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नौकरी का झांसा देकर ठगी करने वाला गिरोह गिरफ्तार:हरदोई पुलिस ने दो शातिरों को एमपी से किया गिरफ्तार, विदेश से संचालित हो रहे थे इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप

शाहनवाज खान | हरदोई5 घंटे पहले

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हरदोई की साइबर पुलिस ने विदेश में नौकरी का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक अंतरराष्ट्रीय साइबर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के दो शातिर सदस्यों को मध्य प्रदेश के मुरैना जिले से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। अभियुक्तों के कब्जे से 6 मोबाइल फोन और 35,670 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। पुलिस ने यह जानकारी शनिवार की शाम 6:55 पर दी है।

ठगी का यह पूरा मामला 20 नवंबर2025 को शुरू हुआ, जब मल्लावां के लाला बाजार निवासी मशहूद अली अंसारी ने साइबर थाने में प्रार्थना पत्र दिया। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया के जरिए उनकी पहचान मो. उमर और मो. अली नाम के व्यक्तियों से हुई थी। दोनों ने विदेश में नौकरी दिलाने का लालच देकर उनसे 19,16,000 रुपये ऐंठ लिए। विश्वास जीतने के लिए आरोपियों ने पीड़ित का पासपोर्ट कूरियर से तेलंगाना भी मंगवाया था, जिसे पुलिस ने बाद में बरामद कर वादी को सौंप दिया।

मामले की विवेचना के दौरान चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। ठगी में इस्तेमाल की गई इंस्टाग्राम आईडी और व्हाट्सएप नंबर विदेश से संचालित हो रहे थे। वादी से ठगा गया पैसा देश के विभिन्न राज्यों (भोपाल, आगरा, फिरोजाबाद, बिहार, महाराष्ट्र) के फर्जी बैंक खातों (म्यूल अकाउंट्स) में भेजा गया था। जांच में पता चला कि कुल ठगी का लगभग 15लाख रुपये अकेले फिरोजाबाद जिले से एटीएम और चेकों के जरिए निकाला गया था।

2 से 3 हजार रुपये कमीशन दिया जाता था

फिरोजाबाद के संदिग्धों की तलाश में जुटी हरदोई साइबर टीम को सुराग मिला कि आरोपी मध्य प्रदेश में छिपे हैं। 9 अक्टूबर को पुलिस ने मुरैना से दो मुख्य अभियुक्तों—आदिल (निवासी हाजीपुरा, फिरोजाबाद) और योगराज उर्फ जोनी (निवासी सुल्तानगंज, आगरा)—को दबोच लिया। गहन पूछताछ में पता चला कि इस गिरोह के खिलाफ मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले (थाना शामगढ़) में भी मुकदमा दर्ज है, जहां 8 आरोपी पहले ही पकड़े जा चुके हैं।

साइबर प्रभारी राजेश कुमार ने बताया कि यह गिरोह देश-विदेश से संचालित फर्जी विज्ञापनों के जरिए लोगों को लुभावने अवसर देकर फंसाता था। खातों का इस्तेमाल करने के एवज में मूल खाताधारक को 2 से 3 हजार रुपये या कुछ प्रतिशत कमीशन दिया जाता था।

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