ग्राउंड रिपोर्ट

स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड, जुलाई में आवेदन, पैसे का पता नहीं:छात्रा बोली- सेमेस्टर की फीस देना है, पापा को टेंशन हो रही, कैसे जानें एप्लीकेशन स्टेटस

पटना55 मिनट पहलेलेखक: प्रणय प्रियंवद

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‘लोन के पैसे मिलने में देर होने से पापा को टेंशन हो रही है। मैंने भागलपुर DRCC से अप्लाई किया है। देर हुआ तो इस सेमेस्टर की राशि घर से भरनी पड़ेगी। मेरे कोर्स की फीस एक साल के लिए लगभग 80 हजार रुपए है।’

पटना वीमेंस कॉलेज की छात्रा सांझी शर्मा इतना कहते-कहते रुक जाती है। उसके चेहरे पर चिंता की लकीरें साफ नजर आती है। फिर कहती है, ‘पता नहीं कैसे पैसे का इंतजाम होगा।’

यह स्थिति किसी एक छात्रा की नहीं। सैकड़ों छात्र स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड के पैसे आने का इंतजार कर रहे हैं।

भास्कर ने उच्च शिक्षा की चाहत रखने वाले उन छात्रों से बात की जिन्हें यह लोन मिलने में दिक्कत हो रही है। लोन के पैसे नहीं मिलने से क्या परेशानी हो रही है? इससे कैसे बचें? पढ़िए रिपोर्ट…

उच्च शिक्षा के लिए 4 लाख रुपए लोन देती है बिहार सरकार

बिहार के छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा हासिल करने में सुविधा के लिए बिहार सरकार 4 लाख रुपए लोन देती है। पहले लड़कियों को 1% और लड़कों को 4% ब्याज के साथ कर्ज के पैसे लौटान होते थे, लेकिन अब यह लोन इन्टरेस्ट फ्री है।

अभी परेशानी यह है कि लोन चाहने वाले छात्र पिछले चार महीने से परेशान हैं। परिजन कॉलेज की फीस के पैसे जुटाने में लगे हैं। जुलाई में आवेदन देने पर भी अक्टूबर में पता नहीं है कि पैसे मिलेंगे या नहीं। दो महीने से पैसे नहीं भेजे जा रहे हैं।

अगस्त में इस लोन को सम्राट सरकार में 4 लाख से घटाकर 2 लाख किया था। विरोध बढ़ने पर सरकार बैक फुट पर आई और कहा कि पहले की तरह 4 लाख रुपए मिलेंगे।

लोन के पैसे का इंतजार कर रहे छात्र-छात्राओं की परेशानी

सांझी शर्मा ने कहा, ‘मैंने DRCC क्रेडिट लोन के लिए अप्लाई किया है। पटना वीमेंस कॉलेज से डेटा साइंस में बीएससी कर रही हूं। 15 अगस्त से पहले अप्लाई किया था। कहा गया था कि ईमेल के जरिए बताया जाएगा कि लोन अप्रूव हुआ है कि नहीं, लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं आया है।

सारा शमीम के पिता इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान चलाते हैं। वे चाहते हैं कि बेटी उच्च शिक्षा हासिल कर नौकरी करे, अपने पैर पर खड़ी हो। सारा ने कहा, ‘मैंने पटना साइंस कॉलेज के डेटा साइंस सब्जेक्ट में एडमिशन लिया है। बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड के लिए अप्लाई किया है।’

‘पहले चार लाख रुपए मिलते थे, पिछले दिनों 2 लाख रुपए किए जाने की बात सुनी थी। अब पता नहीं सरकार कितने पैसे देगी। मैंने जुलाई में आवेदन किया था। कहा गया था कि तीन माह के अंदर ईमेल पर जवाब आ जाएगा, लेकिन अभी तक नहीं आया।’

मानस्वी के पिता फोटोग्राफर हैं। वह कहती हैं, ‘डेटा साइंस से ग्रेजुएशन कर रहा हूं। पटना वीमेंस कॉलेज में एडमिशन लिया है। सितंबर की शुरुआत में स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड के लिए अप्लाई करने गई थी। सरकार ने तब तक दो लाख रुपए लोन के फैसले को वापस ले लिया था। कहा था कि चार लाख रुपए मिलेंगे।’

