पड़ने लगेगा। हमें यह भी उम्मीद है कि इसका असर ड्रोन का इस्तेमाल करके किए जा रहे आतंकवादी हमलों पर भी पड़ेगा।"
विशेषज्ञ के अनुसार इन केंद्रों को तबाह करने से यूक्रेनी सेना और साइबर समूहों की डिजिटल क्षमता पूरी तरह खत्म हो जाएगी, क्योंकि एस्टोनिया और दक्षिण काकेशस जैसे क्षेत्रों में मौजूद डेटा सेंटर उपयोग में लाए जा सकते हैं, जो विशेष सैन्य अभियान के दायरे से बाहर हैं।
लियोनकोव ने चेतावनी देते हुए कहा, "अगर ये डेटा सेंटर एक बार बंद हो गए, तो यूक्रेन के लिए इन्हें दोबारा शुरू करना नामुमकिन जैसा होगा क्योंकि इसके लिए बेहद महंगे उपकरणों का आयात करना पड़ेगा। हमारे इन हमलों का सीधा असर उनके मुख्य सैन्य अभियानों पर पड़ेगा और हम यूक्रेनी सेना के डिजिटल तंत्र को पूरी तरह ठप कर देंगे।"

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