पंजाब के अमृतसर में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और मेकअप आर्टिस्ट मैड संधू की हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है. पंजाब पुलिस ने मुंबई एंटी-टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) के साथ संयुक्त ऑपरेशन चलाकर आरोपी जोबनप्रीत को मुंबई से गिरफ्तार किया है. पुलिस ने उसके कब्जे से तीन पिस्तौल, पांच मैगजीन और 11 कारतूस बरामद किए हैं. 

पंजाब पुलिस के महानिदेशक (DGP) गौरव यादव ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस कार्रवाई की जानकारी दी. पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर हत्या के पीछे के नेटवर्क और उसके संपर्कों की जांच कर रही है.

पंजाब पुलिस के डीजीपी गौरव यादव के मुताबिक, शुरुआती जांच में जोबनप्रीत की कथित भूमिका हथियारों की सप्लाई, शूटरों को फंडिंग और वारदात के लिए जरूरी मदद मुहैया कराने में सामने आई है. जांचकर्ताओं को आशंका है कि वह विदेश में बैठे हैंडलर्स के निर्देश पर काम कर रहा था. 

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पुलिस के अनुसार, जोबनप्रीत ने तरनतारन जिले में जबरन वसूली से जुड़ी गोलीबारी की तीन घटनाओं में शामिल होने की बात भी कबूल की है. हालांकि, इन मामलों में उसकी भूमिका और अन्य आरोपों की पुष्टि जांच के आगे बढ़ने के साथ होगी. पुलिस अब इस नेटवर्क की आगे और पीछे की कड़ियों का पता लगाने में जुटी है.

In a major breakthrough in the Mad Sandhu murder case, Counter Intelligence, Jalandhar, in coordination with Mumbai ATS, apprehends key accused Jobanpreet from #Mumbai and recovers 3 pistols, 5 magazines and 11 cartridges. Preliminary investigation reveals his role in the movement of weapons, financing and logistical support to the shooters at the behest of foreign-based handlers. He confesses his involvement in three firing incidents linked to extortion in #TarnTaran district. Further investigation is underway to uncover the wider network and establish its backward and forward linkages. @PunjabPoliceInd remains resolute in dismantling organised crime and gangster networks, bringing perpetrators to justice and safeguarding peace, security and public safety across Punjab.

— DGP Punjab Police (@DGPPunjabPolice) October 14, 2026

3 अक्टूबर को हुई थी मैड संधू की हत्या

मैड संधू का असली नाम मधुसूदन सिंह था. 3 अक्टूबर को अमृतसर के लोहारका रोड पर दो बाइक सवार हमलावरों ने उन्हें बेहद करीब से गोली मार दी थी. वह अपनी कार धुलवाने के बाद उसे लेने के लिए गए थे, तभी हमलावरों ने उन पर फायरिंग कर दी. 

गोली लगने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई. वारदात के बाद पुलिस ने हत्या के पीछे संभावित वजहों और गैंगस्टर नेटवर्क से संबंधों समेत कई पहलुओं पर जांच शुरू की थी.

छह आरोपियों की गिरफ्तारी

हत्या की जांच के दौरान अमृतसर पुलिस ने गुजरात पुलिस के साथ संयुक्त अभियान चलाकर छह आरोपियों को गिरफ्तार किया था. इनमें कथित मुख्य शूटर परमिंदर सिंह उर्फ काका भी शामिल था. अन्य आरोपियों की पहचान अमनदीप सिंह, परमवीर सिंह, बलजिंदर सिंह उर्फ लाली, बलराज सिंह उर्फ बंटी और विकास सिंह के रूप में हुई थी. 

पुलिस के मुताबिक, इन आरोपियों की भूमिका वारदात से पहले इलाके की रेकी करने, हथियारों की व्यवस्था करने और अन्य जरूरी मदद देने में बताई गई है. जांचकर्ताओं ने आरोपियों तक पहुंचने के लिए तकनीकी सबूतों और खुफिया जानकारी का इस्तेमाल किया.

QR कोड पेमेंट से मिला था सुराग

जांच के दौरान पुलिस ने कथित मुख्य शूटर परमिंदर सिंह उर्फ काका को ट्रैक करने के लिए QR कोड से जुड़े पेमेंट की जानकारी का भी इस्तेमाल किया. पुलिस के अनुसार, परमिंदर ने अपने भाई अमनदीप से पैसे मांगे थे, जो पहले ही पुलिस की हिरासत में था. 

जांच में सामने आया कि विदेश में बैठे एक कथित गैंगस्टर नेटवर्क के जरिए भेजी गई रकम अमनदीप के खाते में पहुंची थी. आरोप है कि इस रकम का कुछ हिस्सा परमिंदर तक पहुंचाया गया. इसी वित्तीय लेनदेन और अन्य सुरागों के आधार पर पुलिस गुजरात में आरोपियों तक पहुंची.

13 अक्टूबर को दो और आरोपी गिरफ्तार

13 अक्टूबर को अमृतसर पुलिस ने गुजरात से दो और आरोपियों हरसिमरन सिंह और फतेह सिंह को गिरफ्तार किया था. दोनों तरनतारन जिले के सांघे गांव के रहने वाले बताए गए हैं. पुलिस के मुताबिक, इन दोनों ने हत्या से पहले इलाके की रेकी की थी और कथित तौर पर विदेश में बैठे हैंडलर्स के संपर्क में थे. 

इन गिरफ्तारियों के साथ इस हत्याकांड में पकड़े गए आरोपियों की संख्या आठ हो गई थी. अब मुंबई से जोबनप्रीत की गिरफ्तारी के बाद पुलिस इस मामले में हथियारों, फंडिंग और लॉजिस्टिक सपोर्ट से जुड़े कथित नेटवर्क की भी जांच कर रही है.

हत्या की वजह तलाश रही पुलिस

मैड संधू हत्याकांड में पुलिस अब तक कई आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, लेकिन हत्या के पीछे की पूरी साजिश और मकसद का पता लगाने के लिए जांच जारी है. जोबनप्रीत से बरामद तीन पिस्तौल, पांच मैगजीन और 11 कारतूस की भी जांच की जा रही है. 

पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हथियार कहां से लाए गए थे और उनका इस्तेमाल किन वारदातों में हुआ. साथ ही, कथित विदेशी हैंडलर्स और स्थानीय आरोपियों के बीच संपर्कों की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं. जांच पूरी होने के बाद ही इस हत्याकांड में हर आरोपी की भूमिका और इस नेटवर्क की सच्चाई सामने आएगी.

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