‘अब DRCC में डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के बाद कहा गया कि अप्लाई नहीं हो सकती। क्योंकि अभी तक डिपार्टमेंट से ऑफिसियल लेटर नहीं आया है कि चार लाख रुपए देना है। इसके बाद से मैं परेशान हूं। मेरा पहला सेमेस्टर नवंबर में खत्म हो जाएगा। नियम है कि फस्ट सेमेस्टर का फीस जब तक नहीं देंगे अपग्रेड नहीं होगा।’

अब जानिए, लोन के पैसे नहीं मिलने पर क्या कहते हैं DRCC के मैनेजर

भास्कर ने पहले पटना DRCC (District Registration-cum-Counselling Centre) जाकर बात की। यहां स्टूडेंट लोन के लिए अप्लाई करते नजर आए। आवेदन लिया जा रहा है।

मैनेजर गजेन्द्र कुमार के सामने छात्र-छात्राओं की समस्या रखी तो उन्होंने कहा, ‘जिन छात्र-छात्राओं ने आवेदन कर दिया है और कोई जवाब नहीं गया है तो वैसे स्टूडेंट को अपने आवेदन की स्थिति की जानकारी हासिल करनी चाहिए कि आवेदन कहां पर लंबित है।’

‘इसके लिए वे अपने ईमेल आईडी और पासवर्ड से रजिस्ट्रेशन नंबर डालकर जांच कर सकते हैं। इसमें कोई दिक्कत है तो DRCC हर जिले में है। पटना से हैं तो पटना DRCC का काउंटर नंबर 3 स्पेशल स्टेटस के लिए बनाया गया है। यहां बैठे कर्मी को रजिस्ट्रेशन नंबर बताएंगे तो वे स्थिति की जांच कर देंगे।

अगस्त, सितंबर में क्यों नहीं भेजे गए लोन के पैसे?

स्टूडेंट क्रेटिड कार्ड योजना के तहत 29 जुलाई 2026 को आखिरी राशि भेजी गई। इसके बाद से राशि नहीं भेजी गई है। भास्कर ने बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम लिमिटेड में संबंधित अफसर से बात की। कोई यह बताने को तैयार नहीं कि राशि भेजने में अभी देर क्यों हो रही है।

पड़ताल में भास्कर ने पाया कि रुपए की दिक्कत की वजह से राशि समय से नहीं भेजी जा रही। पूरे अगस्त माह में राशि नहीं भेजी गई, सितंबर माह भी खत्म हो गया किसी को राशि नहीं गई। रुपए की कमी के साथ ही सॉफ्टवेयर को अपडेट करने को भी देरी का कारण बताया जा रहा है। अभी स्थिति यह है कि प्रतिदिन पटना में 60 आवेदन आ रहे हैं यह कई बार प्रतिदिन 90- 100 भी हो जाते हैं।

छात्रों को कब तक मिलेंगे लोन के पैसे?

विभागीय अफसरों की मानें तो जिन छात्रों के आवेदन मंजूर कर लिए गए हैं उन्हें एक से डेढ़ सप्ताह में लोन की राशि भेज दी जाएगी। इस पर तेजी से काम किया जा रहा है।

कैसे होता है स्टूडेंट क्रेटिड कार्ड के लिए आवेदन?

स्टूडेंट क्रेटिड कार्ड योजना के तहत लोन पाने के लिए ऑन लाइन आवेदन कर सकते हैं। पटना DRCC में इसके लिए चार काउंटर हैं। यहां आवेदन करने के बाद फ्री प्रिंट आउट देने की व्यवस्था है। प्रिंट आउट लेकर ‘मे आई हेल्प यू’ काउंटर पर जाना होता है।

