'लगा टायर फटा,फिर हार्ट अटैक की तरह दर्द',टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग में व्लॉगर को लगी गोली, अब सुनाई खौफनाक कहानी
Published: Tuesday, October 20, 2026, 16:18 [IST]
बॉलीवुड एक्टर टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग के दौरान वहां मौजूद एक व्लॉगर भी गोली का शिकार हो गया। वह एक्टर की कार के पास खड़ा होकर वीडियो बना रहा था। अचानक तेज आवाज आई तो उसे लगा कि किसी गाड़ी का टायर फट गया है। लेकिन अगले ही पल उसके सीने में तेज दर्द उठा। सांस लेने में दिक्कत होने लगी और वह मदद के लिए चिल्लाने लगा। उसे तब तक पता नहीं चला कि गोली लगी है। अस्पताल पहुंचने के बाद इस बात का पता चला।
घायल शख्स का नाम उमेश चौहान है। उत्तर प्रदेश के रहने वाले उमेश मुंबई के केईएम अस्पताल में इलाज करा रहे हैं। उन्होंने बताया कि घटना के दौरान उन्हें लगा था कि शायद उन्हें हार्ट अटैक आया है। उमेश के मुताबिक, टाइगर श्रॉफ की मां उनसे अस्पताल में मिलने आई थीं और उन्होंने हर संभव मदद का भरोसा दिया है।
कैसे लगी उमेश को गोली? टाइगर की कार के पास खड़े होकर बना रहे थे वीडियो
उमेश चौहान ने आजतक से बातचीत में बताया कि रविवार शाम वह जुहू के पुष्पा नरसी पार्क के पास फुटबॉल ग्राउंड में टाइगर श्रॉफ को देखने और उनका वीडियो बनाने पहुंचे थे। जब एक्टर अपनी कार से बाहर निकल रहे थे, तब उमेश गाड़ी के उसी तरफ खड़े थे, जहां टाइगर बैठे थे। वह शीशे के पास से वीडियो रिकॉर्ड कर रहे थे।
इसी बीच अचानक फायरिंग की आवाज आई। उमेश को पहले लगा कि किसी कार का टायर फटा है। वह कुछ समझ पाते, उससे पहले उनके सीने में तेज दर्द होने लगा। उन्होंने आसपास मौजूद लोगों से मदद मांगी। उमेश ने बताया कि दर्द इतना तेज था कि उनके लिए सांस लेना भी मुश्किल हो रहा था। मदद के लिए आवाज लगाते-लगाते वह बेहोश हो गए।
उमेश ने बताया कि उन्हें उस वक्त अंदाजा नहीं था कि उनके सीने में गोली लगी है। उन्हें लग रहा था कि शायद हार्ट अटैक आया है। पहले उन्हें जुहू के कूपर अस्पताल ले जाया गया। वहां शुरुआती जांच के बाद बेहतर इलाज के लिए उन्हें परेल के केईएम अस्पताल में शिफ्ट किया गया। यह ट्रांसफर 19 अक्टूबर की आधी रात के करीब हुआ।
सीने में गोली लगी, लेकिन दिल और फेफड़ों को नुकसान नहीं
फायरिंग में उमेश चौहान के अलावा टाइगर श्रॉफ के ड्राइवर को भी चोट आई। गोली से उमेश के लिवर को नुकसान पहुंचा है। हालांकि अस्पताल की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, गोली से उनके दिल और फेफड़ों को नुकसान नहीं हुआ है। फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई गई है।
उमेश का मामला इसलिए भी चिंता बढ़ाता है, क्योंकि वह घटना में सीधे निशाने पर नहीं थे। वह वहां सिर्फ वीडियो बना रहे थे। फायरिंग के दौरान गोली लगने से उनकी जान पर बन आई। इस घटना ने एक बार फिर दिखाया कि सार्वजनिक जगह पर हुई गोलीबारी में आसपास मौजूद आम लोग भी गंभीर खतरे में पड़ सकते हैं।
टाइगर श्रॉफ की मां अस्पताल पहुंचीं, उमेश को दिया मदद का भरोसा
उमेश चौहान ने बताया कि टाइगर श्रॉफ की मां मंगलवार (20 अक्तूबर) को उनसे मिलने अस्पताल पहुंची थीं। उन्होंने उमेश को मदद का भरोसा दिया। गोली लगने के बाद अस्पताल में भर्ती उमेश और उनके परिवार के लिए यह भरोसा राहत की बात है।
उमेश अपने परिवार का खर्च चलाने के लिए ड्राइवर और घरेलू कामगार, दोनों के तौर पर काम करते हैं। उनकी कमाई से पत्नी और छह साल के बेटे का गुजारा होता है। परिवार में जल्द ही एक और बच्चे का जन्म होने वाला है। घर में नन्हे मेहमान के स्वागत की तैयारियां चल रही थीं, लेकिन फायरिंग की घटना ने परिवार की चिंता बढ़ा दी है। उमेश के इलाज के साथ-साथ अब परिवार के सामने रोजमर्रा के खर्च और आने वाले बच्चे की जिम्मेदारी भी है।
टाइगर श्रॉफ की कार पर कैसे हुई फायरिंग?
