By: Shailendra Dixit | Updated Date: Tue, 13 Oct 2026 22:03:43 (IST)
नई दिल्ली(इंटरनेट डेस्क): मिडिल ईस्ट वॉर के बीच जहां दुनिया की कई बड़ी इकॉनमी आर्थिक मोर्चे पर संघर्ष कर रही हैं। वहीं, भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आइएमएफ) ने कहा है कि घरेलू स्तर पर महंगाई बढ़ने की आशंका और शेयर बाजार में भारी अस्थिरता के बावजूद भारत वर्ष 2026 और वर्ष 2027 में दुनिया की सबसे तेज गति से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बना रहेगा। आइएमएफ ने कहा है कि वर्ष 2026 और वर्ष 2027 में भारत की सालाना आर्थिक विकास दर सात परसेंट रहेगी। वहीं, दूसरी ओर पीएम नरेंद्र मोदी ने भी मंगलवार को ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में दुनिया को भारतीय उपलब्धियों से सीख लेकर विकास का रास्ता दिखाया। आईएमएफ ने भारत के आर्थिक विकास दर के अपने अनुमान को ऊपर की ओर संशोधित (पहले के मुकाबले 0.4 परसेंट ज्यादा) किया है। इसके पहले आरबीआइ, विश्व बैंक, मूडीज, एसएंडपी जैसी प्रतिष्ठित एजेंसियों ने भी भारत की सालाना विकास दर के अनुमान को पहले के मुकाबले बेहतर कर चुकी हैं।
दुनिया को भारत से तेज ग्रोथ की उम्मीद
7.8 परसेंट जीडीपी ग्रोथ रही जून तिमाही में
7.1 परसेंट ग्रोथ का अनुमान आरबीआई ने लगाया 2026-27 के लिए
6.6 परसेंट से बढ़ाकर 7.1 परसेंट जीडीपी ग्रोथ का अनुमान वर्ल्ड बैंक ने लगाया
ग्लोबल जीडीपी
2025 के 3.5 परसेंट से घटकर 2026 में 3.1 परसेंट रहने का अनुमान लगाया है।
2027 में 3.4 परसेंट पर वापसी का अनुमान आईएमएफ ने लगाया गया है।
क्या है भारत की विकास दर बढ़ने की वजह?
कई देशों से ट्रेड डील: आइएमएफ ने यह भी कहा है कि भारत कई देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौता कर रहा है जैसे यूरोपीय संघ, ब्रिटेन आदि, इससे भी इसकी इकोनमी को लाभ हो रहा है।
सर्विस सेक्टर में ग्रोथ:देश में लोगों की ओर से सामान और सेवाएं खरीदने की मांग मजबूत बनी हुई है। सेवा क्षेत्र में भी अच्छी गतिविधियां हो रही हैं।
बड़ा डोमेस्टिक मार्केट: भारत का बड़ा घरेलू बाजार, आबादी की अनुकूल स्थिति और आर्थिक सुधार भी विकास को बढ़ावा दे रहे हैं।
मिडिल ईस्ट वॉर के बीच बेहतर परफॉर्मेंस: आईएमएफ की रिपोर्ट में कहा गया कि होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल आपूर्ति का विकल्प तलाशने और रणनीतिक ऊर्जा भंडारों के इस्तेमाल ने कीमतों को ज्यादा बेलगाम नहीं होने दिया।