Papankusha Ekadashi 2026: हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व है. इस दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है और भक्त सुख-समृद्धि की कामना करते हैं. आश्विन महीने के शुक्ल पक्ष में आने वाली एकादशी को पापांकुशा एकादशी कहा जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन व्रत रखने और भगवान विष्णु की पूजा करने से पापों से मुक्ति मिलती है. इस दिन दान करने से भी शुभफल मिलता है इस बार पापांकुशा एकादशी का व्रत 22 अक्टूबर 2026, गुरुवार को रखा जाएगा. आइए जानते हैं पूजा का शुभ मुहूर्त, व्रत पारण का समय और इस दिन किन बातों का ध्यान रखना चाहिए.

पापांकुशा एकादशी पर किन चीजों का करें दान?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पापांकुशा एकादशी पर अन्न, वस्त्र और धन का दान करना शुभ माना जाता है. इस दिन जरूरतमंद लोगों की मदद करना और मंदिर में दान देना भी पुण्यदायी माना जाता है. अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान करना चाहिए.

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कब है पापांकुशा एकादशी 2026?

पंचांग के अनुसार, आश्विन शुक्ल एकादशी तिथि 21 अक्टूबर को दोपहर 2 बजकर 11 मिनट पर शुरू होगी और 22 अक्टूबर को दोपहर 2 बजकर 47 मिनट तक रहेगी. उदया तिथि के अनुसार, पापांकुशा एकादशी का व्रत 22 अक्टूबर को रखा जाएगा. इस दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा करने की परंपरा है.

पापांकुशा एकादशी 2026 के शुभ मुहूर्त

इस दिन पूजा-पाठ और शुभ कार्यों के लिए ये मुहूर्त बताए गए हैं.

  • शुभ-उत्तम मुहूर्त: सुबह 6:26 बजे से 7:51 बजे तक
  • लाभ-उन्नति मुहूर्त: दोपहर 12:05 बजे से 1:30 बजे तक
  • अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:43 बजे से दोपहर 12:28 बजे तक

कब करें एकादशी व्रत का पारण?

एकादशी व्रत का पारण अगले दिन यानी द्वादशी तिथि पर किया जाता है. इस बार 23 अक्टूबर 2026 को सुबह 6:27 बजे से 8:42 बजे तक पारण का समय रहेगा. व्रत रखने वाले श्रद्धालु इस अवधि में पूजा करने के बाद व्रत खोल सकते हैं.

एकादशी पर किन बातों का रखें ध्यान?

पापांकुशा एकादशी के दिन सात्विकता और संयम का पालन करना चाहिए. धार्मिक परंपरा के अनुसार, इस दिन चावल खाने से परहेज किया जाता है. लहसुन, प्याज, मांस और मदिरा का सेवन भी नहीं करना चाहिए. इसके अलावा क्रोध, विवाद और अपशब्दों से दूर रहें. घर में साफ-सफाई बनाए रखें और भगवान विष्णु की पूजा करें. कई परंपराओं में इस दिन बाल, दाढ़ी और नाखून काटने से भी परहेज किया जाता है.