North Korea Missile Test: उत्तर कोरिया ने एक बार फिर मिसाइल परीक्षण कर पूरे पूर्वी एशिया में हलचल मचा दी है. दक्षिण कोरिया की सेना के मुताबिक शनिवार को उत्तर कोरिया ने अपने पूर्वी तट से समुद्र की तरफ एक बैलिस्टिक मिसाइल दागी, जिसके बाद जापान ने तुरंत आपातकालीन चेतावनी जारी कर दी. इस घटना के बाद पूरी दुनिया की नजर उत्तर कोरिया की तरफ है. बता दें उत्तर और दक्षिण कोरिया में सालों से दुश्मनी चली आ रही है और दोनों देशों के बीच अक्सर तनाव बना रहता है.
यह मिसाइल कहां से और कितनी दूर तक दागी गई?
दक्षिण कोरिया की संयुक्त सेना प्रमुख कार्यालय के मुताबिक यह मिसाइल उत्तर कोरिया के पूर्वी तटीय शहर वोनसान से दागी गई थी. बताया जा रहा कि मिसाइल ने करीब 700 किलोमीटर तक की दूरी तय की है. दक्षिण कोरिया और अमेरिकी सैन्य बलों ने इस पूरी घटना पर करीबी नजर रखी थी. फिलहाल इसे केवल उत्तर कोरिया का अपनी सैन्य बल प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है.
जापान ने क्या प्रतिक्रिया दी?
जापानी मीडिया के मुताबिक मिसाइल प्रक्षेपण के तुरंत बाद जापान सरकार ने आपातकालीन चेतावनी जारी करते हुए कहा कि उत्तर कोरिया ने संदिग्ध बैलिस्टिक मिसाइल का प्रक्षेपण किया है. बता दें जापानी प्रशासन ने स्थानीय लोगों को सतर्क रहने और किसी भी मलबे से बचाव को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी है. जिसके बाद जापान में आम लोगों में अफरा-तफरी का माहौल है. यहां लॉकडाउन की आशंका में दुकानों पर भीड़ देखी जा रही है.
North Korea test-fires missiles amid tensions over blasts across the border https://t.co/1HQfK4gNy8pic.twitter.com/jgFIzhJoz5
— New York Post (@nypost) October 3, 2026
यह परीक्षण ऐसे समय में क्यों हुआ है?
अमेरिकी मीडिया के मुताबिक यह मिसाइल परीक्षण उत्तर और दक्षिण कोरिया के बीच बढ़ते तनाव के बीच हुआ है. हाल ही में सीमा पर हुए बारूदी सुरंग विस्फोटों में तीन दक्षिण कोरियाई सैनिक घायल हो गए थे. दक्षिण कोरिया और अमेरिका के नेतृत्व वाले संयुक्त राष्ट्र कमान का आरोप है कि ये बारूदी सुरंगें सैन्य सीमांकन रेखा के दक्षिण में उत्तर कोरिया की तरफ से बिछाई गई थीं, जबकि उत्तर कोरिया ने इस आरोप को सिरे से खारिज करते हुए दक्षिण कोरिया पर साजिश रचने का जवाबी आरोप लगाया है.
किम जोंग उन की बहन का इसमें क्या रोल है?
मिसाइल दागे जाने से ठीक एक दिन पहले उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन की प्रभावशाली बहन किम यो जोंग ने दक्षिण कोरिया की उस मांग का कड़ा मजाक उड़ाया था. एक रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने दक्षिण कोरिया से बारूदी सुरंग विस्फोटों को लेकर माफी मांगने को कहा था. जबकि दक्षिण कोरिया ने उनकी इस मांग को पूरी तरह बेतुका बताते हुए कहा था कि उत्तर कोरिया अब दक्षिण के साथ संबंध पूरी तरह खत्म करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहता है.
क्या उत्तर कोरिया पहले भी ऐसे परीक्षण करता रहा है?
बीते कुछ हफ्तों में उत्तर कोरिया ने हाइपरसोनिक मिसाइल प्रणाली के परीक्षण, लाइव-फायर सैन्य अभ्यास और एक नए युद्धपोत को सेना में शामिल करने जैसी कई सैन्य गतिविधियां की हैं. यह ताजा परीक्षण इसी सिलसिले की एक और कड़ी माना जा रहा है. इन परीक्षणों से दुनिया भर में हलचल है. सूत्रों की मानें तो अमेरिका समेत कुछ देशों दूतावास अधिकारियों ने इस बारे में उत्तर कोरिया प्रशासन से बात भी की है.
उत्तर कोरिया ने इस साल अब तक कितने मिसाइल परीक्षण किए हैं?
एक रिपोर्ट के मुताबिक साल 2026 में अब तक उत्तर कोरिया कई बार मिसाइल दाग चुका है. जनवरी में जापान सागर के ऊपर से बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया गया था. मार्च में सुनान से एक साथ 10 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गई थीं. इसके अलावा अप्रैल, मई, अगस्त और सितंबर में भी अलग-अलग मौकों पर मिसाइल और प्रक्षेपास्त्र परीक्षण होते रहे हैं.
Instruction by the Prime Minister in Response to the Suspected Ballistic Missile Launch by North Korea (06:40) pic.twitter.com/mRScHFlYTg
— PM's Office of Japan (@JPN_PMO) October 2, 2026
उत्तर कोरिया अपनी मिसाइलों को इतना खतरनाक क्यों मानता है?
उत्तर कोरिया पिछले कुछ सालों में लगातार नई तरह की मिसाइलें विकसित करता रहा है, जिनमें हाइपरसोनिक गति वाली मिसाइलें भी शामिल हैं. विशेषज्ञों के मुताबिक इनमें से कई मिसाइलों को खासतौर पर दक्षिण कोरिया की मिसाइल डिफेंस प्रणाली को चकमा देने के लिए डिजाइन किया गया है, ताकि दुश्मन के रडार और सुरक्षा कवच को भेदा जा सके.
अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों का उत्तर कोरिया पर क्या असर हुआ है?
उत्तर कोरिया पहले से ही अपने परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रमों को लेकर कई अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों का सामना कर रहा है. इसके बावजूद किम जोंग उन के नेतृत्व में देश का हथियार विकास कार्यक्रम लगातार तेज गति से आगे बढ़ता रहा है और प्रतिबंधों का इस पर कोई खास असर होता नहीं दिखा है. इस सब से दुनिया के ताकतवर देश उत्तर कोरिया से दूरी बनाकर रखने में भलाई समझते हैं. कई बार अमेरिका समेत अन्य देशों के प्रतिनिधियों ने इन परमाणु कार्यक्रम को लेकर अपनी आपत्ति जताई है.
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दक्षिण कोरिया की आगे की रणनीति क्या है?
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग संयुक्त राष्ट्र में उत्तर कोरिया के चरणबद्ध परमाणु निरस्त्रीकरण की मांग उठाने की योजना बना रहे हैं. उत्तर कोरिया लगातार हथियार परीक्षण कर रहा है. वहीं, वह कूटनीतिक मोर्चे पर भी उत्तर कोरिया पर दबाव बनाने की कोशिश में जुटा है.
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