दशहरा-दिवाली से पहले रेलवे कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले? आज कैबिनेट में बोनस पर लग सकती है मुहर...

Railway Employees Bonus 2026: रेलवे कर्मचारी एसोसिएशनों के मुताबिक मासिक वेतन की तय सीमा को बोनस के दिनों से गुणा किया जाता है और फिर 30.4 से भाग दे दिया जाता है. इसी हिसाब से 7,000 रुपये की सीमा और 78 दिनों पर अधिकतम राशि करीब 17,951 रुपये बैठती है.

Published byAmit Kasana

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Railway Employees Bonus 2026: रेलवे कर्मचारी एसोसिएशनों के मुताबिक मासिक वेतन की तय सीमा को बोनस के दिनों से गुणा किया जाता है और फिर 30.4 से भाग दे दिया जाता है. इसी हिसाब से 7,000 रुपये की सीमा और 78 दिनों पर अधिकतम राशि करीब 17,951 रुपये बैठती है.

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सांकेतिक तस्वीर Photograph: (File Photo)

त्योहारी सीजन से ठीक पहले रेलवे कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर आने की उम्मीद जताई जा रही है. सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि केंद्रीय कैबिनेट की बुधवार को होने वाली बैठक में रेलवे कर्मचारियों के लिए उत्पादकता आधारित बोनस यानी पीएलबी (प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस) के प्रस्ताव पर विचार हो सकता है. बताया जा रहा है कि इस पर करीब 1,900 करोड़ रुपये का खर्च आ सकता है.

कैबिनेट की बैठक कब है और क्या एजेंडा बताया जा रहा है?

सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय कैबिनेट की बैठक 14 अक्टूबर को सुबह 11 बजे होनी है। एक रिपोर्ट के अनुसार इसमें तीन अहम प्रस्ताव आ सकते हैं. पहला, वित्त वर्ष 2025-26 के लिए रेलवे कर्मचारियों का उत्पादकता आधारित बोनस है. दूसरा, राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) को 2026-27 से 2030-31 तक पांच साल के लिए आगे बढ़ाना और तीसरा, सेबी और ब्रिटेन के बीच एक समझौता ज्ञापन है.

— AISMA (@aismair1953) October 9, 2026

क्या बोनस पर फैसला पक्का हो चुका है?

जानकारी के मुताबिक फिलहाल यह सिर्फ अनुमान और सूत्रों की जानकारी पर आधारित है. कैबिनेट में किसी प्रस्ताव पर चर्चा होने का मतलब यह नहीं कि उसे मंजूरी मिल ही गई है और न ही यह रकम की अंतिम पुष्टि है. अंतिम फैसला बैठक के बाद सरकार की आधिकारिक घोषणा से ही साफ होगा.

फिलहाल कितना बोनस मिलता है?

अभी की व्यवस्था में पात्र नॉन-गजटेड रेलवे कर्मचारियों को अधिकतम 17,951 रुपये का बोनस मिलता है. इसकी गणना 7,000 रुपये प्रति माह की वेतन सीमा के आधार पर होती है. यह सीमा साल 2014-15 से लागू बताई जाती है. मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक बोनस में आमतौर पर 78 दिन के वेतन का पैटर्न देखा गया है और अगर इस बार भी यही फॉर्मूला चला तो रकम पिछले स्तर के आसपास रह सकती है.

बोनस की गणना किस फॉर्मूले से होती है?

रेलवे कर्मचारी एसोसिएशनों के मुताबिक मासिक वेतन की तय सीमा को बोनस के दिनों से गुणा किया जाता है और फिर 30.4 से भाग दे दिया जाता है. इसी हिसाब से 7,000 रुपये की सीमा और 78 दिनों पर अधिकतम राशि करीब 17,951 रुपये बैठती है.

किन कर्मचारियों को यह बोनस मिलता है?

यह बोनस रेलवे के गैर-राजपत्रित कर्मचारियों को मिलता है. इसमें ट्रैक मेंटेनर, लोको पायलट, ट्रेन मैनेजर, स्टेशन मास्टर, सुपरवाइजर, टेक्नीशियन, टेक्नीशियन हेल्पर और मिनिस्टीरियल स्टाफ जैसे कर्मचारी शामिल होते हैं. रेलवे सुरक्षा बल के कर्मचारी इस दायरे से बाहर रहते हैं. कुल लाभार्थियों की संख्या लाखों में होती है.

कर्मचारी संगठन क्या मांग कर रहे हैं?

रिपोर्टों के मुताबिक रेलवे कर्मचारी संघ लंबे समय से इस बात की मांग करते रहे हैं कि 7,000 रुपये की वेतन सीमा बहुत पुरानी हो चुकी है और इसे बढ़ाया जाना चाहिए. उनका तर्क है कि इतने सालों में वेतन और महंगाई दोनों बढ़ चुके हैं इसलिए बोनस की गणना का आधार भी बदलना चाहिए.

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