केंद्रीय मंत्री से मिलकर ज्ञापन सॉफ्टवेयर जिला प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष व प्रधान सचिव
समस्तीपुर में शिक्षक पात्रता परीक्षा(टीईटी) से पूर्व बहाल शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता को समाप्त करने की मांग को लेकर जिला प्राथमिक शिक्षक संघ का एक प्रतिनिधि मंडल केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर से मिला। इसके लिए सांसद को सवाल उठाने की मांग की। मांग
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संघ के अध्यक्ष अनंत कुमार राय एवं प्रधान सचिव अनिल कुमार ने कहा कि नि: शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम,2009 एवं संशोधित अधिनियम,2017 की नियमावली में संशोधन कर टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा)की अनिवार्यता को लागू किया गया है।
संघ की ओर से राज्यसभा सांसद एवं केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर को ज्ञापन सौंपा गया है। संघ ने माननीय मंत्री से मानसून सत्र के दौरान इस मुद्दे को संसद में उठाकर केन्द्र सरकार का ध्यान आकृष्ट कराने का आग्रह किया है।

केंद्रीय मंत्री से मिला जिला प्राथमिक शिक्षक संघ का प्रतिनिधि मंडल।
संघ के अध्यक्ष एवं प्रधान सचिव ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के हालिया निर्णय के कारण शिक्षा अधिकार अधिनियम,2009(संशोधित 2017) में संशोधन किए जाने से वर्ष 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षक शिक्षिकाओं पर भी टीईटी की अनिवार्यता लागू होने की स्थिति बन गई है।
संघ का कहना है कि यह उन शिक्षकों के साथ अन्याय है जिनकी नियुक्ति तत्कालीन सरकारी नियमों, विज्ञापनों और निर्धारित शर्तों के आधार पर हुई थी। अनेक शिक्षक तीन दशक से अधिक समय से सेवा दे रहे हैं और अब उन पर टीईटी की अनिवार्यता लागू करना न्याय के स्थापित सिद्धांतों के विपरीत है। ऐसे शिक्षकों ने सालों तक विद्यालयों में अपनी सेवा दी है और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
जिला प्राथमिक शिक्षक संघ ने मंत्री से मांग की है कि संसद में इस विषय को प्रमुखता से उठाकर केन्द्र सरकार से आर टी ई नियमावली में आवश्यक संशोधन कराने और साल 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से मुक्त अथवा शिथिलता प्रदान करने की दिशा में पहल की जाय।
दिल्ली में सांसदों के घरों का होगा घेराव
संघ के सचिव ने कहा कि अभी ज्ञापन सौंपा गया है कि सरकार इस नियम को बनाए इसके लिए दिल्ली में सभी संसदों के घरों पर "घेरा डालो डेरा डालो" कार्यकर्म की जल्द शुरूआत की जाएगी।
सरकार को हम मजबूर करेंगे कि इसको लेकर सांसद नियम बनाया जाय। जरूर हुई जंतरमंतर भी धरना प्रदर्शन किया जाएगा। जिसमें पूरे देश के नि: शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम,2009 के तहत बहाल शिक्षक शामिल होंगे।