यह घटना रविवार (18 अक्तूबर) शाम करीब सात बजे मुंबई के जुहू इलाके में हुई। टाइगर श्रॉफ फुटबॉल ग्राउंड से अपने ड्राइवर के साथ कार में निकल रहे थे। इसी दौरान मोटरसाइकिल पर आए तीन लोगों में से दो ने कथित तौर पर उनकी कार पर गोलियां चलाईं। तीसरा व्यक्ति बाइक लेकर भागने के लिए तैयार था।
फायरिंग में टाइगर श्रॉफ को गोली लगने की खबर नहीं है, लेकिन उनके ड्राइवर और वहां वीडियो बना रहे उमेश चौहान घायल हो गए। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, कार पर करीब तीन राउंड फायरिंग हुई। वहीं, पीटीआई की रिपोर्ट में पांच से छह राउंड और एएनआई की रिपोर्ट में सात राउंड गोली चलने की बात कही गई। अलग-अलग रिपोर्टों में गोलियों की संख्या अलग बताई गई है। इसलिए इसकी अंतिम पुष्टि पुलिस जांच से ही होगी।
वारदात के बाद हमलावर कथित तौर पर मोटरसाइकिल से भाग निकले। बाद में अंधेरी में एक बाइक लावारिस हालत में मिली, जिसके इस्तेमाल की जांच की गई।
कोटा में पकड़े गए तीन आरोपी, मुंबई पुलिस लेकर पहुंची
मुंबई पुलिस ने इस मामले में तीन संदिग्धों को राजस्थान के कोटा से पकड़े जाने के बाद हिरासत में लिया। पीटीआई के मुताबिक, कोटा रेलवे स्टेशन पर सोमवार सुबह पुणे-जयपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस के जनरल कोच से तीनों को पकड़ा गया था। इनमें बिहार के बेगूसराय का रहने वाला ऋतिक उर्फ रोशन, हरियाणा के सोनीपत का रहने वाला रेहान और एक नाबालिग शामिल है।
कोटा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुभाष चंद्र मिश्रा ने बताया कि अदालत से 48 घंटे की ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद मंगलवार को मुंबई पुलिस आरोपियों को सड़क के रास्ते मुंबई ले जाने के लिए रवाना हुई। पुलिस टीम रात में कोटा में रुकी थी। मिश्रा के मुताबिक, मुंबई से कोटा तक सफर के कारण टीम थकी हुई थी और रात में आगे यात्रा करना सुरक्षित नहीं था। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भी रुकने का फैसला लिया गया।
आरोपियों को कोटा के रेलवे कॉलोनी थाने में कड़ी सुरक्षा के बीच रखा गया था। मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच और राजस्थान पुलिस के जवान सुरक्षा में तैनात थे। ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद आरोपियों को मुंबई पुलिस के हवाले किया गया। राजस्थान पुलिस ने जरूरत पड़ने पर सुरक्षा सहायता देने की बात भी कही।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग से कथित कनेक्शन की जांच
रेहान कथित तौर पर अनिल पंडित के संपर्क में था, जिसे लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा बताया गया है। घटना के बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में गैंग ने हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा भी किया था। हालांकि, इस पोस्ट की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए गैंग के दावे और आरोपियों के कथित संबंधों को जांच के नतीजे आने तक आरोप के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
रिपोर्टों के मुताबिक, वारदात के बाद आरोपी कथित तौर पर सूरत पहुंचे और वहां से जयपुर जाने वाली ट्रेन में सवार हुए। बताया गया कि आगे वे बस से दिल्ली जाने और फिर नेपाल भागने की योजना बना रहे थे। पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। एएनआई के मुताबिक, केस में भारतीय न्याय संहिता की धारा 109(1) और 3(5), साथ ही आर्म्स एक्ट की धारा 3 और 25 शामिल हैं।
फिलहाल पुलिस की जांच का फोकस फायरिंग की पूरी साजिश, आरोपियों की भूमिका और कथित गैंग कनेक्शन की पुष्टि पर है। वहीं उमेश चौहान के लिए सबसे बड़ी चुनौती चोट से उबरना है। जिस घटना को उन्होंने पहले टायर फटने की आवाज समझा था, उसने उनकी और उनके परिवार की जिंदगी को अचानक मुश्किल दौर में ला खड़ा किया है।