उत्तर प्रदेश सरकार की 'एक जनपद-एक व्यंजन' (ODOP Cuisine) पहल के तहत चित्रकूट के प्रसिद्ध मावा (खोया) को नई पहचान दिलाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. वर्षों से अपनी गुणवत्ता और स्वाद के लिए मशहूर चित्रकूट का मावा अब केवल स्थानीय बाजार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की तैयारी की जा रही है.
इसी उद्देश्य से सरकार ने 'एक जनपद-एक व्यंजन वित्त पोषण सहायता योजना' के तहत मावा आधारित उद्योगों और उद्यमियों को आर्थिक सहयोग देने का फैसला किया है. इस योजना का लाभ जिले के मौजूदा कारोबारियों के साथ-साथ नए उद्यमी भी उठा सकेंगे.
नई इकाइयों को मिलेगा वित्तीय सहयोग
सरकार की इस योजना का मुख्य उद्देश्य मावा आधारित उद्योगों को बढ़ावा देना, नए रोजगार के अवसर पैदा करना और स्थानीय उत्पाद को बड़े बाजार तक पहुंचाना है. इसके तहत मावा उत्पादन, प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और विपणन से जुड़े उद्योगों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी.
इससे जिले में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को नई गति मिलने के साथ-साथ स्थानीय किसानों और डेयरी व्यवसाय से जुड़े लोगों को भी अप्रत्यक्ष लाभ मिलने की उम्मीद है.
कितना मिलेगा अनुदान?
योजना के तहत परियोजना की लागत के अनुसार अलग-अलग स्तर पर अनुदान दिया जाएगा.
- 25 लाख रुपये तक की परियोजना पर कुल लागत का 25 प्रतिशत, अधिकतम 6.25 लाख रुपये तक की सहायता मिलेगी.
- 25 लाख से 50 लाख रुपये की परियोजना पर 20 प्रतिशत या अधिकतम 6.25 लाख रुपये का अनुदान दिया जाएगा.
- 50 लाख से 1.50 करोड़ रुपये तक की परियोजना पर 10 प्रतिशत या अधिकतम 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी.
इस वित्तीय सहयोग का उद्देश्य उद्यमियों पर शुरुआती निवेश का बोझ कम करना और उन्हें आधुनिक तकनीक के साथ कारोबार शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करना है.
ऑनलाइन आवेदन की सुविधा
चित्रकूट के उप आयुक्त उद्योग चंद्र प्रकाश पटेल के अनुसार, इस योजना के माध्यम से मावा आधारित उद्योग, व्यवसाय और नई उत्पादन इकाइयों को स्थापित करने के लिए सहायता उपलब्ध कराई जाएगी.
उन्होंने बताया कि इच्छुक उद्यमी एमएसएमई विभाग के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं. आवेदन के दौरान आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे, जिसके बाद पात्रता के आधार पर लाभ दिया जाएगा.
सरकार ने पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन रखा है ताकि आवेदन पारदर्शी और आसान तरीके से पूरे किए जा सकें.
कौन उठा सकता है योजना का लाभ?
योजना का लाभ लेने के लिए कुछ आवश्यक पात्रता शर्तें निर्धारित की गई हैं.
- आवेदक की आयु कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए.
- किसी विशेष शैक्षणिक योग्यता की अनिवार्यता नहीं है.
- आवेदक ने पहले केंद्र या राज्य सरकार की किसी अन्य स्वरोजगार योजना का लाभ नहीं लिया होना चाहिए.
- पात्रता संबंधी शपथ पत्र जमा करना अनिवार्य होगा.
इन शर्तों का पालन करने वाले नए और पुराने दोनों उद्यमी इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं.
इन दस्तावेजों की होगी जरूरत
ऑनलाइन आवेदन करते समय सामान्य दस्तावेजों के साथ पात्रता संबंधी प्रमाण भी प्रस्तुत करने होंगे. यदि आवेदक अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, महिला, दिव्यांगजन या ट्रांसजेंडर श्रेणी से संबंधित हैं, तो सक्षम अधिकारी द्वारा जारी प्रमाण पत्र भी आवेदन के साथ अपलोड करना होगा.
योजना से जुड़ी विस्तृत जानकारी और तकनीकी सहायता के लिए आवेदक जिला उद्योग कार्यालय से भी संपर्क कर सकते हैं.
स्थानीय उद्योग को मिलेगा बड़ा बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि इस योजना से चित्रकूट के पारंपरिक मावा उद्योग को नई ऊर्जा मिलेगी. आधुनिक उत्पादन, बेहतर पैकेजिंग और सरकारी आर्थिक सहयोग के जरिए स्थानीय उत्पाद की बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी. साथ ही, इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और जिले की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी. यदि योजना का प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन हुआ, तो चित्रकूट का मावा देश ही नहीं, बल्कि विदेशों के बाजारों में भी अपनी अलग पहचान बना सकता है.
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