जहां टोकन नंबर दिया जाता है। काउंटर पर वेरिफिकेशन कर कागजात स्कैन कर अपलोड किया जाता है। इसे सहायक प्रबंधन योजना चेक करते हैं। सॉफ्ट और हार्ड दोनों तरह की कॉपी चेक की जाती है। सही पाए जाने पर थर्ड पार्टी वेरिफिकेशन एंजेसी के पास भेजा जाता है। यह प्राइवेट एजेंसी है।

देश में नॉर्थ और साउथ के इन्सटीच्यूट के लिए और बिहार के लिए अलग व्यवस्था है। यानी एजेंसी तीन जोन में है। एजेंसी इसकी पड़ताल करती है कि स्टूडेंट कॉलेज में पढ़ रहा है कि नहीं, उसे हॉस्टल मिला है कि नहीं। इससे जुड़ी रिपोर्ट प्रिंसिपल से भी ली जाती है और फिर एजेंसी अपनी रिपोर्ट तैयार कर अपलोड करती है। थर्ड पार्टी वेरिफिकेशन की रिपोर्ट एक माह में दे देनी होती है।

2016 में शुरू हुई थी स्टूडेंट क्रेटिड कार्ड योजना

स्टूडेंट क्रेटिड कार्ड योजना 2016 में शुरू हुई थी, तब चार लाख रुपए मिलते थे। बैंक द्वारा इस योजना को एक साल तक चलाया गया। 2018 में बिहार शिक्षा वित्त निगम बनाया गया। 2026 में जब कम बच्चे अप्लाई करते थे तब 15 से 30 दिनों में लोन मिल जाता था। अब कम से कम दो माह लग जा रहे हैं।

अभी पटना जैसे सेंटर में एक दिन में 100 तक आवेदन आ जाते हैं। आम तौर पर 60 के आसपास आते हैं। एजेंसी के सत्यापन के बाद सहायक प्रबंधक को ऑनलाइन रिपोर्ट देते हैं। सहायक प्रबंधक जांच कर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी शिक्षा को भेजते हैं।

बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम को स्वीकृति प्रदान करते हुए इसे भेजा जाता है। कब-कब फीस जाना है इसे बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम के सहायक प्रबंधक योजना तय करते हैं। अब यह आवेदन DRCC मैनेजर के पास आता है और अंतिम स्वीकृति बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम के पास जाता है। इसके बाद स्विकृति पत्र छात्र के ईमेल आईडी पर जाता है।

इसके बाद स्टूडेंट को 100 रुपए का स्टांप पेपर लेकर अभिभावक के साथ DRCC आना होगा। सहायक प्रबंधक योजना के साथ एग्रीमेंट होगा। एग्रीमेंट अपलोड कर मुख्यालय के पास भेजा जाएगा। इतनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद बैंक के माध्यम से राशि स्टूडेंट के खाते में चली जाएगी। दूसरी किस्त के लिए फर्स्ट ईयर का रिजल्ट अपलोड करना होगा और कॉलेज का डिमांड लेटर या बोनाफाइड सर्टिफिकेट देना होगा। यह इसलिए किया जाता है कि आगे विवाद नहीं हो।

छात्रों को कितने पैसे मिलते हैं?

चार लाख रुपए के अंदर स्टूडेंट को पांच तरह की राशि दी जाती है। इसमें कॉलेज फीस, हॉस्टल फीस, लीविंग स्पेंशन (हॉस्टल से बाहर रह रहे हैं तो), स्टेशनरी राशि, लैपटॉप की राशि शामिल हैं।

अगर चार लाख रुपए सिर्फ फीस हो गया तो सिर्फ फीस ही मिलेगी। फीस कम है तो बाकी खर्च के लिए पैसे मिलेंगे। शहरों को ग्रेड में बांटा गया है। उसी अनुसार लीविंग स्पेंशन की राशि दी जाती है। इसमें हर महीने 3 से 5 हजार रुपए मिलते हैं।

स्टेशनरी के लिए 10 हजार रुपए प्रतिवर्ष देने की व्यवस्था है। लैपटॉप के लिए 35 हजार रुपए मिलते हैं। कॉलेज और हॉस्टल की फीस कॉलेज भेज दी जाती है। बाकी राशि स्टूडेंट के बैंक एकाउंट में जाती है।

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