'को-पायलट ने नमाज के बहाने कुल्हाड़ी मारी',भारतीय कैप्टन स्मित ने किया नया खुलासा, कॉकपिट का सच भी आय सामने

Time Published: Sunday, October 4, 2026, 10:32 [IST]

दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में 34,000 फीट की ऊंचाई पर हुए खौफनाक हादसे को लेकर भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर ने सबसे बड़ा खुलासा किया है। 174 जिंदगियां बचाने वाले जांबाज कैप्टन स्मित ने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर करीब 6 मिनट बात की।

कॉकपिट के भीतर की खौफनाक आपबीती सुनाते हुए कैप्टन स्मित ने बताया कि ओमानी को-पायलट ने नमाज पढ़ने के बहाने उन पर पीछे से कॉकपिट की इमरजेंसी कुल्हाड़ी (Crash Axe) से ताबड़तोड़ वार किए थे।

Captain Smit Machchhar

'पहले लगा विमान में खराबी आई है, फिर समझ आया पीछे से हमला हुआ है'

इजराइली पीएम नेतन्याहू से बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित ने घटना की एक-एक बारीकी साझा की। कैप्टन स्मित से जब पीएम नेतन्याहू ने पूछा कि आखिर ये सब कैसे हुआ, मुझे बताइए? तो कैप्टन स्मित बोले,

"फ्लाइट बिल्कुल नॉर्मल चल रही थी। तभी को-पायलट ने कहा कि वह प्रेयर (नमाज) करना चाहता है। local क्रू मेंबर्स के लिए यह आम बात है, इसलिए मुझे कुछ अजीब नहीं लगा। वह मेरे पीछे बैठकर नमाज पढ़ने लगा। पेशेवर सम्मान के नाते मैं आगे देखता रहा। लेकिन करीब 4-5 मिनट बाद सिर के पीछे एक जोरदार धमाका सा हुआ। शुरुआत में मुझे लगा कि प्लेन में कोई बड़ा स्ट्रक्चरल डैमेज हुआ है। लेकिन जब एक के बाद एक वार होते रहे, तब मुझे समझ आ गया कि विमान खराब नहीं हुआ है, बल्कि कॉकपिट में मेरे साथ मौजूद शख्स ही मुझ पर हमला कर रहा है।"

लगातार वार से कैप्टन स्मित का सिर चकराने लगा और आंखों के आगे धुंधलापन छा गया। इसी बीच प्लेन तेजी से नीचे की तरफ गोता लगाने लगा।

Captain Smit Machchhar

खून से लथपथ कैप्टन स्मित ने कैसे खोला कॉकपिट का दरवाजा?

नेतन्याहू ने जब पूछा कि बाहर मौजूद क्रू के लॉक न खोल पाने के बावजूद आपने अंदर से दरवाजा कैसे खोला, तो कैप्टन ने बताया कि कॉकपिट के दरवाजे में अंदर और बाहर के लिए अलग-अलग सिस्टम होता है। कैप्टन स्मित ने कहा,

"बाहर से दरवाजा सिर्फ सुरक्षा कोड के जरिए ही खुल सकता है। मेरे साथी बाहर से कोड डाल रहे थे, लेकिन हमलावर उन्हें अंदर नहीं आने दे रहा था। अंदर से दरवाजा खोलने के लिए किसी कोड की जरूरत नहीं होती, बस एक सिंपल नॉब को घुमाना पड़ता है। फर्श पर पड़े होने के बावजूद मेरे अंदर एक आखिरी जंग बाकी थी। मुझे लगा कि अगर मैंने अभी दरवाजा नहीं खोला तो मैं मारा जाऊंगा। मैंने अपनी पूरी ताकत समेटकर हाथ बढ़ाया, जैसे ही नॉब पर हाथ पहुंचा, मैंने उसे घुमा दिया और दरवाजा खुल गया।"

इजराइली पीएम ने दिया आजादी के दिन 'मशाल प्रज्वलित' करने का न्योता

नेतन्याहू ने कैप्टन की सूझबूझ और अदम्य साहस की तारीफ करते हुए कहा कि आपने न सिर्फ 174 लोगों को बचाया, बल्कि दुनिया को दिखाया कि कैसे एक बहादुर पायलट और यात्री मिलकर बुराई को हरा सकते हैं। नेतन्याहू ने कहा,

"आप इजराइल, भारत और पूरी दुनिया के सच्चे हीरो हैं। मैं आपको और मेरे खास दोस्त पीएम नरेंद्र मोदी को इजराइल के स्वतंत्रता दिवस पर मुख्य समारोह में मशाल प्रज्वलित करने के लिए आमंत्रित करता हूं। यह सम्मान आमतौर पर सिर्फ इजराइली नागरिकों को दिया जाता है, लेकिन पूरा इजराइल आपको अपने परिवार की तरह गले लगाता है।"

इससे पहले भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कैप्टन स्मित से करीब 9 मिनट वीडियो कॉल पर बात कर उनका हाल-चाल जाना था। तब कैप्टन ने बताया था कि मुश्किल वक्त में वह हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे थे और ईश्वर ने ही सबकी रक्षा की।

कौन है हमलावर को-पायलट और क्या थी उसकी साजिश?

जांच एजेंसियों के मुताबिक हमलावर की पहचान ओमान के नागरिक हमाम अल-हमामी के रूप में हुई है। वह लंबे समय तक सीरिया में रहा था और अल-कायदा जैसी कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित था। साल 2024 में उसे ओमान की नेशनल एयरलाइन में पायलट ट्रेनिंग से हटाकर दूसरी जिम्मेदारी दी गई थी। वह करीब 8 महीने पहले ही फ्लाईदुबई से जुड़ा था।

ओमान और इजराइल के बीच कूटनीतिक संबंध न होने के बावजूद उसे तेल अवीव की फ्लाइट में ड्यूटी कैसे मिली, इसकी जांच इजराइल की मोसाद, शिन बेट और यूएई की एजेंसियां मिलकर कर रही हैं। शुरुआती पूछताछ में आरोपी के सामान से फिलिस्तीन समर्थक पर्चे मिले हैं और उसने विमान को इजराइल में क्रैश करने की अपनी साजिश की बात कबूली है।